
मध्य
प्रदेश
के
हरदा
में
करणी
सेना
और
पुलिस
के
बीच
शनिवार
और
रविवार
को
हुए
टकराव
के
बाद,
सोमवार
सुबह
स्थिति
सामान्य
होती
नजर
आई।
इसके
बाद
पुलिस
ने
रविवार
को
गिरफ्तार
किए
गए
करणी
सेना
प्रमुख
जीवन
सिंह
शेरपुर,
नेपाल
सिंह
और
बुंदेला
सिंह
सहित
उनके
एक
अन्य
साथी
को
रिहा
कर
दिया।
इनके
साथ
ही
तीन
अन्य
कृष्णा,
अजय
और
राहुल
सिंह
को
भी
रिहा
किया
गया।
जानकारी
के
अनुसार
पुलिस
ने
गुपचुप
तरीके
से
सशर्त
इन
लोगों
की
रिहाई
की
है।
इसमें
इन्हें
हरदा
जिले
की
सीमा
से
तत्काल
बाहर
जाने
के
साथ
ही,
किसी
भी
प्रकार
से
प्रदेश
में
कहीं
भी
प्रदर्शन
नहीं
करने
की
शर्त
पर
रिहाई
दी
गई
है।
सोमावर
सुबह
लगभग
8
बजे
के
आसपास
गुपचुप
तरीके
से
इन
सभी
की
जेल
से
रिहाई
की
गई।
इससे
इनके
समर्थक
इकट्ठे
नहीं
हो
सके।
साथ
ही
पुलिस
ने
इन्हें
रिहाई
के
साथ
ही
जिले
से
बाहर
करते
हुए,
देवास
जिले
की
सीमा
में
छोड़ा
है।
ये
भी
पढ़ें- करणी
सेना
पर
तीन
बार
लाठी
चार्ज,
विधायक
की
मौजूदगी
में
पुलिस
ने
छात्रावास
में
घुसकर
पीटा,
धारा
163
लागू
शांतिपूर्वक
लोकतांत्रिक
तरीके
से
लड़ेंगे
बता
दें
कि,
शनिवार
और
रविवार
की
घटनाओं
में
गिरफ्तार
कर
जेल
भेजे
गए
लगभग
54
लोग
जिनमें
सुनील
सिंह
और
उनके
साथी
शामिल
हैं,
वे
अभी
भी
जेल
में
बंद
हैं।
इस
बीच
करणी
सेना
प्रमुख
जीवन
सिंह
शेरपुर
ने
अपने
फेसबुक
अकाउंट
पर
वीडियो
जारी
कर
कहा
है
कि
यह
लड़ाई
प्रशासनिक
स्तर
पर
लड़ी
जाएगी।
सभी
साथियों
की
रिहाई
के
बाद
एक
मीटिंग
कर
एक
तारीख
निश्चित
कर
आगे
की
लड़ाई
शांतिपूर्वक
लोकतांत्रिक
तरीके
से
लड़ी
जाएगी।
धारा
163
निरस्त,
चक्काजाम
करने
वाले
होंगे
रिहा
इधर
जिले
में
स्थिति
सामान्य
होते
ही
जिला
कलेक्टर
सिद्धार्थ
जैन
ने
कानून
व्यवस्था
की
स्थिति
नियंत्रण
में
होने
के
चलते
धारा
163
के
तहत
एक
जगह
पर
व्यक्तियों
के
एकत्रित
होने
पर
लगाए
गए
अपने
ही
प्रतिबंधात्मक
आदेश
को
निरस्त
कर
दिया
है।
इसके
अलावा
उन्होंने
कानून
व्यवस्था
की
स्थिति
को
बनाए
रखने
के
उद्देश्य
से
शनिवार
को
चक्काजाम
करने
वाले
धारा
170
के
अंतर्गत
गिरफ्तार
किए
गए
आरोपियों
को
भी
रिहा
करने
का
आदेश
दिया
है।
ये
भी
पढ़ें- रदा
में
करणी
सेना
और
पुलिस
में
झड़प,
लाठीचार्ज
के
बाद
50
गिरफ्तार,
हीरा
खरीद
से
जुड़ा
पूरा
फसाद
मामला
न्यायालय
में
लेकर
जाएंगे
हरदा
स्थित
राजपूत
समाज
के
हॉस्टल
में
भी
रविवार
को
पुलिस
और
करणी
सेना
के
युवाओं
के
बीच
विवाद
हुआ
था, जिसके
बाद
राजपूत
समाज
के
लोगों
ने
बताया
कि
पुलिस
की
बर्बरता
के
खिलाफ
वे
हर
मोर्चे
पर
लड़ने
के
लिए
तैयार
हैं।
यदि
इसके
लिए
उन्हें
सड़क
पर
भी
उतरना
पड़ा
तो
वे
सड़क
पर
भी
उतरेंगे।
साथ
ही
वे
घटना
की
न्यायिक
जांच
की
मांग
कर
रहे
हैं।
कुछ
लोगों
का
कहना
है
कि
वे
इस
पूरे
मामले
को
न्यायालय
में
लेकर
जाएंगे,
और
संबंधित
अधिकारी
के
खिलाफ
कार्रवाई
की
मांग
रखेंगे।
यह
था
दो
दिनों
का
पूरा
घटनाक्रम
बता
दें
कि,
हरदा
में
शनिवार
को
करणी
सेना
जिला
अध्यक्ष
सुनील
राजपूत
और
उनके
साथियों
द्वारा
थाना
कोतवाली
का
घेराव
कर
पुलिसकर्मियों
से
झूमाझटकी
की
गई
थी।
इसके
बाद
कानून
व्यवस्था
की
स्थिति
बिगड़ने
पर
पुलिस
ने
लाठी
चार्ज
कर
जिला
अध्यक्ष
सहित
पांच
करणी
सैनिकों
को
गिरफ्तार
किया
था।
उनकी
रिहाई
को
लेकर
करनी
सेना
के
युवा
खंडवा
बायपास
पर,
हाईवे
पर
धरने
पर
बैठ
गए
थे।
जहां
रविवार
को
करणी
सेना
प्रमुख
जीवन
सिंह
शेरपुर
भी
धरना
स्थल
पर
पहुंचे
थे,
लेकिन
पुलिस
ने
उन्हें
गिरफ्तार
कर
लिया
था।
इस
धरना
आंदोलन
के
दौरान
छह
जिले
की
पुलिस
हरदा
बुलाई
गई
थी।
साथ
ही
वाटर
कैनन,
आंसू
गैस
तथा
लाठी
चार्ज
कर
बलपूर्वक
करणी
सैनिकों
को
खदेड़ा
गया
और
चक्काजाम
खुलवाया
गया
था।
इधर
सुरक्षा
की
दृष्टि
से
हरदा
में
अभी
भी
भारी
संख्या
में
पुलिसबल
तैनात
है।