Balaghat News: बारिश का कहर जारी, 24 घंटे में 82 मिमी बरसात, वैनगंगा नदी उफान पर; जागपुर घाट का शिव मंदिर डूबा

मध्य
प्रदेश
के
बालाघाट
जिले
में
मानसून
ने
एक
बार
फिर
रफ्तार
पकड़
ली
है।
मंगलवार
दोपहर
बाद
थमी
बारिश
 ने
बुधवार
शाम
को
दोबारा
जोर
पकड़
लिया।
बीते
24
घंटे
में
जिले
में
औसतन
82
मिमी
वर्षा
दर्ज
की
गई
है,
जिससे
नदियां
और
नाले
उफान
पर
हैं।
अधिक
बारिश
के
कारण
जनजीवन
भी
प्रभावित
होने
लगा
है।
मौसम
विभाग
के
अनुसार,
अब
तक
जिले
में
545
मिमी
औसत
वर्षा
रिकॉर्ड
की
जा
चुकी
है।


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वैनगंगा
नदी
का
जलस्तर
बढ़ा,
शिव
मंदिर
जलमग्न

लगातार
बारिश
के
चलते
वैनगंगा
नदी
का
जलस्तर
खतरे
के
निशान
के
करीब
पहुंच
गया
है।
नदी
किनारे
बसे
गांवों
में
पानी
भरने
लगा
है।
जागपुर
घाट
की
स्थिति
सबसे
चिंताजनक
है,
जहां
प्रसिद्ध
शिव
मंदिर
पूरी
तरह
से
जलमग्न
हो
गया
है।
मंदिर
का
अब
केवल
ऊपरी
गुंबद
ही
दिखाई
दे
रहा
है।
ग्रामीणों
के
अनुसार,
यह
पहली
बार
है
जब
सावन
शुरू
होने
से
पहले
ही
मंदिर
डूब
गया
है।


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डैम
देखने
गए
तीन
दोस्त
पानी
में
डूबे,
दो
के
शव
मिले,
एक
बच्चे
की
तलाश
जारी;
बारिश
से
चार
पुल
डूबे


निचले
इलाकों
में
अलर्ट,
घाटों
पर
रोक

प्रशासन
ने
नदी
किनारे
बसे
निचले
इलाकों
के
लोगों
को
सतर्क
रहने
की
हिदायत
दी
है।
राजस्व
विभाग,
पुलिस
और
नगर
पालिका
की
टीमें
संवेदनशील
क्षेत्रों
में
लगातार
निगरानी
कर
रही
हैं।
घाटों
और
पुलों
पर
बैरिकेड्स
लगाए
जा
रहे
हैं।
लोगों
को
नदी
के
पास

जाने
की
सख्त
चेतावनी
दी
गई
है।

खेतों
में
भर
रहा
पानी

भारी
बारिश
के
कारण
कई
खेतों
में
पानी
भर
गया
है,
जिससे
धान
और
अन्य
खरीफ
फसलों
की
बुवाई
पर
असर
पड़
सकता
है।
किसानों
की
चिंता
बढ़
गई
है
कि
अधिक
जलभराव
से
बीज
सड़
सकते
हैं,
जिससे
दोबारा
बुवाई
करनी
पड़
सकती
है।
साथ
ही
बारिश
के
कारण
खेतों
तक
पहुंचना
भी
मुश्किल
हो
गया
है।

ये
भी
पढ़ें: बिजली
कंपनियों
में
49
हजार
से
ज्यादा
पदों
की
मंजूरी,
सिंचाई
जलकर
पर
ब्याज
और
जुर्माना
राशि
माफ


जिले
में
बारिश
के
आंकड़े
(24
घंटे
में)

  • बालाघाट:
    85
    मिमी
  • वारासिवनी:
    78
    मिमी
  • कटंगी:
    76
    मिमी
  • लालबर्रा:
    80
    मिमी
  • परसवाड़ा:
    83
    मिमी



तो
लोगों
को
करेंगे
शिफ्ट

एसडीएम
बालाघाट
ने
बताया
कि
हम
लगातार
हालात
पर
नजर
बनाए
हुए
हैं।
जलस्तर
की
जानकारी
प्रति
घंटे
जिला
कंट्रोल
रूम
को
भेजी
जा
रही
है।
यदि
स्थिति
गंभीर
होती
है,
तो
प्रभावित
क्षेत्रों
के
लोगों
को
सुरक्षित
स्थानों
पर
शिफ्ट
किया
जाएगा।