
मध्यप्रदेश
के
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
13
जुलाई
की
दोपहर
11
बजे
दुबई
के
लिए
रवाना
होंगे।
वहां
पहुंचते
ही
सीएम
डॉ.
यादव
कई
जानी-मानी
हस्तियों
के
साथ
बैठकों
में
हिस्सा
लेंगे।
इन
बैठकों
के
जरिये
वे
बिजनेसमैन
और
इंवेस्टर्स
को
मध्यप्रदेश
की
विशेषताओं
से
परिचित
कराएंगे।
वे
मध्यप्रदेश
और
दुबई
के
बीच
निवेश,
शिक्षा,
कल्चरल
फ्रेंडशिप
जैसे
कई
विषयों
पर
राज्य
का
पक्ष
रखेंगे।
सीएम
डॉ.
यादव
दुबई
में
रह
रहे
भारतीयों
से
भी
चर्चा
करेंगे।
इस
यात्रा
के
दौरान
सीएम
डॉ.
यादव
उस
मंदिर
में
भी
जाएंगे,
जिसकी
आधारशिला
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
ने
रखी
थी।
इसके
अलावा
वे
दुबई
में
पहला
अंतरराष्ट्रीय
रोड-शो
भी
करेंगे।
उनकी
इस
यात्रा
से
मध्यप्रदेश
में
निवेश
का
बड़ा
विस्तार
हो
सकता
है।
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बता
दें
कि
दुबई
पहुंचते
ही
सीएम
डॉ.
मोहन
यादव
की
यात्रा
की
शुरुआत
कई
बैठकों
के
साथ
होगी।
शुरुआती
बैठक
में
लंच
के
साथ-साथ
अहम
चर्चा
होगी।
इस
बैठक
में
रिलायंस
समूह
के
एसआर
वाईस
प्रेसिडेंट
फरहान
अंसारी
के
साथ-साथ
अरब
संसद
के
अध्यक्ष
मोहम्मद
अल
यमाही
भी
मौजूद
होंगे।
इस
बैठक
में
मध्यप्रदेश
और
दुबई
के
बीच
रणनीतिक
निवेश
सहयोग,
शिक्षा,
यूथ
एक्सचेंज
प्रोग्राम,
संसदीय
संवाद
और
कल्चरल
फ्रेंडशिप
जैसे
विषयों
पर
चर्चा
होगी।
इसके
बाद
सीएम
डॉ.
यादव
दुबई
में
भारतीय
व्यापारी
प्रतिनिधि
मंडल
के
साथ
बैठक
करेंगे।
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राउंड
टेबल
मीट
में
लेंगे
हिस्सा
उसके
बाद
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
अबूधाबी
स्थित
भव्य
बीएपीएस
हिंदू
मंदिर
का
जाएंगे।
इसकी
मंदिर
की
आधारशिला
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
ने
फरवरी
2024
में
रखी
थी।
यह
मंदिर
मध्यपूर्व
क्षेत्र
का
पहला
पारंपरिक
पत्थर
से
निर्मित
हिंदू
मंदिर
है।
यह
भारत
और
संयुक्त
अरब
अमीरात
के
बीच
आध्यात्मिक
सहिष्णुता
और
सांस्कृतिक
समरसता
का
जीवंत
प्रतीक
है।
सीएम
डॉ.
यादव
शाम
को
दुबई
में
पर्यटन
सेक्टर
पर
आधारित
राउंड
टेबल
मीटिंग
में
हिस्सा
लेंगे।
इसमें
पर्यटन
एक्सपर्ट्स,
होटलियर्स,
ट्रैवल
एजेंट्स
और
अन्य
स्टेकहोल्डर्स
शामिल
होंगे।
जड़ों
से
फिर
जुड़ने
की
कोशिश
रात
को
दुबई
स्थित
ताज
होटल
में
‘प्रवासी
भारतीय
और
फ्रेंड्स
ऑफ
एमपी
संवाद’
कार्यक्रम
होगा।
इसमें
500
से
ज्यादा
प्रवासी
भारतीय
उद्यमी,
प्रोफेशनल्स,
सांस्कृतिक
प्रतिनिधि
और
प्रमुख
संस्थागत
सदस्य
भाग
लेंगे।
बता
दें,
यह
आयोजन
केवल
औपचारिक
संवाद
नहीं
होगा,
बल्कि
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
की
उस
भावना
का
विस्तार
होगा
जिसके
माध्यम
से
वे
प्रवासी
समुदाय
को
अपनी
जड़ों
से
पुनः
जोड़ने,
उनके
अनुभवों
से
प्रदेश
को
समृद्ध
करने
और
उन्हें
अपने
राज्य
के
विकास
में
सहभागी
बनाने
का
आग्रह
करेंगे।
यह
भावनात्मक
और
रणनीतिक
जुड़ाव,
भविष्य
के
सामाजिक
और
औद्योगिक
निवेश
के
लिए
एक
ठोस
आधार
बनेगा।
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
‘उद्योग
एवं
रोजगार
वर्ष
2025’
का
पहला
अंतरराष्ट्रीय
रोड-शो
भी
करेंगे।
वन-टू-वन
बैठकों
में
शिरकत
14
जुलाई
को
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
विभिन्न
वैश्विक
समूहों
के
साथ
वन-टू-वन
बैठकें
करेंगे।
इन
चर्चाओं
में
फूड
प्रोसेसिंग,
रिन्यूएबल
एनर्जी,
लॉजिस्टिक्स,
आईटी,
अर्बन
इंफ्रास्ट्रक्चर,
माइनिंग,
टेक्सटाइल
और
टूरिज्म
जैसे
क्षेत्रों
में
संयुक्त
उद्यम,
तकनीकी
सहयोग
और
एफडीआई
परियोजनाओं
की
संभावनाओं
पर
विचार
किया
जाएगा।
निवेशकों
द्वारा
विशेष
रुचि
उन
परियोजनाओं
में
दिखाई
जा
रही
है
जो
फार्म-टू-मार्केट
आपूर्ति
श्रृंखला,
इन्फ्रास्ट्रकचर,
सौर-हरित
ऊर्जा,
कोल्ड
चेन
लॉजिस्टिक्स,
डेटा
सेंटर,
स्मार्ट
सिटी
मॉडल,
रेयर
अर्थ
मिनरल
प्रोसेसिंग,
एक्सपोर्ट
ओरिएंटेड
टेक्सटाइल
हब
और
धार्मिक
पर्यटन
के
विकास
से
जुड़ी
हैं।
उसी
शाम
ताज
होटल
में
‘इंवेस्ट
इन
मध्यप्रदेश-बिजनेस
फोरम’
का
आयोजन
होगा।
इसमें
प्रदेश
सरकार
अपनी
नवीन
औद्योगिक
नीतियां,
लॉजिस्टिक
नेटवर्क,
स्किल
क्लस्टर,
टेक्सटाइल
पार्क,
एमएसएमई
जोन
और
पर्यटन
निवेश
की
प्रमुख
योजनाएं
वैश्विक
निवेशकों
के
सामने
पेश
करेगी।
इस
फोरम
के
माध्यम
से
निवेश
प्रस्तावों,
एमओयू
और
संभावित
संयुक्त
परियोजनाओं
की
प्राथमिक
रूपरेखा
पर
भी
चर्चा
होगी।