80 सीक्रेट बैंक अकाउंट, 100 अघोषित अचल संपत्ति, केरल CPM ने नहीं दी ECI को जानकारी, ED ने किया खुलासा

80 सीक्रेट बैंक अकाउंट, 100 अघोषित अचल संपत्ति, केरल CPM ने नहीं दी ECI को जानकारी, ED ने किया खुलासा
80 सीक्रेट बैंक अकाउंट, 100 अघोषित अचल संपत्ति, केरल CPM ने नहीं दी ECI को जानकारी, ED ने किया खुलासा


प्रवर्तन
निदेशालय.

केंद्रीय
जांच
एजेंसी
प्रवर्तन
निदेशालय
(ईडी)
ने
इलेक्शन
कमीशन
ऑफ
इंडिया
को
सीपीआई
(एम)
के
80
गुप्त
खातों
की
जानकारी
दी.
साथ
ही
पार्टी
ने
त्रिशूर
जिले
में
100
सम्पत्तियों
की
जानकारी
नहीं
शेयर
की
है.
ये
खुलासा
ईडी
ने
करुवंनुर
सर्विसेज
कोऑपरेटिव
बैंक
घोटाले
की
मनी
लॉन्ड्रिंग
अधिनियम
के
तहत
जांच
के
दौरान
पाया
है.
इस
मामले
में
ईडी
ने
पूर्व
मंत्री
एसी
मोइद्दीन
से
भी
पूछताछ
की
थी.
इसी
साल
जनवरी
में
ईडी
ने
चुनाव
आयोग
को
चिट्ठी
लिखकर
जानकारी
दी
थी
कि
इन
80
गुप्त
बैंक
खातों
में
करीब
25
करोड़
रुपये
कैश
जमा
करवाया
गया
था.
ईडी
को
शक
है
कि
पार्टी
ने
ये
जानकारी
इलेक्शन
कमीशन
को
नहीं
दी
थी.

प्रवर्तन
निदेशालय
ने
चुनाव
आयोग
को
पत्र
लिखकर
दावा
किया
है
कि
मनी
लॉन्ड्रिंग
जांच
में
पाया
गया
है
कि
केरल
के
त्रिशूर
जिले
में
लगभग
80
“अघोषित”
बैंक
खाते
और
लगभग
100
अघोषित
अचल
संपत्तियां
हैं.
जांच
एजेंसी
ने
कहा
कि
त्रिशूर
स्थित
करुवन्नूर
सेवा
सहकारी
बैंक
के
मामलों
की
जांच
के
दौरान
उसे
इन
संपत्तियों
का
पता
चला
है.
केरल
सीपीएम
विधायक
और
पूर्व
कैबिनेट
मंत्री

सी
मोइदीन
से
पूछताछ
की
गई
थी.

आधिकारिक
सूत्रों
के
अनुसार
एजेंसी
ने
चुनाव
आयोग
(ईसी)
को
सूचित
किया
गया
है
कि
पार्टी
के
करीब
80
“अघोषित”
बैंक
खातों
के
फंडों
और
कार्यालयों
का
उपयोग
सीपीएम
द्वारा
राजनीतिक
उपक्रम
के
लिए
किया
जा
रहा
है.
जन
प्रतिनिधित्व
अधिनियम
के
प्रावधानों
के
अनुसार,
पार्टी
द्वारा
चुनाव
आयोग
और
आयकर
विभाग
को
सूचित
किया
गया.
सूत्रों
ने
कहा
कि
चुनाव
आयोग
ने
केंद्रीय
प्रत्यक्ष
कर
बोर्ड
(सीबीडीटी)
को
निर्देश
दिया
है
कि
इनकी
जांच
करने
के
लिए
आयकर
विभाग
को
प्रशासनिक
अधिकार
दिया
गया
है.

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भी
पढ़ें

100
करोड़
की
120
संपत्तियां
जब्त

आधिकारिक
सूत्रों
के
अनुसार,
ईडी
को
संदेह
है
कि
पार्टी
के
पास
कुछ
और
ऐसी
संपत्तियां
हैं.
राज्य
के
अन्य
जिलों
में
भी
और
इसने
इस
संदर्भ
में
अपनी
जांच
का
दायरा
बढ़ा
दिया
है.

एजेंसी
ने
चार्जशीट
में
अदालत
को
यह
भी
बताया
था
कि
मनी
लॉन्ड्रिंग
रोकथाम
अधिनियम
के
तहत
दायर
मामले
में
अधिक
की
कुर्की
की
गई
है.
इस
मामले
में
अब
तक
करीब
100
करोड़
रुपये
की
120
संपत्तियां
जब्त
की
जा
चुकी
हैं.
हालांकि
एजेंसी
ने
इस
आरोपपत्र
में
मोइदीन
का
नाम
नहीं
लिया
था.

2010
में
धोखाधड़ी
का
मामले
का
हुआ
था
खुलासा

मनी
लॉन्ड्रिंग
के
मामले
में
केरल
पुलिस
(अपराध)
ने
त्रिशूर
में
16
एफआईआर
दर्ज
की
है.
त्रिशूर
स्थित
सीपीएम
नियंत्रित
बैंक
में
2010
में
शुरू
हुए
कथित
धोखाधड़ी
के
इस
मामले
ने
राज्य
में
राजनीतिक
विवाद
पैदा
कर
दिया
था
और
वामपंथी
पार्टी
ने
इसका
खंडन
किया
था.

ईडी
ने
कहा
है
कि
मामले
में
उसकी
जांच
में
पाया
गया
कि
एक
राजनीतिक
दल
के
जिला
स्तर
के
नेता
और
समिति
के
सदस्य
बैंक
एजेंट
के
माध्यम
से
गैर-सदस्यीय
बेनामियों
को
उनकी
जानकारी
के
बिना
गरीब
सदस्यों
की
संपत्तियों
को
गिरवी
रखकर
नकद
में
ऋण
वितरित
किए
गए
और
धन
लूटे
गए.
धन
की
हेराफेरी
और
धनशोधन
किया
गया.
इस
मामले
में
ईडी
ने
अब
तक
चार
लोगों
को
गिरफ्तार
किया
है.