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Blast
Case;
Mussavir
Shazeeb
Hussain,
Abdul
Matheen
Taha
कोलकाता/
बेंगलुरु2
मिनट
पहले
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बेंगलुरु
के
रामेश्वरम
कैफे
में
2
मार्च
को
IED
ब्लास्ट
किया
गया
था।
इसमें
9
लोग
घायल
हुए
थे।
बेंगलुरु
के
रामेश्वरम
कैफे
ब्लास्ट
मामले
में
NIA
ने
शुक्रवार
को
कोलकाता
से
दो
आरोपियों
को
गिरफ्तार
किया।
इनके
नाम
अब्दुल
मतीन
ताहा
और
मुसाविर
हुसैन
शाजिब
हैं।
NIA
के
मुताबिक,
2
मार्च
को
शाजिब
ने
कैफे
में
IED
रखा
था,
जबकि
ताहा
ने
इसका
पूरा
प्लान
तैयार
किया
था।
बेंगलुरु
के
रामेश्वरम
कैफे
ब्लास्ट
मामले
की
जांच
कर
रही
NIA
ने
5
अप्रैल
को
बताया
कि
मामले
में
मुख्य
और
सह-आरोपी
की
पहचान
हो
गई
है।
मुसाविर
हुसैन
शाजिब
मुख्य
आरोपी
और
अब्दुल
मतीन
ताहा
सह-आरोपी
है।
मुसाविर
ही
कैफे
में
विस्फोटक
लेकर
गया
था।
दोनों
ही
शिवमोगा
जिले
के
तीर्थहल्ली
के
रहने
वाले
हैं।
NIA
ने
दोनों
की
तलाश
में
कर्नाटक,
तमिलनाडु
और
यूपी
के
18
ठिकानों
पर
छापेमारी
की
थी।
29
मार्च
से
दोनों
पर
10
लाख
रुपए
का
इनाम
घोषित
है।
वहीं,
जांच
एजेंसी
ने
ब्लास्ट
केस
में
BJP
कार्यकर्ता
साई
प्रसाद
को
भी
हिरासत
में
लिया
है।
NIA
का
कहना
है
कि
साई
का
कैफे
ब्लास्ट
के
आरोपियों
से
कनेक्शन
है।
9
मार्च
को
NIA
ने
आरोपी
की
तस्वीर
जारी
की
थी
शाजिब
और
ताहा
दोनों
ही
ISIS
मॉड्यूल
का
हिस्सा
इससे
पहले
जांच
एजेंसी
ने
23
मार्च
को
दो
संदिग्धों
की
पहचान
की
थी।
फरार
आरोपी
ताहा
तमिलनाडु
पुलिस
इंस्पेक्टर
के
विल्सन
की
हत्या
के
मामले
में
वॉन्टेड
था
और
चेन्नई
में
मुख्य
संदिग्ध
के
साथ
रहा
था।
NIA
के
मुताबिक,
शाजिब
और
ताहा
दोनों
ही
ISIS
मॉड्यूल
का
हिस्सा
हैं।
इसकी
पुष्टि
मॉड्यूल
के
सदस्यों
ने
भी
की
थी,
जिन्हें
पहले
गिरफ्तार
किया
गया
था।
NIA
ने
1
हजार
CCTV
खंगाले,
कैप
की
मदद
से
संदिग्ध
की
पहचान
की
NIA
ने
मुख्य
आरोपी
की
पहचान
आसपास
के
एक
हजार
से
अधिक
CCTV
कैमरों
की
जांच
करके
की
थी।
राष्ट्रीय
जांच
एजेंसी
के
मुताबिक,
ताहा
हमेशा
टोपी
पहनता
था,
जो
उसने
चेन्नई
में
रहने
के
दौरान
खरीदी
थी।
संदिग्ध
हमलावर
शाजिब
को
विस्फोट
के
दिन
वही
टोपी
पहने
देखा
गया
था।
जांच
में
पाया
गया
कि
इस
टोपी
के
सिर्फ
400
पीस
ही
बेचे
गए
थे।
एक
अन्य
CCTV
फुटेज
में
NIA
अधिकारियों
ने
ताहा
को
चेन्नई
के
एक
मॉल
से
टोपी
खरीदते
हुए
देखा
था।
विस्फोट
के
बाद
संदिग्ध
ने
कैफे
से
कुछ
दूरी
पर
टोपी
गिरा
दी
थी।
जांच
करने
पर
पता
चला
कि
टोपी
जनवरी
के
आखिर
में
मॉल
से
खरीदी
गई
थी।
NIA
के
सूत्रों
ने
यह
भी
कहा
कि
उन्हें
टोपी
में
बाल
मिले,
जिसे
फोरेंसिक
में
भेजा
गया
था।
रिपोर्ट
में
मुख्य
संदिग्ध
शाजिब
के
माता-पिता
के
DNA
सैंपल
से
इसे
मिलाया
गया।
बाद
में
शाजिब
के
माता-पिता
ने
उसका
CCTV
फुटेज
देखा
और
पुष्टि
की
कि
जो
व्यक्ति
देखा
गया
वह
उनका
बेटा
है।
एजेंसी
ने
यह
भी
कहा
कि
संदिग्ध
को
आखिरी
बार
आंध्र
प्रदेश
के
नेल्लोर
में
देखा
गया
था।
ये
कैफे
के
भीतर
आरोपी
की
तस्वीर
है,
जिसमें
वह
इडली
की
प्लेट
लिए
दिख
रहा
है।
शाजिब
की
मदद
करने
वाला
26
मार्च
को
गिरफ्तार
किया
गया
था
NIA
ने
26
मार्च
को
चिकमंगलुरु
के
रहने
वाले
मुजम्मिल
शरीफ
को
गिरफ्तार
किया
था।
मुजम्मिल
ने
मुसाविर
हुसैन
शाजिब
और
अब्दुल
मतीन
ताहा
को
ब्लास्ट
से
जुड़ा
सामान
मुहैया
कराया
था।
मुजम्मिल
को
पकड़ने
के
लिए
NIA
ने
तीन
राज्यों
कर्नाटक,
तमिलनाडु
और
उत्तर
प्रदेश
में
छापेमारी
की।
तलाशी
के
दौरान
कुछ
कैश
के
साथ
कई
डिजिटल
डिवाइस
भी
जब्त
किए
गए
थे।
NIA
ने
आरोपी
की
जानकारी
के
लिए
10
लाख
इनाम
का
ऐलान
किया
था
नेशनल
इन्वेस्टिगेशन
एजेंसी
(NIA)
ने
रामेश्वरम
कैफे
में
ब्लास्ट
के
आरोपी
की
जानकारी
के
बदले
10
लाख
रुपए
का
इनाम
देने
की
पेशकश
की
है।
एजेंसी
ने
सोशल
मीडिया
पोस्ट
के
जरिए
कहा
कि
जो
भी
व्यक्ति
ऐसी
कोई
जानकारी
देगा,
जिसकी
मदद
से
आरोपी
गिरफ्तार
हो
सके,
वह
इनाम
का
हकदार
होगा।
NIA
ने
यह
भी
कहा
कि
जानकारी
देने
वाले
की
पहचान
गोपनीय
रखी
जाएगी।
यह
जानकारी
info.blr.nia@gov.in
ईमेल
या
080-29510900
और
8904241100
फोन
नंबर
पर
दी
जा
सकती
है।
एजेंसी
ने
सोशल
मीडिया
पोस्ट
में
आरोपी
की
तस्वीर
भी
जारी
की।
यह
तस्वीर
1
मार्च
को
विस्फोट
से
पहले
CCTV
कैमरे
में
कैप्चर
हुई
थी।
खबरें
और
भी
हैं…