
जिले
के मक्सी थाना
क्षेत्र
के
ग्राम झोंकर निवासी
एक
युवक
ने मक्सी थाने
में टीआई भीमसिंह पटेल
समेत
आधा
दर्जन
पुलिसकर्मियों
द्वारा
मारपीट
करने,
जूते
साफ
कराने
और
उनकी
शिकायत
पर
कार्रवाई
नहीं
करने
के
आरोप
लगाए।
इसे
लेकर
उन्होंने
राष्ट्रीय
अनुसूचित
जाति
आयोग
व
मुख्यमंत्री,
डीजीपी,
आईजी,
डीआईजी,
एसपी
को
शिकायत
की।
मामले
में
राष्ट्रीय
अनुसूचित
जाति
आयोग
ने
संज्ञान
लिया
और
कलेक्टर
और
एसपी
को
26
जून
को
नोटिस
जारी
कर
15
दिन
में
विभिन्न
बिंदुओं
पर
रिपोर्ट
मांगी
है।
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पर
दोस्ती
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और
बर्थ
डे
पार्टी
के
बहाने
बुलाकर
लूटी
अस्मत
शिकायतकर्ता
मुकेश
परमार
ने
आयोग
को
बताया
था
कि पड़ोसियों से
हुए
विवाद
में मक्सी थाने
में
उनके
साथ
पुलिस
द्वारा
मारपीट
की
गई।
झूठा
केस
दर्ज
कर
उन्हें
जेल
भेज
दिया। टीआई ने
मेडिकल
जांच
के
बहाने
उन्हें
थाने
बुलाया।
इस
दौरान
थाने
में
लगे
सीसीटीवी
और
लाइट
बंद
कर
लॉकअप
में
बंद
किया
गया।
वहीं
उनकी
शिकायत
पर
रिपोर्ट
दर्ज
नही
की
गई।
उन्होंने
शिकायत
पर
कार्रवाई
के
लिए
तमाम
अधिकारियों
को
आवेदन
दिए,
लेकिन
उचित
कार्रवाई
नहीं
होने
पर
उन्होंने
एससी
आयोग
को
शिकायत
की।
शिकायत
पर
कड़ा
रुख
अपनाते
हुए
आयोग
ने
संविधान
के
अनुच्छेद
338
के
तहत
कार्रवाई
करते
हुए
एफआईआर,
मेडिकल
रिपोर्ट
और
अनुसूचित
जाति
अत्याचार
निवारण
अधिनियम
के
तहत
की
गई
कार्रवाई
की
जानकारी
मांगी
है।
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पर
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रहे
परेशान;
फिर
ऐसे
बनी
बात
आयोग
को
भेजी
शिकायत
में
यह
आरोप
मुकेश
परमार
द्वारा
आयोग
को
की
गई
शिकायत
में
उल्लेख
है
कि
थाने
में टीआई भीमसिंह पटेल,
एएसआई अभिषेक
दीक्षित,
मदनलाल
यादव, एसआई सुरजभान सिंह
ढल्लन,
आरक्षक
चंद्रशेखर
जाट,
राहुल
जाट
सहित
अन्य
आधा
दर्जन
पुलिसकर्मियों
द्वारा
थाना
की
लाइट-कैमरा
बंद
कर
बेरहमी
से
मारपीट
की
गई।
जूते
साफ
करवाने
का
आरोप
भी
लगाया।
आरोप
लगाया
है
कि
मारपीट
के
दौरान
जातिसूचक
शब्द
भी
कहे
गए।
पारिवारिक
विवाद
है, क्रॉस केस
दर्ज
है
शिकायतकर्ता
का
पारिवारिक
विवाद
है,
जिसमें
दोनों
पक्ष
की
शिकायत
पर
केस
दर्ज
किया
गया।
मामले
में
आयोग
द्वारा
जानकारी
मांगी
है।
जो
भेजी
जाएगी।
मामले
की
जांच
नियमानुसार
चल
रही
है।
– यशपालसिंह राजपूत,
एसपी
शाजापुर