जागरण
ब्यूरो,
नई
दिल्ली।
इंदौर
में
गंदे-दूषित
पानी
से
करीब
डेढ़
दर्जन
लोगों
की
अब
तक
हो
चुकी
मौतों
को
मध्यप्रदेश
भाजपा
सरकार
की
लापवाही
और
निकम्मेपन
का
नमूना
बताते
हुए
मुख्य
विपक्षी
दल
कांग्रेस
ने
कहा
है
कि
इससे
‘स्वच्छ
भारत’
अभियान
व
‘हर
घर
जल’
योजना
की
पोल
खुल
गई
है।
पार्टी
ने
इस
लापरवाही
की
स्वतंत्र
जांच
की
मांग
करते
हुए
यह
आरोप
भी
लगाया
कि
इंदौर
के
जिस
इलाके
में
दूषित
पानी
से
मौतें
हुईं
वहां
की
पाइपलाइन
बदले
जाने
की
स्वीकृति
2022
में
ही
मिल
चुकी
थी
मगर
भ्रष्टाचार
की
वजह
से
यह
काम
नहीं
कराया
गया।
पवन
खेड़ा
ने
साधा
निशाना
कांग्रेस
मीडिया
विभाग
के
प्रमुख
पवन
खेड़ा
ने
गुरूवार
को
पार्टी
कार्यालय
में
प्रेस
कांफ्रेंस
करते
हुए
कहा
कि
इंदौर
के
भागीरथपुरा
में
दूषित
पानी
पीने
की
वजह
से
अब
तक
18
लोगों
की
जान
चली
गई
है
और
करीब
100
लोग
अब
भी
अस्पताल
में
भर्ती
हैं।
उन्होंने
दावा
किया
कि
भाजपा
की
ट्रिपल
इंजन
की
सरकार
वाला
जो
शहर
‘स्वच्छ
भारत
अभियान’
में
आठ
बार
प्रथम
स्थान
पर
रहा
वहां
पाइपलाइनों
में
मल
(सीवेज)
का
पानी
मिल
रहा
है
और
‘हर
घर
जल’
योजना
अब
‘हर
घर
मल’
योजना
में
तब्दील
हो
गई
है।
खेड़ा
ने
दिखाए
कई
दस्तावेज
इस
दौरान
दस्तावेज
दिखाते
हुए
खेड़ा
ने
सवाल
उठाया
कि
इंदौर
में
पुरानी
पाइपलाइन
बदलने
के
ठेके
को
22
जुलाई
2022
को
ही
स्वीकृति
मिल
दी
गई
तो
काम
क्यों
नहीं
हुआ
और
क्या
सरकार
किसी
बड़े
कमीशन
का
इंतजार
कर
रही
थी?
उन्होंने
कहा
कि
एशियन
डेवलपमेंट
बैंक
से
2003
में
200
मिलियन
डॉलर
का
ऋण
भोपाल,
इंदौर
और
ग्वालियर
जैसे
शहरों
की
जलापूर्ति
सुधार
परियोजना
के
लिए
मिला
था,
ऐसे
में
इसके
उपयोग
का
तत्काल
ऑडिट
होना
चाहिए।
कांग्रेस
प्रवक्ता
ने
यह
भी
सवाल
किया
कि
इंदौर
में
दूषित
पानी
से
हुई
मौतों
के
मामलों
में
वाटर
सैंपल
और
प्रभावित
नागरिकों
के
स्टूल
सैंपल
की
जांच
हुई
या
नहीं?
क्या
प्रभावित
लोगों
के
सैंपल्स
में
हैजा
का
बैक्टीरिया
मिला
है?
अगर
हैजा
की
पुष्टि
हुई
तो
सरकार
ने
इसे
इंटीग्रेटेड
डिजीज
सर्विलांस
प्रोग्राम
के
अंतर्गत
नोटिफाई
किया
या
नहीं?
क्या
राज्य
सरकार
ने
हैजा
के
मामलों
और
मौतों
की
जानकारी
केंद्र
सरकार
और
विश्व
स्वास्थ्य
संगठन
को
दी
है?
पवन
खेड़ा
का
सीएम
और
कैलाश
विजयवर्गीय
पर
आरोप
पवन
खेड़ा
ने
मुख्यमंत्री
मोहन
यादव
और
राज्य
के
मंत्री
कैलाश
विजयवर्गीय
पर
संवेदनहीनता
का
आरोप
लगाते
हुए
कहा
कि
सवाल
पूछने
पर
गाली-गलौज
पर
उतर
आते
हैं
तो
मुख्यमंत्री
उत्सवों
में
व्यस्त
रहते
हैं।
उन्होंने
गुजरात
के
गांधीनगर
में
टाइफाइड
फैलने,
दिल्ली
में
पानी
की
खराब
गुणवत्ता
और
देशभर
में
मिलावट
के
अन्य
मामलों
का
भी
जिक्र
करते
हुए
कहा
कि
भाजपा
सरकार
देश
की
जनता
को
फिजूल
की
बातों
में
उलझाए
रहती
है
ताकि
असली
मुद्दों
पर
चर्चा
ना
हो
सके।