
103
साल
के
हबीब
मियां
का
निधन।
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
राजधानी
के
वयोवृद्ध
स्वतंत्रता
संग्राम
सेनानी
हबीब
मियां
(मंझले
अब्बा)
का
इंतकाल
हो
गया।
उम्र
का
शतक
पार
कर
चुके
हबीब
मियां
पिछले
दिनों
उस
समय
चर्चाओं
में
आए
थे,
जब
49
साल
की
महिला
फिरोज
से
निकाह
करने
का
उनका
एक
वीडियो
सोशल
मीडिया
पर
वायरल
हुआ
था।
जिसके
बाद
उनकी
खूब
चर्चा
हुई
थी।
दरअसल,
पुराने
शहर
के
बाशिंदे
हबीब
मियां
का
ईद
के
दिन
गुरुवार
को
इंतकाल
हो
गया।
अपने
करीबियों
और
जान
पहचान
वालों
में
वे
मंझले
अब्बा
के
नाम
से
मशहूर
थे।
भोपाल
के
चुनिंदा
स्वतंत्रता
संग्राम
सेनानियों
में
शामिल
हबीब
मियां
की
नमाज
ए
जनाजा
टीबी
सेंटर
सेंट्रल
लाइब्रेरी
रोड
पर
अदा
कराई
गई।
जिसके
बाद
छावनी
स्थित
नत्था
शाह
कब्रिस्तान
में
सुपुर्द
ए
खाक
किया
गया।
हबीब
मियां
के
आखिरी
सफर
में
बड़ी
तादाद
में
लोग
मौजूद
थे।
इसलिए
आए
सुर्खियों
में
103
साल
उम्र
पार
कर
चुके
हबीब
मियां
पिछले
दिनों
उस
समय
सुर्खियों
मे
थे,
जब
49
साल
की
महिला
के
साथ
निकाह
करने
का
उनका
वीडियो
वायरल
हुआ
था।
हालांकि,
उनका
निकाह
2023
में
हुआ
था।
लेकिन,
इसका
वीडियो
इस साल
जनवरी
महीने
में
वायरल
हुआ
था।
जिसमें
वे
कजियात
पहुंचकर
निकाह
की
कागजी
खानापूर्ति
पूरी
करने
के
बाद
अपनी
बेगम
के
साथ
खुश
दिखाई
दे
रहे।
इसे
लेर
हबीब
मियां
ने
कहा
था
कि
ये
दिल
का
मामला
है,
दिल
में
गुंजाइश
होना
चाहिए,
बाकी
सब
आसान
है।
इसलिए
वायरल
हुए
2023
में
हुए
इस
अनोखे
निकाह
का
वीडियो
तेजी
से
सोशल
मीडिया
पर
वायरल
हुआ
था।
जिसमें
मुफ्ती
ए
शहर
मोहम्मद
अबूल
कलाम
खान
कासमी
भी
दूल्हा
दुल्हन
को
मुबारकबाद
देते
दिखाई
दे
रहे
थे।
इस
विडियो
में
मुतवल्ली
कमेटी
के
कर्मचारी
और
काजी
कैंप
हलके
के
निकाहख्वाह
मौलाना
याकूब
साहब
की
मुबारकबादी
आवाज
सुनाई
दे
रही
थीं।
इस
समय
मसाजिद
कमेटी
का
वह
ऐतिहासिक
फैसला
चर्चाओं
में
था,
जिसमें
कमेटी
ने
मुफ्ती
मोहम्मद
अबुल
कलाम
कासमी
को
पद
से
हटाने
का
नोटिस
जारी
कर
दिया
था।
उन
पर
सियासी
गतिविधियों
में
सक्रिय
रहने
और
सरकार
विरोधी
बयानबाजियां
करने
के
आरोप
लगे
थे।
संभवतः
इस
वीडियो
में
मुफ्ती
कलाम
साहब
की
मौजूदगी
को
दर्शाने
की
गरज
से
ही
इस
पुराने
वीडियो
को
सोशल
मीडिया
प्लेटफार्म
पर
वायरल
किया
गया
था।
हालांकि,
बाद
में
तेजी
से
चले
घटनाक्रम
में
सियासत
हावी
हो
गई।
जिसके
बाद
नोटिस
जारी
करने
वाले
मसाजिद
कमेटी
के
सचिव
यासिर
अराफात
को
पद
से
हटाकर
उनके
स्थान
पर
अन्य
कर्मचारी
सैयद
उवैस
अली
को
प्रभारी
सचिव
बना
दिया
गया।
फिलहाल
मामला
अदालती
में
है।
जबलपुर
हाईकोर्ट
ने
अल्पसंख्यक
कल्याण
विभाग
को
सचिव
बदले
जाने
को
लेकर
अवमानना
नोटिस
जारी
किया
है।