Indore News: इंदौर-देवास जाम की याचिका खारिज, पुरानी याचिका में जोड़ा, NHAI ने वकील बदला

इंदौर-देवास
रोड
पर
लगातार
लग
रहे
जाम
को
लेकर
शुक्रवार,
11
जुलाई
को
हाईकोर्ट
की
इंदौर
बेंच
में
सुनवाई
हुई।
इस
मामले
में
दायर
नई
याचिका
को
कोर्ट
ने
खारिज
करते
हुए
इसे
2
साल
पहले
ट्रैफिक
जाम
को
लेकर
दर्ज
की
गई
जनहित
याचिका
में
मर्ज
करने
का
आदेश
दिया।
याचिकाकर्ता
के
अधिवक्ता
गिरीश
पटवर्धन
ने
बताया
कि
यह
निर्देश
पहले
से
लंबित
मामले
को
देखते
हुए
दिया
गया
है।


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एनएचएआई
ने
बदला
वकील,
पुराने
बयान
से
हुई
थी
देशभर
में
चर्चा

सुनवाई
के
दौरान
एनएचएआई
की
ओर
से
अधिवक्ता
एडी
सिंह
वर्चुअल
माध्यम
से
उपस्थित
हुए।
इससे
पहले
30
जून
को
अधिवक्ता
अनीता
शर्मा
कोर्ट
में
उपस्थित
हुई
थीं।
उस
सुनवाई
में
अनीता
शर्मा
ने
कहा
था,
“लोग
बेवजह
इतनी
जल्दी
क्यों
निकलते
हैं।”
उनके
इस
बयान
को
लेकर
देशभर
में
काफी
चर्चा
हुई
थी।
इसी
कारण
इस
बार
एनएचएआई
ने
अपनी
तरफ
से
वकील
बदलते
हुए
एडी
सिंह
को
पेश
किया,
जिसकी
पुष्टि
प्रोजेक्ट
डायरेक्टर
प्रवीण
यादव
ने
की।


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28
जून
के
जाम
में
40
घंटे
फंसे
रहे
लोग

दरअसल,
28
जून
को
इंदौर-देवास
रोड
पर
जबरदस्त
जाम
लगा
था,
जिसमें
हजारों
वाहन
करीब
40
घंटे
तक
फंसे
रहे।
इस
दौरान लोगों
की
जान
भी
चली
गई।
इस
गंभीर
घटना
के
बाद
देवास
के
एडवोकेट
आनंद
अधिकारी
ने
हाईकोर्ट
की
इंदौर
बेंच
में
जनहित
याचिका
दायर
की
थी।
अब
इस
नई
याचिका
को
पहले
से
लंबित
तनिष्क
पटेल
की
जनहित
याचिका
में
जोड़ा
गया
है,
जो
2
साल
पहले
ट्रैफिक
समस्या
को
लेकर
दायर
की
गई
थी।


टोल
कंपनी
और
निर्माण
एजेंसी
को
भी
पक्षकार
बनाने
के
निर्देश

पिछली
सुनवाई
में
हाईकोर्ट
ने
एनएचएआई,
पुलिस
कमिश्नर,
कलेक्टर
समेत
संबंधित
अधिकारियों
को
नोटिस
जारी
कर
जवाब
मांगा
था।
साथ
ही
टोल
कलेक्शन
कंपनी
और
सड़क
निर्माण
एजेंसी
को
भी
पक्षकार
बनाने
के
निर्देश
दिए
गए
थे।
कोर्ट
ने
यह
भी
कहा
कि
एनएचएआई
ठेकेदार
और
टोल
ठेकेदार
को
नोटिस
भेजे।
मामले
की
अगली
सुनवाई
अब
17
जुलाई
को
होगी।
तब
तक
भारी
वाहनों
को
डायवर्ट
करने
की
अंतरिम
व्यवस्था
यथावत
जारी
रहेगी।