
इंदौर
में
मेट्रो
ट्रेन
में
यात्रियों
की
संख्या
तेजी
से
घट
गई।
एक
माह
पहले
जब
इंदौर
में
मेट्रो
का
संचालन
शुरू
हुआ था
तो
अधिकतम
25
हजार
तक
एक
दिन
में
यात्रियों
ने
सफर
किया
था,
लेकिन
अब
यात्रियों
की
संख्या
500
तक
सिमट
गई
है।
इस
कारण
मेट्रो
के
संचालन
की
लागत
भी
नहीं
निकल
पा
रही
है,जबकि
मेट्रो
के
संचालन
और
स्टेशन
पर
300
से
ज्यादा
कर्मचारियों
का
स्टाॅफ
रखा
गया
है।
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सुपर
कॉरिडोर
पर
सात
किलोमीटर
लंबे
रूट
पर
मेट्रो
ट्रेन
के
संचालन
हो
रहा
है।
मेट्रो
रेल
कार्पोरेशन
ने
पहले
सप्ताह
में
सफर
मुफ्त
रखा
तो
डेढ़
लाख
से
ज्यादा
यात्रियों
ने
उसमें
सफर
किया,
लेकिन
जब
टिकट
लगने
लगे
तो
यात्रियों
की
संख्या
घट
गई।
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दरअसल
शहरवासी
मेट्रो
को
देखने
के
लिए
उसमे
सफर
कर
रहे
थे।
अभी
जिस
हिस्से
में
मेट्रो
का
संचालन
हो
रहा
है
वहां
न
तो
बसाहट
है
और
न
ही
कोई
औद्योगिक
क्षेत्र।
इस
कारण
वहां
मेट्रो
को
वास्तविक
यात्री
नहीं
मिल
रहे
है।
अभी
भी
लोग
जरुरत
के
बजाए
शौकिया
तौर
पर
मेट्रा
के
सफर
का
आनंद
लेने
जा
रहे
है।
यात्री
घटने
के
कारण
मेट्रो
रेल
कार्पोरेशन
ने
मेट्रो
ट्रेन
के
संचालन
का
समय
समय
बदला
है।
अब
ट्रेन
सुबह
दस
बजे
से
शाम
छह
बजे
तक
चलती
है।
फेरे
भी
कम
हो
गए
है।
अब
मेट्रो
ट्रेन
का
न्यूनतम
किराया
15
रुपये
है।
इसलिए
नहीं
मिल
रहे
यात्री
सुपर
काॅरिडोर
पर
टीसीएस
और
इंफोसिस
के
बड़े
कैम्पस
हैं।
उनमें
काम
करने
वाले
कर्मचारी
भी
एरोड्रम
क्षेत्र,
सुखलिया
ग्राम
या
विजय
नगर
क्षेत्र
में
रहते
हैं,
लेकिन
मेट्रो
के
मौजूदा
रूट
में
ये
इलाके
नहीं
हैं।
इस
कारण
इन
कंपनियों
के
कर्मचारियों
को
भी
मेट्रो
ट्रेन
का
ठीक
से
फायदा
नहीं
मिल
पाएगा।
यदि
मेट्रो
ट्रेन
गांधी
नगर
से
विजय
नगर
तक
संचालित
होती
है
तो
फिर
यात्री
बढ़
सकते
हैं,
क्योंकि
गांधी
नगर
क्षेत्र
के
कई
लोग
काम
के
सिलसिले
में
विजय
नगर
या
उससे
आगे
जाते
हैं।
उनके
लिए
बेहतर
कनेक्टिविटी
हो
जाएगी,
लेकिन
रुट
का
विस्तार
होने
में
छह
माह
का
समय
लगेगा।
17
किलोमीटर
हिस्से
में
ट्राली
रन
हुआ
गांधी
नगर
से
रेडिसन
चौराहा
तक
17
किलोमीटर
लंबाई
में
मेट्रो
का
ट्रायल
रन
छह
माह
बाद
होगा।
वहां
तक
मेट्रो
के
रन
में
सालभर
का
समय
लग
सकता
है।
सुपर
कारिडोर
के
17
किलोमीटर
हिस्से
में
हाल
ही
में
ट्राली
रन
लिया
जा
चुका
है,
लेकिन
उसके
आगे
अभी
ट्रेक
और मेट्रो
स्टेशनों
का
काम
बाकी
है।
इस
कारण
बचे
छह
किलोमीटर
के
हिस्से
में
ज्यादा
समय
लगेगा।
उधर
मेट्रो
के
मध्य
हिस्से
में
अभी
तक
काम
शुरू
नहीं
हो
पाया
है,
जबकि
ठेकेदार
कंपनी
का
भी
चयन
हो
चुका
है।
मध्य
हिस्से
में
अंडरग्राउंड
काम
होना
है।
मेट्रो
ट्रेन-फैक्ट
फाइल
-इंदौर
मेट्रो
एयरपोर्ट,
दो
बस
स्टैंड
और रेलवे
स्टेशन
को
कवर
करेगी।
शहर
के
मध्य
हिस्से
के
ट्रैफिक
को
कम
करने
में
मददगार
साबित
होगी।
-हर
30
मिनट
के
अंतर
से
मेट्रो
ट्रेन
चलेगी।शहर
में
कुल
28
स्टेशनों
से
ट्रेन
गुजरेगी।
फिलहाल
15
जगह
स्टेशनों
का
काम
चल
रहा
है।
20
से
लेकर
80
रुपये
तक
मेट्रो
ट्रेन
का
किराया
होगा।
मेट्रो
ट्रेन
कार्पोेरेशन
ने
किराए
के
लिहाज
से
मेट्रो
रुट
को
पांच
जोन
में
बांटा
है।
-मेट्रो
ट्रेन
का
संचालन
सुबह
आठ
बजे
से
शुरू
होगा
और
रात
आठ
बजे
तक
चलेगी।
फिलहाल
मेट्रो
का
संचालन
सात
किलोमीटर
हिस्से
में
हो
रहा
है।
यात्री
कम
मिलने
के
कारण
समय
घटा
दिया
गया
है।
–
20
से
ज्यादा
मेट्रो
ट्रेन
का
संचालन
होगा।
एक
ट्रेन
में
साढ़े
चार
सौ
यात्री
सवार
हो
सकेंगे।
बैठने
के
अलाए
खड़े
रहकर
सफर
करने
में
भी
आसानी
होगी।
ट्रेन
के
भीतर
लगे
पोल
में
चार
ग्रिप
दी
गई
है।
जिसे
यात्री
पकड़
कर
सफर
कर
सकते
है।
मेट्रो
ट्रेन
बाहरी
और
आतंरिक
रुप
से
सीसीटीवी
कैमरों
से
लैस
होगी।