
विस्तार
अमर
उजाला
के
चुनावी
रथ
‘सत्ता
का
संग्राम’
की
शुरुआत
आज
गुरुवार
को
छिंदवाड़ा
में
हुई।
छिंदवाड़ा
कमलनाथ
का
गढ़
है।
45
साल
से
कमलनाथ
या
उनके
परिवार
का
कोई
सदस्य
यहां
सत्ता
में
है।
इस
बार
भी
कांग्रेस
के
टिकट
पर
नकुल
नाथ
यहां
से
चुनाव
लड़
रहे
हैं।
बस
स्टैंज
के
पास
राजनीतिक
चर्चा
में
यहां
की
सियासत
का
मिजाज
समझते
हैं।
भाजपा
समर्थित
डॉ.
गोपाल
यदुवंशी
का
कहना
है
कि
छिंदवाड़ा
हम
जीत
रहे
हैं।
यहां
हम
डेढ़
लाख
वोटों
से
जीतेंगे।
कांग्रेस
कह
रही
है
कि
लोकतंत्र
खतरे
हैं,
मुझे
तो
लगता
है
कांग्रेस
ही
खतरे
में
है।
उन्हें
इस
बार
35
सीटें
भी
नहीं
मिल
पाएंगी,
ऑल
इंडिया
लेवल
पर।
हमारे
ऊपर
दाग
जैसा
लगता
था
कि
छिंदवाड़ा
नहीं
निकल
पा
रहा
है.
मैं
बता
दूं
कि
इस
बार
छिंदवाड़ा
जीतेंगे।
चार
साल
से
इसके
लिए
मेहनत
चल
रही
है।
यहां
जितने
भी
लोग
खड़े
हैं,
उनसे
पूछिए
कि
क्या
इनके
पास
नकुलनाथ-कमलनाथ
का
नंबर
है,
नहीं
होगा।
हमारे
प्रत्याशी
का
नंबर
होगा।
उन्होंने
जनता
की
सेवा
की
है।
कोरोना
काल
में
लोगों
ने
देखा
है
कि
कितनी
मदद
की
है।
कांग्रेस
से
जुड़े
रवि
पांडे
का
कहना
है
कि
जनता
सब
जानती
है।
44
साल
से
कमलनाथ
का
साथ
यहां
के
लोगों
को
मिला
है।
बच्चे
से
बूढ़े
तक
सब
केंद्र
की
सरकार
से
परेशान
हैं।
महंगाई,
बेरोजगारी
का
मुंहतोड़
जवाब
दिया
जाएगा।
हमारे
सांसद
ने
अपने
स्तर
पर
प्रयास
किए
जा
रहे
हैं।
रोजगार
दिलाए
भी
हैं।
भाजपा
तो
अपने
वादों
के
भरोसे
चुनाव
जीती
है,
क्या
वो
पूरे
हुए
हैं।
लाडली
बहना,
सस्ता
सिलेंडर
सब
छलावा
है,
चुनावी
वादा
है।
नकुलनाथ
यहां
से
बड़े
अंतर
से
जीतेंगे।