
दमोह
जिले
में
शुक्रवार
को
एक
बार
फिर
बारिश
का
विकराल
रूप
देखने
को
मिला
है,
जिससे
पटेरा
ब्लॉक
के
सोजना
गांव
का
स्वास्थ्य
केंद्र
पानी
में
डूब
गया।
गनीमत
यह
रही
कि
जिस
समय
अस्पताल
पानी
में
डूबा,
उस
समय
वहां
मरीज
मौजूद
नहीं
थे।
वहीं,
दूसरी
ओर
रानी
दुर्गावती
टाइगर
रिजर्व
से
होकर
बहने
वाली
नदी
उफान
पर
आ
गई,
जिससे
सर्रा
और
सरसैला
का
मार्ग
बंद
हो
गया।
इसके
अलावा
भी
अन्य
स्थानों
पर
बारिश
में
पुल
डूब
गए।
शुक्रवार
को
हुई
बारिश
शहरी
क्षेत्र
की
अपेक्षा
ग्रामीण
अंचलों
में
काफी
अधिक
हुई,
जिससे
पुल-पुलिया
पानी
में
डूबे
नजर
आए।
गांव
में
बाढ़
जैसे
हालात
शुक्रवार
दोपहर
पटेरा
ब्लॉक
में
काफी
अधिक
बारिश
हुई,
जिससे
यहां
बाढ़
जैसे
हालात
दिखाई
दिए।
सोजना
गांव
में
बना
सरकारी
अस्पताल
पानी
में
डूबा
नजर
आया।
यहां
पानी
इतनी
रफ्तार
से
बह
रहा
था,
जैसे
गांव
में
ही
कोई
नदी
उफान
पर
आ
गई
हो।
हालांकि,
जिस
समय
यहां
पानी
भरा,
उस
समय
अस्पताल
में
मरीज
नहीं
थे।
ये
भी
पढ़ें: गर्भवती
महिला
लीला
ने
की
सड़क
की
मांग,
भाजपा
सांसद
बोले-
तारीख
बताओ…
उठवा
लेंगे;
मंत्री
भी
यह
कह
गए
तेंदूखेड़ा-तारादेही
मार्ग
बंद
तेंदूखेड़ा
ब्लॉक
के
जेतगढ़
के
समीप
बहने
वाला
नाला
उफान
पर
आ
गया,
जिससे
तारादेही
मार्ग
बंद
हो
गया।
दोनों
ओर
लोग
पुल
पर
फंसे
दिखाई
दिए।
स्वास्थ्यकर्मी
तारादेही
में
वैक्सीन
लेकर
रवाना
हुए,
लेकिन
वे
अपने
गंतव्य
स्थान
तक
नहीं
पहुंच
पाए।
ये
भी
पढ़ें: हनी
ट्रैप
कांड
की
सीडी
मामले
में
कमल
नाथ
और
गोविंद
सिंह
को
राहत,
जनहित
याचिका
खारिज
कई
गांवों
का
टूटा
संपर्क
शुक्रवार
को
तेंदूखेड़ा
ब्लॉक
के
कई
गांवों
का
मुख्य
मार्गों
से
संपर्क
टूटा
रहा।
तारादेही
का
तेंदूखेड़ा
से
और
तारादेही
का
सरस्वगली
से
संपर्क
टूट
गया,
क्योंकि
यहां
भी
पुल
उफान
पर
रहा।
इसी
तरह
वीरांगना
दुर्गावती
टाइगर
रिजर्व
के
अंतर्गत
बहने
वाली
बाली
बमनेर
नदी
उफान
पर
रही,
जिससे
सर्रा
और
सरसैला
का
संपर्क
पूरे
दिन
टूटा
रहा।
सुबह
से
झलोन-तेजगढ़
मार्ग
बंद
था,
क्योंकि
गोहची
के
समीप
का
पुल
उफान
पर
रहा।