
होशंगाबाद
में
युवाओं
से
चर्चा
करने
पहुंचा
चुनावी
रथ
सत्ता
का
संग्राम
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
अमर
उजाला
का
चुनाव
को
लेकर
विशेष
कार्यक्रम
सत्ता
का
संग्राम
बुधवार
को
होशंगाबाद
लोकसभा
सीट
पर
पहुंचा।
यहां
सुबह
सेठानी
घाट
पर
लोगों
ने
विकास
को
लेकर
बात
की,
दोपहर
मे ंयुवाओं
ने
अपनी
बात
रखी।
संभाग
मुख्यालय
होने
के
बाद
भी
यहां
शिक्षा
और
रोजगार
के
लिए
विकल्प
नहीं
हैं।
बेहतर
शिक्षा
पाना
हो
या
बेहतर
रोजगार,
इसके
लिए
शहर
से
बाहर
जाना
ही
एकमात्र
रास्ता
है।
नेताओं
के
वादे
भी
चुनाव
तक
सीमित
रह
जाते
हैं।
छात्र
शिवम
ने
बताया
कि
यहां
पढ़ाई
को
लेकर
बेहतर
सोर्स
नहीं
हैं।
यहां
बड़े
कॉलेज
नहीं
हैं।
कई
कोर्सों
को
लेकर
बाहर
जाना
होता
है।
ये
संभाग
मुख्यालय
है,
पर
सुविधाएं
उतनी
नहीं
है।
रोजगार
के
साधन
नहीं
है।
एक
अन्य
छात्र
ने
कहा
कि
मैं
बीसीए
कर
रहा
हूं,
पर
इतनी
सुविधा
नहीं
है
कि
मुझे
रोजगार
मिल
सके।
यहां
एमसीए
करने
की
व्यवस्था
नहीं
है।
आनंद
ने
कहा
कि
एजुकेशन
के
लिए
सुविधाएं
नहीं
हैं।
मेडिकल
कॉलेज
जैसी
फेसिलिटी
नहीं
है।
एग्जाम
देने
के
लिए
भी
बाहर
जाना
होता
है।
अन्य
छात्र
ने
कहा
कि
यहां
से
ज्यादा
सोर्से
हैं,
पर
नर्मदापुरम
नाम
का
शहर
है,
दूसरे
शहर
में
एजुकेशन
और
रोजगार
के
विकल्प
कम
हैं।
बाहर
जाना
मजबूरी
हैं।
नेता
सिर्फ
वादे
करते
हैं,
पर
धरातल
पर
वो
वादे
नहीं
उतर
पाते।
छात्रा
ने
कहा
कि
यहां
एमबीए
कॉलेज
होना
चाहिए,
वो
नहीं
है।
मजबूरी
में
एमकॉम
करना
पड़ता
है
या
बाहर
जाना
पड़ता
है।
लड़कियों
को
बाहर
जाना
मुश्किल
है।
यहां
कुछ
है
नहीं,
जॉब
के
लिए
शहर
छोड़ना
पड़ता
है।
नेताओं
के
दावे
सिर्फ
नाम
के
हैं।