
आरएसएस
की
ड्रेस
पहनकर
बीजेपी
कार्यकर्ता
कांग्रेस
में
हुआ
शामिल.
लोकसभा
चुनाव
को
लेकर
कर्नाटक
की
राजनीति
गरमाई
हुई
है.
कर्नाटक
से
बीजेपी
ने
दक्षिण
भारत
की
राजनीति
में
एंट्री
की
है
और
कर्नाटक
से
अधिक
से
अधिक
सीटें
जीतने
के
लिए
राजनीतक
पार्टियां
जोर
लगा
रही
है.
लोकसभा
चुनाव
में
बीजेपी,
जेडीएस
और
कांग्रेस
ने
ज्यादा
से
ज्यादा
सीटें
जीतने
के
लिए
एड़ी-चोटी
का
जोर
लगा
दिया
है.
ऐसे
में
राज्य
में
दलबदल
की
राजनीति
भी
तेज
हो
गई
है.
बुधवार
को
कर्नाटक
के
गडग
जिले
के
नारगुंडा
में
आयोजित
कार्यकर्ता
सम्मेलन
में
रोना
तालुक
के
मेनासागी
गांव
के
निंगबासप्पा
बानाड
नामक
बीजेपी
का
कार्यकर्ता
आरएसएस
की
ड्रेस
पहनकर
कांग्रेस
में
शामिल
हो
गया.
इसे
लेकर
राज्य
की
राजनीति
में
खूब
चर्चा
हो
रही
है.
पूर्व
विधायक
एसजी
नंजय्यनमाथा
की
मौजूदगी
में
निंगबासप्पा
बानाड
ने
बीजेपी
छोड़
दी
और
कांग्रेस
की
सदस्यता
ग्रहण
की.
मंत्री
शिवानंद
पाटिल
और
पूर्व
मंत्री
बीआर
यौगल
ने
उसके
सिर
से
काली
टोपी
उतारकर
और
खादी
गांधी
टोपी
पहनाकर
और
शॉल
ओढ़ाकर
पार्टी
में
स्वागत
किया.
आरएसएस
की
ड्रेस
में
कांग्रेस
में
हुआ
शामिल
प्राप्त
जानकारी
के
अनुसार
बीजेपी
का
एक
वरिष्ठ
कार्यकर्ता
आरएसएस
की
ड्रेस
में
कांग्रेस
में
शामिल
हो
गया
है.
बुधवार
को
गडग
जिले
के
नारगुंडा
में
आयोजित
कार्यकर्ता
सम्मेलन
में
रोना
तालुक
के
मेनासागी
गांव
के
निंगबासप्पा
बानाड
नामक
आरएसएस
स्वयंसेवक
कांग्रेस
में
शामिल
हो
गए.
खास
बात
यह
है
कि
तीस
साल
तक
आरएसएस
के
सक्रिय
कार्यकर्ता
रहे
बनाड
ने
अपने
गणवेश
में
कांग्रेस
की
शॉल
ओढ़
रखी
थी.
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बता
दें
कि
इस
अवसर
पर
पूर्व
विधायक
एसजी
नंजय्यनमाथा
की
मौजूद
थे.
उनकी
उपस्थिति
में
निंगबासप्पा
बानाड
ने
बीजेपी
छोड़
दी
और
कांग्रेस
का
दामन
थाम
लिया.
मंत्री
शिवानंद
पाटिल
और
पूर्व
मंत्री
बीआर
यौगल
ने
सिर
से
काली
टोपी
उतारकर
और
खादी
गांधी
टोपी
पहनाकर
और
कांग्रेस
शॉल
ओढ़ाकर
निंगबासप्पा
बानाड
का
पार्टी
में
स्वागत
किया.
बीजेपी
छोड़ने
के
साथ
ही
पार्टी
पर
बोला
हमला
कांग्रेस
में
शामिल
होने
के
बाद
बोलते
हुए
निंगबासप्पा
बानाड
ने
कहा
कि
बीजेपी
ने
नारगुंडा
निर्वाचन
क्षेत्र
में
पैसे
बांटे
हैं.
मैंने
भ्रष्टाचार
विरोधी
के
रूप
में
भाजपा
पार्टी
छोड़ी
है.
उन्होंने
कांग्रेस
नेताओं
के
खिलाफ
केंद्रीय
एजेंसियों
के
इस्तेमाल
को
लेकर
पार्टी
पर
हमला
बोला.