Jabalpur News: प्रदेश में मातृ मृत्यु दर अधिक, नियमों में बदलाव उचित निर्णय, हाईकोर्ट ने खारिज की ये याचिका

प्रदेश
सरकार
द्वारा
GNM
कोर्स
में
दाखिले
के
लिए
लागू
किए
गए
नए
नियमों
के
खिलाफ
हाईकोर्ट
में
याचिका
दायर
की
गई
थी।
मध्यप्रदेश
हाईकोर्ट
की
युगलपीठ—न्यायमूर्ति
अतुल
श्रीधरन
एवं
न्यायमूर्ति
दिनेश
पालीवाल
ने
सुनवाई
के
बाद
पाया
कि
मध्यप्रदेश
में
मातृ
मृत्यु
दर
अन्य
राज्यों
की
तुलना
में
अधिक
है।
इसलिए
GNM
पदों
पर
योग्य
व्यक्तियों
की
नियुक्ति
के
लिए
राज्य
शासन
द्वारा
कड़े
नियम
बनाना
उचित
है।
युगलपीठ
ने
आदेश
देते
हुए
सरकार
को
यह
परामर्श
भी
दिया
कि
ग्रामीण
इलाकों
में
स्वास्थ्य
केंद्रों,
एंबुलेंस
की
संख्या
और
बेहतर
सड़कों
की
व्यवस्था
सुनिश्चित
की
जाए,
ताकि
मरीजों
को
समय
पर
इलाज
मिल
सके।


विज्ञापन

Trending
Videos

ये
भी
पढ़े: MP
के
19
जिलों
में
अति
भारी
और
22
जिलों
में
भारी
बारिश
का
अलर्ट,
नदियां
उफनीं,
डैम
ओवरफ्लो


विज्ञापन


विज्ञापन

हरदा
स्थित
लाल
बहादुर
शास्त्री
व्यावसायिक
अध्ययन
महाविद्यालय
सहित
39
अन्य
संस्थानों
की
ओर
से
दायर
याचिका
में
कहा
गया
था
कि
वर्ष
2024
में
प्रदेश
सरकार
ने
GNM
कोर्स
में
प्रवेश
के
नियमों
में
बदलाव
किया
है।
नए
नियम
के
अनुसार
बायोलॉजी
विषय
के
साथ
12वीं
कक्षा
उत्तीर्ण
करना
अनिवार्य
कर
दिया
गया
है।
इस
बदलाव
के
चलते
GNM
कोर्स
की
केवल
169
सीटें
ही
भरी
जा
सकीं,
जबकि
8,388
सीटें
खाली
रह
गईं।
याचिका
में
मांग
की
गई
थी
कि
सरकार
को
नियमों
में
शिथिलता
बरतने
का
निर्देश
दिया
जाए,
ताकि
खाली
पदों
पर
पात्र
उम्मीदवारों
को
प्रवेश
मिल
सके।

ये
भी
पढ़े: इंदौर
इस
बार
फिर
नंबर-1,
जानें
किस
कैटेगरी
में
मिला
पहला
स्थान,
CM
डॉ.
यादव
बोले-
गौरवांवित
करने
वाला
क्षण

सुनवाई
के
दौरान
कोर्ट
ने
माना
कि
राज्य
में
मातृ
मृत्यु
दर
अधिक
है,
ऐसे
में
यह
आवश्यक
है
कि
कोर्स
में
केवल
योग्य
विद्यार्थियों
को
ही
प्रवेश
मिले।
इस
तर्क
के
आधार
पर
कोर्ट
ने
राज्य
सरकार
के
नियमों
को
उचित
ठहराया
और
याचिका
खारिज
कर
दी।
राज्य
सरकार
की
ओर
से
उप
महाधिवक्ता
अभिजीत
अवस्थी
और
इंडियन
नर्सिंग
काउंसिल
की
ओर
से
अधिवक्ता
मोहन
सौंसरकर
ने
पक्ष
प्रस्तुत
किया।