Mandla News: मंडला में सावन के पहले सोमवार को बारिश से जलमग्न हुए कई इलाके, नालियों की रुकावट बनी मुसीबत

सावन
के
पहले
सोमवार
को
मंडला
शहर
में
आधे
घंटे
की
मूसलाधार
बारिश
ने
जनजीवन
को
अस्त-व्यस्त
कर
दिया।
इस
अल्पकालिक
बारिश
के
कारण
शहर
के
कई
निचले
इलाकों
में
जलभराव
की
स्थिति
उत्पन्न
हो
गई।
रेडक्रॉस
भवन,
चिलमन
चौक,
सुभाष
वार्ड,
भगतसिंह
वार्ड
और
कलेक्ट्रेट
कॉलोनी
जैसे
प्रमुख
क्षेत्रों
में
सड़कों,
घरों
और
दुकानों
में
पानी
भर
गया।
इस
जलभराव
ने

केवल
आम
नागरिकों
की
दिनचर्या
को
प्रभावित
किया,
बल्कि
सरकारी
कार्यालयों
और
तहसील
परिसर
को
भी
नहीं
बख्शा।
मंडला
तहसील
कार्यालय
का
परिसर
भी
पूरी
तरह
जलमग्न
हो
गया,
जिससे
कर्मचारियों
और
वहां
आने-जाने
वालों
को
भारी
परेशानी
का
सामना
करना
पड़ा।


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जलभराव
की
सबसे
बड़ी
वजह
शहर
की
बंद
नालियां
रहीं।
नगर
पालिका
के
मुख्य
नगर
पालिका
अधिकारी
गजानन
नाफड़े
ने
बताया
कि
रेडक्रॉस
भवन
और
चिलमन
चौक
जैसे
क्षेत्रों
में
नालियों
को
फर्सी
डालकर
बंद
कर
दिया
गया
है,
जिसके
कारण
बारिश
का
पानी
सड़कों
पर
जमा
हो
गया।
नालियों
की
इस
रुकावट
ने
पानी
की
निकासी
को
पूरी
तरह
बाधित
कर
दिया।
कई
दुकानदारों
को
अपनी
दुकानों
में
भरे
पानी
को
निकालने
के
लिए
पंपों
का
सहारा
लेना
पड़ा।
स्थानीय
निवासियों
ने
बताया
कि
हर
साल
बारिश
के
मौसम
में
यही
स्थिति
बनती
है,
लेकिन
स्थायी
समाधान
के
लिए
कोई
ठोस
कदम
नहीं
उठाए
गए
हैं।


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हड़कंप

नगर
पालिका
ने
इस
समस्या
के
समाधान
के
लिए
त्वरित
कार्रवाई
शुरू
कर
दी
है।
सीएमओ
नाफड़े
ने
कहा
कि
उनकी
टीम
ने
प्रभावित
क्षेत्रों
का
दौरा
किया
और
बंद
नालियों
से
फर्सी
हटाने
का
काम
शुरू
कर
दिया
है।
साथ
ही,
पानी
निकासी
की
व्यवस्था
को
दुरुस्त
करने
के
प्रयास
किए
जा
रहे
हैं।
हालांकि,
स्थानीय
लोगों
का
कहना
है
कि
नालियों
की
नियमित
सफाई
और
रखरखाव
की
कमी
के
कारण
यह
समस्या
बार-बार
उत्पन्न
होती
है।
इस
जलभराव
ने
शहरवासियों
के
लिए
कई
तरह
की
परेशानियां
खड़ी
कीं।
सड़कों
पर
भरे
पानी
के
कारण
आवागमन
में
बाधा
उत्पन्न
हुई,
और
कई
जगहों
पर
वाहन
फंस
गए।
दुकानदारों
को
अपने
सामान
को
बचाने
के
लिए
दिनभर
मशक्कत
करनी
पड़ी।
कलेक्ट्रेट
कॉलोनी
और
अन्य
क्षेत्रों
में
घरों
में
पानी
घुसने
से
लोगों
को
सामान
को
ऊंचे
स्थानों
पर
रखना
पड़ा।

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जीवित

नागरिकों
ने
नगर
पालिका
से
मांग
की
है
कि
भविष्य
में
ऐसी
समस्याओं
से
बचने
के
लिए
नालियों
की
नियमित
सफाई
और
ड्रेनेज
सिस्टम
को
बेहतर
किया
जाए।
सावन
के
इस
पहले
सोमवार
की
बारिश
ने
शहर
की
अपर्याप्त
जल
निकासी
व्यवस्था
की
पोल
खोल
दी
है,
और
अब
प्रशासन
से
उम्मीद
है
कि
वह
इस
दिशा
में
प्रभावी
कदम
उठाएगा।