Indore: हनी ट्रैप कांड की सिडी मामले में कमल नाथ और गोविंद सिंह को राहत, जनहित याचिका खारिज

मध्य
प्रदेश
के
चर्चित
हनीट्रैप
कांड
की
सीडी
को
लेकर
लगाई
गई
जनहित
याचिका
हाईकोर्ट
ने
खारिज
कर
दी
है।
यह
सीडी
नाथ
ने
अपने
पास
होने
का
दावा
किया
था
और
गोविंद
सिंह
ने
भी
इस
मामले
में
बयान
दिए
थे।
तब
इंदौर
के
एक
वकील
ने
इस
मामले
में
जनहित
याचिका
लगाई
थी।
नाथ
के
बयान
सामने
आने
के
बाद
हनीट्रैप
मामले
में
गठित
एसआईटी
ने
भी
नाथ
को
बयान
देने
के
लिए
उपस्थित
होने
को
कहा
था।


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याचिका
में
दावा
किया
गया
था
कि
दोनों
नेताओं
ने
बयान
दिया
था
कि
उनके
पास
हनीट्रैप
की
सीडी
है।
इसके
आधार
पर
जांच
के
लिए
एसआईटी
की
सीडी
उनके
द्वारा
सौंपी
जाना
चाहिए।
गोविंद
सिंह
नाथ
सरकार
में
मंत्री
थे।
बाद
में
उन्होंने
भाजपा
का
दामन
थाम
लिया।
दोनो
के
खिलाफ
दो
साल
पहले
जनहित
याचिका
दायर
की
गई
थी।


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कोर्ट
ने
इस
मामले
की
सुनवाई
करते
हुए
कहा
कि
केस
को
लेकर
आरोप
पत्र
दाखिल
हो
चुके
है
और
प्रकरण
चल
रहा
है।
याचिकाकर्ता
को
अखबारों
की
खबर
के
माध्यम
से
सीडी
को
लेकर
जानकारी
मिली।
सीडी
को
लेकर
व्यक्तिगत
रुप
से
यह
जानकारी
नहीं
दी
गई
कि
सीडी
उनके
पास
है।
सिर्फ
खबर
के
आधार
पर
ठोस
सबूत
नहीं
माना
जा
सकता
है।


इंदौर
से
हुई
थी
गिरफ्तारी

प्रदेश
के
हनीट्रैप
मामले
में
इंदौर
से
एक
युवती
और
एक
ड्राइवर
को
विजयनगर
क्षेत्र
से
गिरफ्तार
किया
गया
था।
इसके
बाद
भोपाल
के
दो
फ्लैट
में
छापे
मारकर
तीन
युवतियों
को
गिरफ्तार
किया
था।
उनके
पास
से
सीडी
भी
बरामद
की
गई
थी।
पुलिस
ने
जांच
के
बाद
कोर्ट
में
चार्जशीट
दाखिल
की।
जिसमें
कहा
गया
था
कि
संगठित
गिरोह
मानव
तस्करी
के
जरिए
भोपाल
लाई
गई
युवतियों
को
इस्तेमाल
अमीर
और
उच्च
पदों
पर
बैठे
लोगों
को
फंसाने
के
लिए
करता
था।
इसके
बाद
उनकी
वीडियो
चुपके
से
बना
ली
जाती
थी।