
सीहोर
में
आंगनबाड़ी
कार्यकर्ताओं
और
सहायिकाओं
ने
सरकार
की
नीतियों
के
खिलाफ
जोरदार
प्रदर्शन
करते
हुए
‘हल्ला
बोल’
आंदोलन
किया।
पोषण
ट्रैकर
एप
में
फेस
कैप्चर
अनिवार्यता
और
कार्यभार
में
अनावश्यक
बढ़ोतरी
को
लेकर
नाराज
इन
बहनों
ने
गीता
भवन
बस
स्टैंड
से
रैली
निकाली
और
कलेक्ट्रेट
पहुंचकर
ज्ञापन
सौंपा।
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
और
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
के
नाम
संबोधित
यह
ज्ञापन
डिप्टी
कलेक्टर
स्वाति
मिश्रा
को
सौंपा
गया।
‘तकनीक
के
नाम
पर
अत्याचार,
काम
का
बोझ
बना
भार’
भारतीय
मजदूर
संघ
से
संबद्ध
आंगनबाड़ी
कार्यकर्ता-सहायिका
संघ
की
जिलाध्यक्ष
उषा
राठौर
ने
कहा
कि
पोषण
ट्रैकर
एप
का
फेस
कैप्चर
फीचर
तकनीकी
जटिलताओं
के
कारण
काम
में
बाधा
बन
गया
है।
नेटवर्क
की
खराबी,
मोबाइल
की
कमजोर
क्षमता
और
खुद
के
पैसे
से
डेटा
रिचार्ज
कराने
की
मजबूरी
ने
कार्यकर्ताओं
को
परेशान
कर
रखा
है।
उन्होंने
कहा
कि
एक
ओर
विभाग
काम
का
बोझ
लगातार
बढ़ा
रहा
है,
दूसरी
ओर
तकनीक
के
नाम
पर
निगरानी
और
शोषण
किया
जा
रहा
है।
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अस्पताल
में
जिस
पानी
को
पी
रहे
थे
लोग,
उसकी
टंकी
में
मिले
सड़े
पक्षी;
जमकर
मचा
हंगामा
ऊषा
राठौर
ने
कहा
कि
आंगनबाड़ी
कार्यकर्ता
1975
से
मात्रव्य
दर,
शिशु
मृत्यु
दर
कम
करने,
कुपोषण
मिटाने,
महिलाओं-बच्चों
को
स्वास्थ्य
व
शिक्षा
देने
का
कार्य
कर
रही
हैं।
लेकिन
उन्हें
उनके
योगदान
के
अनुरूप
सम्मान
या
सुविधाएं
नहीं
मिल
रहीं।
कलेक्ट्रेट
तक
निकाली
नारेबाजी
करते
हुए
रैली
गीता
भवन
से
शुरू
हुई
रैली
में
सैकड़ों
आंगनबाड़ी
कार्यकर्ता
और
सहायिकाएं
शामिल
हुईं,
जो
हाथों
में
पोस्टर-बैनर
लिए
‘हमारा
हक
हमें
दो’,
‘फेस
कैप्चर
बंद
करो’,
‘शोषण
नहीं
सहेंगे’
जैसे
नारे
लगा
रही
थीं।
रैली
कलेक्ट्रेट
पहुंची,
जहां
ज्ञापन
के
माध्यम
से
10
सूत्रीय
मांगें
प्रस्तुत
की
गईं।
ये
रहीं
प्रमुख
मांगें
ज्ञापन
में
देशभर
की
आंगनबाड़ी
कार्यकर्ताओं
को
नियमित
करने,
न्यूनतम
पेंशन
देने,
10
वर्षों
के
अनुभव
पर
पदोन्नति
देने
और
अन्य
विभागीय
परीक्षाओं
में
अतिरिक्त
अंक
देने
जैसी
मांगें
प्रमुख
रहीं।
इसके
अलावा
पोषण
ट्रैकर
एप
के
फेस
कैप्चर
फीचर
में
नेटवर्क
समस्या
दूर
करने,
मोबाइल
और
डेटा
रिचार्ज
का
खर्च
देने,
मोबाइल
खरीदने
के
लिए
सहायता
राशि
देने
तथा
सेवा
के
दौरान
मृत्यु
पर
परिवार
को
आर्थिक
सहायता
देने
की
मांग
भी
रखी
गई।
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पर
भीषण
सड़क
हादसा,
तेज
रफ्तार
ट्रक
की
टक्कर
से
युवक
की
मौत,
दो
साथी
गंभीर
घायल
धरने
में
मौजूद
रहे
संघ
के
नेता
और
बड़ी
संख्या
में
कार्यकर्ता
धरने
और
रैली
में
भारतीय
मजदूर
संघ
के
विभाग
प्रमुख
अनिल
शर्मा,
विनोद
बोयत
सहित
बड़ी
संख्या
में
कार्यकर्ता-सहायिकाएं
मौजूद
रहीं।
प्रमुख
नामों
में
रजनी
विश्वकर्मा,
याशिता
धीमान,
डाली
कुशवाह,
तबस्सुम,
गिराज
मौर्य,
दीपमाला,
महादेवी
वर्मा,
रानी
श्रीवास्तव,
पुष्पा
तिवारी,
अनीता
मेवाड़ा,
सीता
प्रजापति,
मधु
चौहान,
पूजा,
रीना
और
कविता
मुंडा
आदि
शामिल
रहे।

आंदोलन
और
तेज
करने
की
दी
चेतावनी
संघ
की
ओर
से
कहा
गया
कि
यदि
सरकार
ने
समय
रहते
इन
मांगों
को
लेकर
उचित
निर्णय
नहीं
लिया
तो
प्रदेशव्यापी
आंदोलन
शुरू
किया
जाएगा।
कार्यकर्ताओं
ने
चेताया
कि
वे
अब
चुप
बैठने
वाली
नहीं
हैं,
उन्हें
सम्मान
और
अधिकार
दोनों
चाहिए।