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दिल्ली28
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पहले
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भारतपे
के
को-फाउंडर
और
पूर्व
मैनेजिंग
डॉयरेक्टर
अशनीर
ग्रोवर
ने
मेडिकल
लोन
ऐप
‘जीरोपे’
के
साथ
फिनटेक
सेक्टर
दूसरी
बार
एंट्री
की
है।
गूगल
प्लेस्टोर
लिस्टिंग
के
अनुसार,
‘जीरोपे’
को
थर्ड
यूनिकॉर्न
प्राइवेट
लिमिटेड
ने
डेवलप
किया
है,
जो
3,
6,
9
और
12
महीने
के
ड्यूरेशन
का
लोन
प्रोवाइड
करता
है।
जीरोपे
ने
लोन
देने
के
लिए
दिल्ली
बेस्ड
नॉन-बैंकिंग
फाइनेंशियल
कंपनी
(NBFC)
मुकुट
फिनवेस्ट
के
साथ
पार्टरशिप
की
है,
जो
5
लाख
रुपए
तक
का
इंस्टेंट
प्री-अप्रूव
मेडिकल
लोन
प्रोवाइड
करता
है।
हालांकि,
यह
सर्विस
खास
तौर
पर
पार्टनरशिप
वाले
हॉस्पिटल्स
में
मिलती
है।
जनवरी
2023
में
अशनीर
ग्रोवर
ने
लॉन्च
किया
था
यूनिकॉर्न
लॉन्च
भारतपे
से
निकलने
के
बाद
अशनीर
ग्रोवर
ने
अपनी
पत्नी
माधुरी
जैन
ग्रोवर
और
चंडीगढ़
बेस्ड
एंटरप्रेन्योर
असीम
घावरी
के
साथ
मिलकर
जनवरी
2023
में
थर्ड
यूनिकॉर्न
लॉन्च
किया
था।
थर्ड
यूनिकॉर्न
ने
क्रिकपे
के
साथ
शुरुआत
की,
जिसका
मुकाबला
ड्रीम11,
गेम्स24×7
और
माई
11
सर्किल
जैसे
ऐप्स
से
होता
है।
साल
2022
से
विवादों
में
हैं
को-फाउंडर
अशनीर
ग्रोवर
भारत
पे
के
को-फाउंडर
अशनीर
ग्रोवर
साल
2022
से
विवादों
में
हैं।
इसके
पीछे
की
मुख्य
वजह
अशनीर
का
वायरल
हुआ
एक
ऑडियो
था।
इसमें
वे
कोटक
महिंद्रा
बैंक
के
एक
कर्मचारी
से
अपमानजनक
भाषा
बोलते
सुनाई
दे
रहे
थे।
इसके
अलावा
कंपनी
के
नियमों
के
खिलाफ
बिहेवियर
होने
का
भी
उन
पर
आरोप
लगा
था।
अशनीर
और
उनकी
पत्नी
के
खिलाफ
शिकायत
मिलने
पर
कंपनी
ने
जांच
बिठाने
का
फैसला
किया।
इस
जांच
में
उनकी
पत्नी
माधुरी
जैन
ग्रोवर
को
पैसों
के
हेरफेर
में
शामिल
पाया
गया।
उनपर
आरोप
लगे
थे
कि
उन्होंने
पर्सनल
ब्यूटी
ट्रीटमेंट,
इलेक्ट्रॉनिक
प्रॉडक्ट्स
खरीदने
और
अमेरिका
व
दुबई
की
फैमिली
वेकेशन
के
लिए
कंपनी
के
पैसों
का
इस्तेमाल
किया
था।
निजी
स्टाफ
को
पेमेंट
भी
कंपनी
अकाउंट
से
किया
और
परिचित
लोगों
से
फर्जी
रसीदें
बनवाकर
पेश
कीं।
इसके
बाद
उन्हें
कंपनी
से
बर्खास्त
कर
दिया
गया
था।
फिर
अपनी
ही
कंपनी
के
फैसलों
के
खिलाफ
ग्रोवर
ने
सिंगापुर
इंटरनेशनल
आर्बिट्रेशन
सेंटर
(SIC)
में
अपील
की
थी।
यहां
भी
उन्हें
हार
का
सामना
करना
पड़ा।
इसके
बाद
मार्च
2022
में
अशनीर
को
भारत
पे
कंपनी
को
छोड़ना
पड़ा
था।
फिनटेक
कंपनी
क्या
होती
है?
फिनटेक
(FinTech),
‘फाइनेंशियल
टेक्नोलॉजी’
का
शॉर्ट
नाम
है।
पैसों
के
ऑनलाइन
लेनदेन
में
इस
टेक्नोलॉजी
का
इस्तेमाल
किया
जाता
है।
इसके
जरिए
पैसों
का
लेन-देन,
डिजिटल
कर्ज,
बैंक
के
काम,
क्रिप्टोकरेंसी
आदि
से
जुड़े
काम
को
ऑनलॉइन
किसी
ऐप
के
जरिए
किया
जाता
है।