कौन हैं मलूक नागर, जिन्होंने चुनाव से ठीक पहले मायावती को दिया झटका

कौन हैं मलूक नागर, जिन्होंने चुनाव से ठीक पहले मायावती को दिया झटका
कौन हैं मलूक नागर, जिन्होंने चुनाव से ठीक पहले मायावती को दिया झटका


मलूक
नागर

आगामी
लोकसभा
चुनाव
से
पहले
बहुजन
समाज
पार्टी
को
एक
बड़े
झटके
का
सामना
करना
पड़
रहा
है.
उत्तर
प्रदेश
के
बिजनौर
संसदीय
सीट
से
लोकसभा
सदस्य
मलूक
नागर
ने
पार्टी
से
इस्तीफा
दे
दिया
है.
इस्तीफा
देते
हुए
उन्होंने
2
पन्ने
की
चिढ्ढी
लिखी,
जिसमें
उन्होंने
पार्टी
छोड़ने
की
वजह
बताई
है.
मालूक
नागर
ने
साल
2006
में
पार्टी
ज्वाइन
की
थी,
उन्हें
उत्तर
प्रदेश
के
सबसे
अमीर
सांसद
के
तौर
पर
जाना
जाता
है.

बसपा
सुप्रीमो
मायावती
ने
साल
मालूक
नागर
को
साल
2009
में
मेरठ
और
साल
2014
में
बिजनौर
से
चुनाव
में
उम्मीदवार
बनाया
था,
हालांकि
दोनों
ही
चुनाव
में
उन्हें
हार
का
सामना
करना
पड़ा
था.
इसके
बार
वापस
तीसरी
बार
उन्हें
साल
2019
के
लोकसभा
चुनाव
में
बसपा
और
सपा
ने
संयुक्त
रूप
से
प्रत्याशी
घोषित
किया
और
मलूक
नागर
ने
काफी
ज्यादा
वोटों
के
अंतर
पर
जीत
हासिल
हुई.
मलूक
उत्तर
प्रदेश
के
हापुड़
जिले
के
रहने
वाले
हैं.

पढ़ाई
में
थे
काफी
होशियार

मलूक
नागर
का
जन्म
3
जुलाई
साल
1964
में
हापुड़
जिले
के
शकरपुर
गांव
में
हुआ
था.
बचपन
से
ही
मलूक
पढ़ाई
में
काफी
ज्यादा
होशियार
थे.
नागर
ने
साल
1980
में
अपनी
हाईस्कूल
की
पढ़ाई
उपेरा
में
स्थित
एचएनएस
कॉलेज
से
की,
इसके
बाद
उन्होंने
मेरठ
के
एएस
इंटर
कॉलेज
से
अपनी
इंटरमीडिएट
की
पढ़ाई
पूरी
की.
साल
1985
में
हापुड़
के
एसएसवी
डिग्री
कॉलेज
से
उन्होंने
अपनी
ग्रेजुएशन
की
डिग्री
ली.
पढ़ाई
पूरी
करने
के
बाद
उन्होंने
बिजनेस
शुरू
करने
का
मन
बना
लिया.

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पढ़ें

250
करोड़
की
है
संपत्ति

मलूक
उत्तर
प्रदेश
के
बड़े
कारोबारी
हैं.
साल
2019
में
लोकसभा
चुनाव
के
नामांकन
के
दौरान
दाखिल
किए
गए
हलफनामे
के
मुताबिक,
नागर
की
कुल
संपत्ति
लगभग
250
करोड़
रुपये
हैं
इसके
अलावा
उनके
पास
115
करोड़
से
ज्यादा
की
अचल
संपत्ति
है.
अचल
संपत्ति
के
अंतर्गत
उनकी
प्रॉपर्टी
और
जमीन
आती
हैं.
नागर
पर
बैंकों
का
101.61
करोड़
रुपये
का
कर्ज
है.
उनके
और
भाई
के
खिलाफ
स्टेट
बैंक
ऑफ
इंडिया
ने
नोटिस
जारी
किया
था.
यह
नोटिस
54
करोड़
रुपये
वसूली
का
था.
बैंक
की
इस
नोटिस
के
बाद
नागर
के
कुछ
ठिकानों
पर
इनकम
टैक्स
डिपार्टमेंट
की
रेड
भी
हुई
थी.

मलूक
को
इस
बार
बिजनौर
की
सीट
से
टिकट
मिलने
की
उम्मीद
थी,
लेकिन
मायावती
ने
इस
बार
चौधरी
बिजेंद्र
सिंह
को
अपनी
पार्टी
का
उम्मीदवार
बनाया
है.
बिजनौर
से
टिकट

मिलने
से
मलूक
नाराज
थे,
जिसके
बाद
उन्होंने
पार्टी
से
इस्तीफा
दे
दिया.
मलूक
को
मायावती
का
खास
माना
जाता
था.