
बैंक
ऑफ
इंडिया
में
नौकरी
के
नाम
पर
हुए
बड़े
फर्जीवाड़े
में
पुलिस
की
जांच
लगातार
आगे
बढ़
रही
है।
मामले
में
गिरफ्तार
दो
आरोपियों
शुभम
गुप्ता
(29
वर्ष,
हरियाणा)
और
राकेश
मीना
(34
वर्ष,
राजस्थान)
को
कोर्ट
में
पेश
किया
गया,
जहां
से
नौगांव
पुलिस
को
12
जनवरी
तक
पांच
दिन
का
रिमांड
मिला
है।
अब
पुलिस
दोनों
से
सख्ती
से
पूछताछ
कर
रही
है
और
बरामद
दस्तावेजों
की
जांच
कर
रही
है।
तीसरा
आरोपी
पंकज
कुमार
मीना
(27),
जो
बड़वानी
जिले
के
अंजड़
बैंक
शाखा
में
पदस्थ
था,
अभी
फरार
है।
उसकी
तलाश
में
धार
पुलिस
की
टीम
बड़वानी
के
अंजड़
पहुंची
और
शाखा
प्रबंधक
से
नियुक्ति
संबंधी
दस्तावेजों
की
जांच
की।
आरोपी
पिछले
दो
माह
से
बैंक
में
नौकरी
कर
रहा
था
और
अंजड़
में
किराए
के
मकान
में
रहता
था।
पुलिस
उसके
कमरे
तक
पहुंची
लेकिन
कोई
महत्वपूर्ण
सुराग
नहीं
मिला।
विज्ञापन
कैसे
हुआ
खुलासा?
मामला
तब
सामने
आया
जब
धार
स्थित
बसंत
विहार
कॉलोनी
में
बैंक
ऑफ
इंडिया
के
आंचलिक
कार्यालय
ने
दो
कर्मचारियों
पंकज
कुमार
मीना
(बड़वानी
शाखा)
और
राकेश
मीना
(खरगोन
शाखा)
को
बायोमेट्रिक
सत्यापन
के
लिए
बुलाया।
दोनों
कर्मचारी
सत्यापन
के
लिए
खुद
न
आकर
अपने
स्थान
पर
‘मुन्ना
भाई’
को
भेजकर
जांच
प्रक्रिया
करवाने
की
कोशिश
कर
रहे
थे।
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के
आदेश
के
बाद
रात
में
जेल
से
निकले
वकील
अनिल
मिश्रा,
गिरफ्तारी
प्रक्रिया
में
मिली
खामी
हरियाणा
से
आया
आरोपी
शुभम
सत्यापन
प्रक्रिया
में
शामिल
हो
गया,
जिसके
बाद
बैंक
अधिकारियों
को
शक
हुआ
और
उन्होंने
तुरंत
नौगांव
थाना
पुलिस
को
सूचित
किया,
जिसके
बाद
पुलिस
ने
तीनों
के
खिलाफ
मामला
दर्ज
किया।
इस
घटना
के
बाद
बैंक
में
नियुक्तियों
को
लेकर
सतर्कता
बढ़ा
दी
गई
है।
विभागीय
स्तर
पर
सभी
दस्तावेज
और
रिकॉर्डों
की
जांच
शुरू
की
गई
है,
ताकि
यदि
किसी
और
ने
धोखे
से
नौकरी
हासिल
की
हो
तो
उसकी
पहचान
की
जा
सके।
थाना
प्रभारी
हीरू
सिंह
रावत
ने
बताया
कि
आरोपियों
को
कोर्ट
में
पेश
कर
12
जनवरी
तक
पुलिस
रिमांड
मिला
है।
फरार
आरोपी
की
तलाश
के
लिए
टीमें
गठित
कर
दी
गई
हैं,
इस
संबंध
में
एक
टीम
अंजड़
भी
गई
थी।