
केंद्रीय
मंत्री
राजीव
चंद्रशेखर
लोकसभा
चुनावों
के
लिए
जमकर
प्रचार
किया
जा
रहा
है.
राजनीतिक
पार्टियां
एक-दूसरे
पर
आरोप
लगा
रही
हैं.
इस
बीच
भारतीय
जनता
पार्टी
(बीजेपी)
के
नेता
व
केंद्रीय
मंत्री
राजीव
चंद्रशेखर
चर्चा
में
बने
हुए
हैं.
ये
चर्चा
उनकी
ओर
से
दाखिल
हलफनामे
को
लेकर
है,
जिसमें
कांग्रेस
ने
आरोप
लगाया
है
कि
चंद्रशेखर
की
वास्तविक
आय
घोषित
आय
से
ज्यादा
है.
इस
संबंध
में
केंद्रीय
मंत्री
ने
कांग्रेस
पर
पलटवार
किया
है
और
जवाब
दिया
है
है.
उन्होंने
कहा
कि
कोरोना
के
दौरान
बिजनेस
में
हुए
घाटे
की
वजह
से
टैक्सेबल
इनकम
2021-22
में
गिर
गई.
दरअसल,
कांग्रेस
ने
चुनाव
आयोग
से
उनकी
वास्तविक
इनकम
से
टैक्सेबल
इनकम
को
लेकर
शिकायत
की
थी.
इसके
बाद
आयोग
ने
केंद्रीय
प्रत्यक्ष
कर
बोर्ड
(सीबीडीटी)
को
निर्देश
दिया
था
कि
वह
चंद्रशेखर
के
जमा
हलफनामे
की
जांच
करे.
चुनाव
आयोग
के
निर्देश
के
दो
दिन
बाद
केंद्रीय
ने
अपना
जवाब
दिया.
उन्होंने
कहा
कि
चूंकि
कांग्रेस
साल
2021-22
में
मेरी
टैक्सेबल
इनकम
680
रुपए
को
लेकर
एक
अभियान
चलाने
की
योजना
बना
रही
है.
मैं
कई
सालों
से
केवल
सार्वजनिक
जीवन
में
हूं
और
मेरी
आय
केवल
सांसद
के
वेतन,
भत्ते
और
बचत,
निवेश
से
प्राप्त
ब्याज
से
होती
है.
सार्वजनिक
जीवन
में
उनके
ऊपर
18
साल
में
कोई
आरोप
नहीं
लगा
है.
कांग्रेस
की
ओर
से
उन्हें
बदनाम
करने
की
कोशिश
की
गई
है.
खासकर
उनके
ऊपर
तिरुवनंतपुरम
से
चुनाव
लड़ने
के
बाद
ये
दाग
लगा
है.
तिरुवनंतपुरम
लोकसभा
सीट
त्रिकोणीय
मुकाबला
चंद्रशेखर
के
चुनावी
हलफनामे
के
अनुसार,
2022-23
में
उनकी
आय
5,59,200
रुपए
थी,
जो
पिछले
वित्त
वर्ष
में
उनकी
टैक्सेबल
इनकम
से
822
गुना
अधिक
है.
कांग्रेस
का
आरोप
है
कि
मीडिया
और
टेक्नोलॉजी
की
कंपनियों
सहित
तमाम
व्यवसायों
के
मालिक
चंद्रशेखर
ने
अधिकांश
संपत्ति
अपनी
फाइलिंग
में
छुपाई
है.
बता
दें
कि
राजीव
चन्द्रशेखर
तिरुवनंतपुरम
लोकसभा
सीट
से
बीजेपी
के
प्रत्याशी
हैं.
उनका
कांग्रेस
के
दिग्गज
नेता
शशि
थरूर
और
सीपीआई
के
एलडीएफ
उम्मीदवार
पन्नियन
रवींद्रन
से
मुख्य
मुकाबला
है.
इस
सीट
पर
त्रिकोणीय
लड़ाई
है.
तीनों
उम्मीदवार
चुनावी
अखाड़े
में
जमकर
पसीना
बहा
रहे
हैं