
रविवार
को
इंदौर
के
पर्यटक
स्थलों
पर
भारी
भीड़
देखी
गई,
जिसमें
स्टूडेंट्स
की
संख्या
अधिक
रही।
पुलिस
लगातार
लोगों
को
चेतावनी
देती
रही,
लेकिन
कुछ
लोग
अब
भी
जोखिम
उठाते
दिखे।
इंदौर
के
आसपास
स्थित
पिकनिक
स्थलों
पर
बढ़ते
हादसों
को
देखते
हुए
प्रशासन
ने
कमर
कस
ली
है।
को
इंदौर
के
पर्यटक
स्थलों
पर
भारी
भीड़
देखी
गई,
जिसमें
स्टूडेंट्स
की
संख्या
अधिक
रही।
पुलिस
लगातार
लोगों
को
चेतावनी
देती
रही,
लेकिन
कुछ
लोग
अब
भी
जोखिम
उठाते
दिखे।
इंदौर
के
आसपास
स्थित
पिकनिक
स्थलों
पर
बढ़ते
हादसों
को
देखते
हुए
प्रशासन
ने
कमर
कस
ली
है।
यह
भी
पढ़ें…
Monsoon:
इंदौर
पर
जल्द
मेहरबान
होगा
मानसून,
चक्रवात
बना
रोड़ा,
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कहते
हैं
जुलाई
में
बारिश
के
आंकड़े
कलेक्टर
ने
निर्देश
दिए
हैं
कि
वीकेंड
के
दौरान
पिकनिक
स्पॉट्स
पर
पुलिस
बल
की
तैनाती
सुनिश्चित
करें।
इसके
साथ
कलेक्टर
आशीष
सिंह
ने
तिंछा
फॉल,
चोरल
फॉल,
सीतलामाता
फॉल,
कजलीगढ़,
मेहंदी
कुण्ड,
जामन्या
कुण्ड
जैसे
100
से
अधिक
एकांत
और
खतरनाक
पर्यटन
स्थलों
पर
प्रतिबंध
लागू
कर
दिया
है।
इन
सब
प्रयासों
के
बावजूद
भी
रविवार
को
कई
जगह
लोग
एकांत
में
और
खतरनाक
जगहों
पर
जाते
दिखे।
सुरक्षा
इंतजाम
नाकाफी,
15
से
अधिक
हादसे
पिछले
एक
साल
में
पिछले
एक
वर्ष
में
इन
पर्यटक
स्थलों
पर
15
से
ज्यादा
हादसे
हो
चुके
हैं,
जिनमें
कई
लोगों
की
जान
भी
गई
है।
प्रशासन
द्वारा
पूर्व
में
जारी
की
गई
गाइडलाइनों
के
बावजूद
सुरक्षा
उपायों
में
कोई
ठोस
बदलाव
नजर
नहीं
आ
रहा।
कई
जगहों
पर
फेंसिंग
और
बैरिकेडिंग
तक
नहीं
की
गई
है,
न
ही
चेतावनी
बोर्ड
लगाए
गए
हैं।
हाल
ही
में
डबलचौकी
क्षेत्र
में
दो
लोगों
की
डूबने
से
मौत
हो
गई
थी,
जो
प्रशासन
की
लापरवाही
की
तरफ
इशारा
करती
है।
सेल्फी
लेने
के
लिए
रेलिंग
पार
करने
का
भी
डर
नहीं
कई
जगह
देखा
गया
की
सेल्फी
लेने
के
लिए
लोग
रेलिंग
पार
करने
में
भी
नहीं
डर
रहे
थे।
जगह
जगह
के
दृश्य
सामने
आए
हैं
जिनमें
देखा
जा
सकता
है
कि
लोग
किसी
तरह
पुलिस
की
नजर
से
बचकर
खाई
और
झरनों
में
उतरने
का
प्रयास
कर
रहे
हैं।
रविवार
को
भी
पुलिस
ने
कई
जगह
से
लोगों
को
पकड़ा
और
उन्हें
चेतावनी
देकर
छोड़ा
गया।
वीकेंड
पर
इन
क्षेत्रों
में
पुलिस
बल
की
अतिरिक्त
तैनाती
की
जा
रही
है।
साथ
ही
ग्राम
रक्षा
समिति
के
100
से
अधिक
सदस्य
भी
इन
इलाकों
में
सुरक्षा
व्यवस्था
में
प्रशासन
की
मदद
कर
रहे
हैं।
स्थानीय
जानकारी
रखने
वाले
ये
सदस्य
पर्यटकों
को
सतर्क
रहने
की
सलाह
दे
रहे
हैं।
पर
इन
क्षेत्रों
में
पुलिस
बल
की
अतिरिक्त
तैनाती
की
जा
रही
है।
साथ
ही
ग्राम
रक्षा
समिति
के
100
से
अधिक
सदस्य
भी
इन
इलाकों
में
सुरक्षा
व्यवस्था
में
प्रशासन
की
मदद
कर
रहे
हैं।
स्थानीय
जानकारी
रखने
वाले
ये
सदस्य
पर्यटकों
को
सतर्क
रहने
की
सलाह
दे
रहे
हैं।