मुख्तार का पोस्टमार्टम: दरवाजे पर टिकी थीं अंसारी फैमिली की नजरें और बेचैन थे डॉक्टर, ऐसा था कमरे का मंजर

मुख्तार का पोस्टमार्टम: दरवाजे पर टिकी थीं अंसारी फैमिली की नजरें और बेचैन थे डॉक्टर, ऐसा था कमरे का मंजर
जिस माफिया के आगे कभी कोई खड़ा नहीं हो सकता था, वह हमारे सामने मृत पड़ा था। बाहर खड़े मुख्तार के परिजनों की आंखें भी हमारे कमरे के दरवाजे पर टिकी हुईं थी।