Mp weather: MP के 19 जिलों में अति भारी और 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, नदियां उफनीं, डैम ओवरफ्लो


मध्य
प्रदेश
में
स्ट्रांग
सिस्टम
के
चलते
लगातार
तेज
बारिश
का
दौर
जारी
है।
बारिश
से
प्रदेश
के
कई
जिलों
में
बाढ़
की
स्थिति
बनी
हुई
है।
रीवा,
सतना,
मैहर
और
छतरपुर
के
कई
गांवों
से
लोगों
का
रेस्क्यू
करना
पड़ा
है।
मौसम
विभाग
ने
अगले
24
घंटे
में
8
इंच
तक
बारिश
की
संभावना
जताई
है।रविवार
को
बारिश
के
सिस्टम
भोपाल,
इंदौर,
उज्जैन,
नर्मदापुरम,
ग्वालियर
और
चंबल
संभाग
में
शिफ्ट
हो
जाएंगे।
इससे
19
जिलों
में
अति
भारी
और
22
जिलों
में
भारी
बारिश
का
अलर्ट
है।


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आज
इन
जिलों
में
बारिश
का
अलर्ट

मौसम
विभाग
के
अनुसार,
अगले
24
घंटे
के
दौरान
जिन
जिलों
में
अति
भारी
बारिश
की
चेतावनी
है,
उनमें
ग्वालियर,
मुरैना,
श्योपुर,
शिवपुरी,
गुना,
अशोकनगर,
निवाड़ी,
छतरपुर,
टीकमगढ़,
दमोह,
बैतूल,
हरदा,
खंडवा,
खरगोन,
धार,
झाबुआ,
रतलाम,
नीमच
और
मंदसौर
शामिल
हैं।
24
घंटे
में
यहां
8
इंच
तक
बारिश
हो
सकती
है।
भारी
बारिश
के
अलर्ट
वालों
जिलों
में
भोपाल,
अलीराजपुर,
बड़वानी,
बुरहानपुर,
इंदौर,
देवास,
सीहोर,
उज्जैन,
शाजापुर,
आगर-मालवा,
राजगढ़,
विदिशा,
सागर,
रायसेन,
नर्मदापुरम,
पांढुर्णा,
छिंदवाड़ा,
नरसिंहपुर,
भिंड,
दतिया,
पन्ना
और
सतना
शामिल
हैं।


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रीवा
एयरपोर्ट
की
दीवार
गिरी

रीवा
में
जिस
एयरपोर्ट
का
10
महीने
पहले
लोकार्पण
हुआ
था,
उसकी
बाउंड्रीवॉल
गिर
गई।
जिले
के
गुढ़
विधायक
नागेंद्र
सिंह
के
घर
में
पानी
घुस
गया।
शहडोल
के
ब्योहारी
में
24
घंटे
में
सबसे
ज्यादा
10
इंच
पानी
गिर
गया।
चित्रकूट
में
लगातार
दो
दिन
से
हो
रही
बारिश
से
मंदाकिनी
नदी
किनारे
रामघाट,
भरत
घाट
सहित
सभी
प्रमुख
घाट
जलमग्न
हो
गए।
घरों-दुकानों
में
भी
पानी
घुस
गया।
लोगों
को
नावों
से
सुरक्षित
स्थानों
पर
भेजा
गया।
शहडोल
में
बाणसागर
डैम
के
7
गेट
खोले
गए।
मैहर
में
मां
शारदा
माता
मंदिर
के
मार्ग
पर
करीब
तीन
फीट
तक
पानी
भर
गया।
उमरिया
में
संजय
गांधी
ताप
विद्युत
केंद्र
के
जोहिला
डैम
के
दो
गेट
खोलकर
पानी
छोड़ा
गया।
रीवा
में
पिछले
24
घंटे
से
कई
गांव
बाढ़
में
घिरे
हुए
रहे।


यह
भी
पढ़ें-एमपी
में
बारिश
का
दौर
जारी, खजुराहो
में
9
घंटे
में
6.3
इंच
गिरा
पानी, औसत
से
75%
अधिक
बारिश
दर्ज


दो
दिन
तक
पश्चिमी
हिस्से
में
ज्यादा
असर

मौसम
वैज्ञानिक
अरुण
शर्मा
ने
बताया
कि
प्रदेश
में
दो
ट्रफ,
एक
वेस्टर्न
डिस्टरबेंस
(पश्चिमी
विक्षोभ)
और
एक
साइक्लोनिक
सर्कुलेशन
सिस्टम
की
एक्टिविटी
है।
इस
वजह
से
प्रदेश
में
बारिश
का
दौर
चल
रहा
है।
अगले
दो
दिन
तक
पश्चिमी
हिस्से
यानी
इंदौर,
उज्जैन,
भोपाल
संभाग
में
ज्यादा
असर
देखने
को
मिलेगा।
इसके
बाद
सिस्टम
कमजोर
पड़ेगा।