
आर्थिक
अपराध
प्रकोष्ठ
(EOW)
जबलपुर
की
टीम
ने
शुक्रवार
को
छिंदवाड़ा
जिले
के
चौरई
जनपद
पंचायत
में
पदस्थ
उपयंत्री
नीरज
डेहरिया
और
ग्राम
पंचायत
खिरखिरी
के
रोजगार
सहायक
आशीष
शर्मा
को
रिश्वत
लेते
हुए
रंगे
हाथों
गिरफ्तार
किया
है।
दोनों
आरोपी
नाली
और
सड़क
निर्माण
कार्यों
की
निरीक्षण
रिपोर्ट
और
पूर्णता
प्रमाण-पत्र
जारी
करने
के
एवज
में
65
हजार
रुपये
की
रिश्वत
मांग
रहे
थे।
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दुष्कर्म;
ऐसे
खुला
सच
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शिकायत
की
पुष्टि
के
बाद
EOW
टीम
ने
शुक्रवार
को
जाल
बिछाया।
योजना
के
मुताबिक,
जैसे
ही
पहली
किस्त
के
रूप
में
30
हजार
रुपये
आरोपियों
को
सौंपे
गए
और
टीम
ने
दबिश
देकर
दोनों
को
रंगे
हाथों
पकड़
लिया।
EOW
अधिकारियों
के
अनुसार,
उपयंत्री
नीरज
डेहरिया
ने
65
हजार
रुपये
की
रिश्वत
मांगी
थी,
शुक्रवार
को
उसे
25
हजार
रुपये
लेते
समय
पकड़ा
गया
है।
वहीं,
ग्राम
रोजगार
सहायक
आशीष
शर्मा
ने
15
हजार
रुपये
की
मांग
की
थी
और
उसे
5
हजार
रुपये
लेते
समय
रंगे
हाथों
दबोच
लिया
गया।
यह
मामला
ग्राम
खिरखिरी
की
सरपंच
आरती
वर्मा
से
जुड़ा
है।
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बताया
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जानिए
क्या
है
मामला
शिकायतकर्ता
लालजी
सोलंकी
ने
15
जुलाई
को
EOW
जबलपुर
कार्यालय
में
शिकायत
दर्ज
कराई
थी।
उसने
बताया
कि
उसकी
भाभी
आरती
वर्मा
गांव
की
सरपंच
हैं,
उनसे
निर्माण
कार्यों
की
निरीक्षण
रिपोर्ट
और
प्रमाण-पत्र
जारी
करने
के
बदले
रिश्वत
मांगी
जा
रही
है। इस
ट्रैप
कार्रवाई
को
अंजाम
देने
वाली
EOW
टीम
में
उप
पुलिस
अधीक्षक
मनजीत
सिंह,
निरीक्षक
प्रेरणा
पांडे,
निरीक्षक
मोमेंद्र
कुमार
मर्सकोले,
आरक्षक
सगीर
खान
(ड्राइवर)
और
सुमित
पांडे
शामिल
थे।
टीम
ने
पूरी
योजना
के
तहत
ऑपरेशन
को
सफलतापूर्वक
अंजाम
दिया।