फतेहगढ़-कानपुर
राज्य
मार्ग
पर
बृहस्पतिवार
शाम
को
गांव
कतरौली
पट्टी
के
निकट
सामने
से
आ
रही
डीसीएम
ने
बाइक
में
टक्कर
मार
दी।
हादसे
में
बाइक
चालक
कोटेदार
के
पति
की
मौके
पर
ही
मौत
हो
गई।
जबकि
दो
साथी
गंभीर
रूप
से
घायल
हो
गए।
सूचना
पर
पहुंची
पुलिस
एंबुलेंस
से
घायलों
को
लेकर
सीएचसी
पहुंची।
वहां
चिकित्सक
ने
हालत
गंभीर
होने
पर
एक
घायल
को
लोहिया
अस्पताल
रेफर
कर
दिया।
कमालगंज
थाना
क्षेत्र
के
गांव
पूरनपुर
निवासी
कोटेदार
संगीता
के
पति
जितेंद्र
सिंह
चौहान
उर्फ
भोला
(38)
बृहस्पतिवार
की
दोपहर
करीब
तीन
बजे
गांव
के
साथी
शिवपाल
सक्सेना
(37)
व
विवेक
दिवाकर
(26)
के
साथ
बाइक
से
कन्नौज
जिला
के
गुरसहायगंज
क्षेत्र
के
समधन
गए
थे।
शाम
करीब
छह
बजे
वह
बाइक
से
घर
लौट
रहे
थे।
तभी
रास्ते
में
कतरौली
पट्टी
गांव
के
निकट
फतेहगढ़
की
ओर
से
जा
रही
डीसीएम
ने
बाइक
में
टक्कर
मार
दी।
विज्ञापन
हादसे
में
बाइक
चालक
जितेंद्र
की
मौके
पर
ही
मौत
हो
गई।
जबकि
साथी
शिवपाल
व
विवेक
घायल
हो
गए।
हादसे
की
जानकारी
पर
खुदागंज
चौकी
प्रभारी
अनिल
कुमार
टीम
में
साथ
मौके
पर
पहुंचे
और
घायलों
को
एंबुलेंस
से
सीएचसी
पहुंचाया।
जितेंद्र
का
शव
भी
अस्पताल
पहुंचाया
गया।
डॉ.
मान
सिंह
ने
घायल
शिवपाल
की
हालत
गंभीर
होने
पर
उसे
लोहिया
अस्पताल
के
लिए
रेफर
कर
दिया।
दूसरे
घायल
विवेक
को
मामूली
चोटें
आई
हैं।
सूचना
मिलते
ही
जितेंद्र
के
परिजन
भी
अस्पताल
पहुंच
गए।
सीओ
अमृतपुर
संजय
वर्मा,
इंस्पेक्टर
राजीव
कुमार
ने
सीएचसी
में
परिजन
से
पूछताछ
की।
घटना
की
जानकारी
होने
पर
जितेंद्र
की
पत्नी
संगीता
व
पुत्र
प्रतीक
व
अनिकेश
बिलखने
लगे।
चचेरे
भाई
सर्वेश
ने
बताया
कि
जितेंद्र
की
पत्नी
संगीता
गांव
की
कोटेदार
हैं।
करीब
तीन
वर्ष
पूर्व
बड़े
भाई
कन्हैया
की
भी
सड़क
दुर्घटना
में
मौत
हो
गई
थी।
घायल
विवेक
ने
बताया
कि
जितेंद्र
समधन
में
खरीदने
के
लिए
भैंस
देखने
गया
था।
वहां
से
ही
वापस
आते
समय
सामने
से
आ
रही
डीसीएम
ने
ओवरटेक
कर
टक्कर
मार
दी।
सर्वेश
ने
घटना
की
रिपोर्ट
दर्ज
कराने
के
लिए
तहरीर
दी।
चौकी
प्रभारी
अनिल
कुमार
ने
शव
को
पोस्टमार्टम
के
लिए
भेज
दिया।
इंस्पेक्टर
राजीव
कुमार
ने
बताया
कि
जितेंद्र
के
शव
को
पोस्टमार्टम
के
लिए
भेजा
गया
है।
दूसरे
घायल
की
हालत
गंभीर
बनी
हुई
है।
हेलमेट
पहने
होता
तो
बच
सकती
थी
जान
कतरौली
पट्टी
के
पास
कानपुर-
फतेहगढ़
राज्य
मार्ग
पर
हुई
डीसीएम
व
बाइक
की
टक्कर
में
जितेंद्र
का
सिर
फट
जाने
से
मौके
पर
ही
मौत
हो
गई।
जितेंद्र
हेलमेट
नहीं
पहने
थे।
लोगों
का
कहना
है
कि
अगर
जितेंद्र
हेलमेट
पहने
होते
तो
उनकी
जान
बच
सकती
थी।