पतंजलि विज्ञापन केस में सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट ने रामदेव-बालकृष्ण का दूसरा माफीनामा भी खारिज किया, कहा- कार्रवाई के लिए तैयार रहें

पतंजलि विज्ञापन केस में सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट ने रामदेव-बालकृष्ण का दूसरा माफीनामा भी खारिज किया, कहा- कार्रवाई के लिए तैयार रहें



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पहले


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2
अप्रैल
को
कोर्ट
ने
कहा-
रामदेव
की
माफी
मान्य
नहीं,
सरकार
ने
आंखें
क्यों
मूंदे
रखीं

2
अप्रैल
को
सुनवाई
के
दौरान
रामदेव
के
वकील
बलवीर
सिंह
ने
कोर्ट
से
कहा
कि
योगगुरु
माफी
मांगने
के
लिए
यहां
मौजूद
हैं।
भीड़
की
वजह
से
कोर्टरूम
नहीं

पाए।
अदालत
ने
एफिडेविट
देखने
के
बाद
फटकार
लगाई
और
कहा
कि
यह
प्रॉपर
एफिडेविट
नहीं
है।

जब
बलवीर
सिंह
ने
माफीनामा
पढ़ा
तो
अदालत
ने
कहा
कि
ऐसे
मामलों
में
आदेशों
का
उल्लंघन
करने
वाला
माफी
मांगता
है।
हमें
रामदेव
के
वकील
का
माफीनामा
नहीं
सुनना।
बेंच
ने
कहा,
“केवल
सुप्रीम
कोर्ट
नहीं,
देश
की
हर
अदालत
के
आदेश
का
सम्मान
होना
चाहिए।
आपको
अदालत
के
निर्देशों
का
पालन
करना
था
और
आपने
हर
सीमा
लांघी।

अदालत
ने
कहा
कि
जब
पतंजलि
हर
कस्बे
में
जाकर
कह
रही
थी
कि
एलोपैथी
से
कोविड
में
कोई
राहत
नहीं
मिलती
तो
केंद्र
ने
अपनी
आंखें
क्यों
बंद
कर
रखी
थीं।
सही
एफिडेविट
फाइल
ना
करने
पर
केंद्र
की
ओर
से
सॉलिसिटर
जनरल
तुषार
मेहता
ने
कहा
कि
जो
हुआ,
वो
नहीं
होना
चाहिए
था।
मेहता
ने
रामदेव
और
पतंजलि
के
वकीलों
को
सहयोग
करने
की
पेशकश
की।


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