
इस
वर्ष
श्रावण
मास
14
जुलाई
से
प्रारंभ
होकर
28
अगस्त
2025
तक
चलेगा।
वहीं
मध्यप्रदेश
और
विशेषकर
निमाड़
क्षेत्र
की
जीवनदायनी
मां
नर्मदा
के
तट
पर
बसी
खंडवा
जिले
की
धार्मिक
और
पवित्र
तीर्थनगरी
ओंकारेश्वर
में
स्थित
अतिप्राचीन
कोटितीर्थ
घाट
पर
आज
सावन
माह
के
पहले
दिन
से
जिला
प्रशासन
एवं
ओंकारेश्वर
मंदिर
संस्थान
द्वारा
महाआरती
का
शुभारंभ
किया
गया।
इस
भव्य
आयोजन
के
दौरान
वैदिक
आचार्यजन
ने
विधि
विधान
और
भव्यता
के
साथ
मां
नर्मदा
का
पूजन,
अभिषेक
एवं
महाआरती
की।
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वहीं,
खंडवा
जिला
प्रशासन
एवं
ज्योतिर्लिंग
मंदिर
संस्थान
के
सहयोग
से
यहां
के
आरती
स्थल
पर
भव्यता
दी
गई।
इसको
लेकर
सभी
तैयारियां
पहले
से
ही
पूरी
कर
ली
गई
थीं।
मुख्य
आरती
स्थल
कोटीतीर्थ
घाट
था। इस
महाआरती
के
दौरान
होने
वाले
दीपदान
के
लिए
आटे
के
बने
दीपक
का
उपयोग
किया
गया। यहां
देश
और
दुनिया
के
अलग-अलग
हिस्सों
से
तीर्थयात्री
पहुंचते
हैं। हरिद्वार
और
ऋषिकेश
जैसे
पवित्र
स्थानों
की
तरह
ही
ओंकारेश्वर
नगरी
में
भी
मां
नर्मदा
के
तट
पर
महाआरती
का
आयोजन
किया
गया,
ताकि
यहां
आने
वाले
श्रद्धालु
इस
आयोजन
में
शामिल
हो
सकें।
इसके
साथ
ही
यह
महाआरती
देश
दुनिया
में
अलग
पहचान
बनाए।

बता
दें
कि
साल
2020
के
कोरोना
काल
के
पहले
तक
मां
नर्मदा
की
आरती
सामान्य
रूप
से
प्रतिदिन
होती
थी,
लेकिन
इसे
कोरोना
काल
में
इसे
बंद
करा
दिया
गया
था।
इसके
बाद
अब
खंडवा
कलेक्टर
ऋषव
गुप्ता
के
निर्देश
पर
ओंकारेश्वर
में
नर्मदा
तट
पर
स्थित
कोटितीर्थ
घाट
पर
मां
नर्मदा
की
आरती
की
प्रतिदिन
भव्य
रूप
में
शुरुआत
कराई
गई
है।
वहीं
इसको
लेकर
एसडीएम
पुनासा
शिवम
प्रजापति
ने
बताया
कि
श्रावण
मास
के
पहले
दिन
शुक्रवार
शाम
से
नर्मदा
आरती
अपने
भव्य
रूप
में
फिर
से
शुरू
हो
गई
है।
अब
प्रतिदिन
शाम
को
वैदिक
आचार्यजन
विधि
विधान
से
भव्यता
के
साथ
मां
नर्मदा
का
पूजन,
अभिषेक
और
महाआरती
करेंगे।
जिला
प्रशासन
एवं
मंदिर
संस्थान
के
सहयोग
से
आरती
स्थल
पर
भव्य
व्यवस्थाएं
की
जाएंगी।