Damoh News: अर्जीनवीस ने शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण के लिए बना दिए फर्जी चाला, एफआईआर की तैयारी


दमोह
जिले
में
शस्त्र
लाइसेंस
नवीनीकरण
के
लिए
प्रस्तुत
आवेदन
पत्रों
में
फर्जी
चालान
बनाने
के
मामले
में
कलेक्ट्रेट
परिसर
में
बैठने
वाले
अर्जीनवीस
पर
एफआईआर
दर्ज
कराने
के
लिए
एडीएम
ने
एसपी
को
पत्र
लिखा
है।
इस
पूरे
मामले
का
खुलासा
एक
सुरक्षा
गार्ड
ने
किया
था।
उसका
शस्त्र
लाइसेंस
रिन्यू
नहीं
हो
रहा
था।
गुरुवार
को
जारी
किए
पत्र
में
उल्लेख
किया
गया
है
कि
कलेक्ट्रेट
परिसर
में
अर्जीनवीस
पदम
सिंह
पिता
शोभा
सिंह
ठाकुर
निवासी
फुटेरा
वार्ड
नंबर
तीन
हाल
कामधेनु
कॉलोनी
आमचौपरा
दमोह
को
कार्यालय
द्वारा
याचिका
लेखक
का
लाइसेंस
स्वीकृत
किया
गया
है।
उनके
द्वारा
कलेक्ट्रेट
परिसर
में
बैठकर
याचिका
लेखक
का
कार्य
किया
जाता
है।

शस्त्र लाइसेंसधारियों
द्वारा
शस्त्र
लाइसेंस
के
नवीनीकरण
के
लिए
आवेदन
पत्र
मय
चालानों
की
प्रति
सहित
कार्यालय
में
प्रस्तुत
किए
गए
थे।
जिनमें
से
कुछ
शस्त्र
लाइसेंसधारियों
के
आवेदन
पत्र
के
साथ
संलग्न
चालानों
की
राशि
एवं
नामों
का
सत्यापन

होने
के
कारण
शस्त्र
लाइसेंसधारियों
को
कथन
के
लिए
बुलाया
गया
था।
जिसमें
से
14
शस्त्र
लाइसेंसधारियों
द्वारा
शपथ
पत्र
दिए
गए
एवं
अलग
अलग
कथन
दर्ज
कराए
गए
कि
उनका
शस्त्र
लाइसेंस
नवीनीकरण
के
लिए
आवेदन
पत्र
एवं
चालानों
की
राशि
भी
पदम
सिंह
द्वारा
जमा
कराई
गई
है।
आवेदन
पत्र
और
जमा
किए
गए
चालानों
की
प्रति
प्रदाय
की
गई
थी।
आवेदन
पत्र
एवं
चालान
कार्यालय
में
जमा
किया
गया।
प्रस्तुत
आवेदन
पत्र
में
लगाए
गए
चालानों
का
सत्यापन
कराया
गया।
इनमें
मद
0055
में
51500
रुपये
तथा
मद
0030
में
21000
रुपये
इस
तरह
कुल
72500
रुपये
के
फर्जी
चालान
पाए
गए
हैं।
इसलिए
पदम
सिह
के
विरुद्ध
शस्त्र
लाइसेंस
नवीनीकरण
के
लिए
प्रस्तुत
आवेदन
पत्रों
में
कूट
रचित
चालानों
को
बनाने
के
संबंध
में
प्राथमिकी
दर्ज
कराने
की
कार्रवाई
के
लिए
कहा
गया
है।

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सुरक्षा
गार्ड
ने
किया
था
खुलासा

दरअसल
जिले
में
बड़ी
मात्रा
में
शस्त्र
लाइसेंस
नवीनीकरण
के
लिए
पेंडिंग
हैं।
एक
निजी
अस्पताल
के
सुरक्षा
गार्ड
का
शस्त्र
लाइसेंस
भी
काफी
समय
से
नवीनीकरण
के
लिए
पेंडिंग
था।
पिछले
दिनों
उसने
जनसुनवाई
में
कलेक्टर
को
इस
बात
से
अवगत
कराया
और
बताया
कि
अर्जिनवीस
के
माध्यम
से
उसने
आवेदन
किया
है।
कलेक्टर
कोचर
ने
आवेदन
निकलवाया
तब
इस
मामले
का
खुलासा
हुआ
और
अन्य
लोगों
के
आवेदन
में
भी
इसी
प्रकार
के
फर्जी
चलान
पाए
गए।
जांच
के
बाद
गुरुवार
को
एडीएम
ने
अर्जीनवीस
पर
एफआईआर
के
लिए
पत्र
लिखा
है।