गोवा में रुद्रेश्वर मंदिर विवाद ने लिया सियासी रंग, पुलिस और सरकार पर उठा सवाल

गोवा में रुद्रेश्वर मंदिर विवाद ने लिया सियासी रंग, पुलिस और सरकार पर उठा सवाल
गोवा में रुद्रेश्वर मंदिर विवाद ने लिया सियासी रंग, पुलिस और सरकार पर उठा सवाल


मंदिर
में
विवाद.

गोवा
के
संकेलिम
इलाके
में
मौजूद
रुद्रेश्वर
मंदिर
भंडारी
समाज
का
एक
मात्र
बड़ा
मंदिर
है.
यहां
6
अप्रैल
की
रात
को
पालकी
यात्रा
निकाली
गई
थी.
इसी
दौरान
कुछ
उपद्रवियों
ने
यात्रा
में
आरोपों
के
मुताबिक
खलल
पैदा
करने
की
कोशिश
की
और
डंडे
और
लाठी
के
साथ
20
से
25
लोगों
के
समूह
ने
पालकी
में
शामिल
लोगों
के
साथ
बहस
शुरू
की
और
फिर
मारपीट
और
पथराव
भी
हुआ.
घटना
के
समय
बड़ी
संख्या
में
पुलिस
बल
मौजूद
था.

पुलिस
ने
कुछ
लोगों
को
तत्काल
हिरासत
में
तो
लिया
लेकिन
आरोप
है
ने
पुलिस
स्टेशन
में
ले
जाने
के
बजाय
मंदिर
परिसर
में
ले
गए
और
युवकों
ने
एक
बार
फिर
लोगों
के
साथ
बहस
और
मारपीट
शुरू
कर
दी.
दरअसल
ये
युवक
इस
बात
की
मांग
कर
रहे
थे
कि
उन्हें
भी
मंदिर
में
पूजा
का
हक
मिले
लेकिन
मंदिर
प्रशासन
इसके
लिए
राजी
नहीं
था
क्योंकि
युवक
दूसरे
जाती
विशेष
थे.
जबकि
100
साल
पुराने
मंदिर
की
संस्कृति
और
परंपरा
भंडारी
समाज
से
जुड़ी
है.

महिलाओं
के
साथ
बदसलूकी

आरोप
है
कि
मौके
पर
मौजूद
पुलिस
ने
युवकों
पर
कार्रवाई
नहीं
की
और
इससे
उन्हें
बढ़ावा
मिला
लोगों
ने
आरोपों
के
तहत
पालकी
में
शामिल
महिलाओं
के
साथ
भी
बदसलूकी
की.
हालांकि
घटना
के
बाद
पुलिस
ने
इस
मामले
में
एफआईआर
दर्ज
की
है
लेकिन
मांग
की
जा
रही
है
कि
इन
युवकों
पर
सख्त
कारवाई
की
जाए.

ये
भी
पढ़ें

भंडारी
समाज
का
अपमान

वहीं
भंडारी
समाज
के
बड़े
नेता
अमित
पालेकर
जो
की
आप
इकाई
के
अध्यक्ष
भी
हैं.
साथ
ही
कांग्रेस
उपाध्यक्ष
सुनील
कवाथकर
ने
भी
सवाल
उठाए
है
और
भंडारी
समाज
के
अपमान
की
बात
कही
है.
वहीं
इस
मामले
पर
विपक्ष
हमलावर
हो
गया
है.
इसकी
वजह
से
भंडारी
वोट
बैंक
पर
असर
पड़
सकता
है.
भंडारी
समुदाय
बीजेपी
का
वोट
बैंक
माना
जाता
है.

CM
सावंत
की
विधानसभा
है
संकेलिम

दरअसल
संकेलिम
विधानसभा
गोवा
के
मुख्यमंत्री
सावंत
की
है
और
इसी
क्षेत्र
में
ये
मंदिर
है.
जो
कि
भंडारी
समुदाय
से
है
जिसे
बीजेपी
का
कोर
वोट
बैंक
माना
जाता
है.
वहीं
जिन
युवकों
ने
हंगामा
किया
वो
भी
हिंदू
समाज
और
मराठा
समाज
से
आते
हैं
और
ये
भी
बीजेपी
का
कोर
वोटर
माना
जाता
है.
ऐसे
में
बीजेपी
की
अगुवाई
वाली
सरकार
फूंक-फूंक
कर
कदम
रख
रही
है.
वहीं
आप
की
नजर
भी
भंडारी
समुदाय
पर
है.
ऐसे
में
आप
नेता
अमित
इसे
समाज
का
अपमान
बता
रहे
है
और
इसके
पीछे
सरकार
और
सीएम
को
जिम्मेदार
ठहरा
रहे
हैं.

मंदिर
के
बाहर
हुई
मारपीट

वहीं
अमित
पालेकर
का
वीडियो
भी
सामने
आया
है,
जिसमें
वो
अधिकारियों
से
साउथ
गोवा
के
एसपी
से
बहस
करते
दिख
रहे
हैं.
मंदिर
के
बाहर
हुई
मारपीट
और
पथराव
के
बाद
मंदिर
परिसर
में
हुई
धक्का
मुक्की
का
वीडियो
भी
सामने
आया
है,
जिसमें
दो
गुट
आपस
में
भिड़ते
दिख
रहे
हैं.

भाजपा
से
मोहभंग
की
घोषणा

गोवा
प्रदेश
कांग्रेस
कमेटी
के
उपाध्यक्ष
सुनील
कावथंकर
ने
भारी
सुरक्षा
उपायों
के
बावजूद
झड़प
को
रोकने
में
भाजपा
की
विफलता
की
आलोचना
की
है.
उन्होंने
अपनी
एकता
के
लिए
जाने
वाले
राज्य
में
धार्मिक
विभाजन
के
प्रयासों
की
विडंबना
की
ओर
इशारा
किया,
स्थिति
की
गंभीरता
पर
जोर
दिया,
खासकर
आगामी
लोकसभा
चुनावों
को
देखते
हुए.
इस
घटना
के
प्रभाव
गहरे
हैं.
कई
भंडारी
नेताओं
ने
खुले
तौर
पर
भाजपा
से
अपने
मोहभंग
की
घोषणा
की
है.