
संदेशखाली
में
प्रदर्शन
करतीं
महिलाएं.
पश्चिम
बंगाल
के
संदेशखाली
की
तस्वीर
अभी
भी
नहीं
बदली
है.
शेख
शाहजहां,
शिबू
हाजरा,
उत्तम
सरदार
की
गिरफ्तारी
के
बाद
भी
तस्वीर
नहीं
बदली
है.
एक
बार
फिर
इलाके
की
महिलाएं
सड़क
पर
उतरकर
प्रदर्शन
कर
रही
हैं.
शुक्रवार
सुबह
से
ही
ये
तस्वीर
सामने
आ
रही
है.
पहले
महिलाओं
ने
जमीन
हड़पने,
महिला
उत्पीड़न
जैसी
शिकायतें
की
थीं.
अब
100
दिन
के
काम
के
पैसे
को
लेकर
शिकायत
सामने
आई
है.
जिन्होंने
काम
किया
है,
उन्हें
पैसा
नहीं
मिल
रहा
है,
लेकिन
जो
काम
नहीं
कर
रहे
हैं,
उन्हें
पैसा
मिल
रहा
है.
संदेशखाली
में
इस
तरह
के
आरोप
लगाये
गये
हैं.
इस
बार
महिलाओं
के
खिलाफ
अत्याचार
के
खिलाफ
नहीं,
बल्कि
अपने
अधिकारों
की
मांग
को
लेकर
सड़क
पर
उतरी
हैं.
महिलाओं
ने
100
दिनों
के
काम
के
पैसे
के
भुगतान
नहीं
किए
जाने
के
विरोध
में
विरोध
प्रदर्शन
किया
है.
संदेशखाली
के
ब्लॉक
नंबर
1
से
संबंधित
नित्यबेरिया
के
निवासियों
ने
शिकायत
की
कि
साल
2022
में
उन
लोगों
ने
16
दिन
काम
किया
गया
था.
आरोप
है
कि
100
दिनों
के
काम
का
पैसा
स्थानीय
टीएमसी
के
नेताओं
के
परिवारों
को
बांट
दिया
गया.
सवाल
यह
है
कि
यह
कैसे
हुआ?
कुछ
लोगों
का
कहना
है
कि
16
दिन
काम
करने
वाले
78
लोगों
को
अब
तक
पैसे
नहीं
मिले
हैं.
ये
भी
पढ़ें
100
दिनों
के
काम
के
पैसे
नहीं
मिलने
पर
प्रदर्शन
केंद्र
द्वारा
100
दिन
के
काम
का
बकाया
नहीं
देने
पर
मुख्यमंत्री
ममता
बनर्जी
ने
राज्य
सरकार
के
कोष
से
पैसा
देने
का
फैसला
किया
है.
जिन
लोगों
ने
100
दिन
काम
किया
है,
उन्हें
वह
पैसा
पिछले
फरवरी
के
आखिरी
हफ्ते
से
मिलना
शुरू
हो
गया
है,
लेकिन
अब
उसी
पैसे
के
भुगतान
को
लेकर
शिकायत
सामने
आई
है.
एक
ग्रामीण
ने
सूची
दिखाते
हुए
कहा,
”अमल
कुमार
दास
ने
अपने
जीवन
में
कभी
भी
100
दिन
काम
नहीं
किया,
उन्हें
भी
रुपये
मिलते
थे.
वरुण
दास
की
पत्नी
अपर्णा
दास
को
भी
रुपये
मिले.
वे
नहीं
जानते
कि
मिट्टी
का
क्या
करें.
उसके
खाते
में
पैसे
भी
आये.
हर
कोई
ठंडे
कमरे
में
बैठता
है
और
तय
करता
है
कि
पैसा
किसे
मिलेगा.”
उन्होंने
दावा
किया
कि
बड़ाबाबू
के
पास
जाने
से
भी
कोई
फायदा
नहीं
हुआ.
तृणमूल
नेता
भास्कर
मित्रा
ने
आरोप
से
इनकार
किया
है.
उन्होंने
कहा,
”वे
गलतफहमियां
हैं.
मुख्यमंत्री
ने
खाते
में
पैसा
दे
दिया
है.
भाजपा
द्वारा
विरोध
प्रदर्शनों
को
हवा
दी
जा
रही
है.
क्या
बदल
जाएगा
टीएमसी
का
उम्मीदवार,
अटकलें
तेज
इस
बीच,
बीजेपी
ने
संदेशखाली
के
लोकसभा
सीट
बशीरहाट
से
संदेशखाली
की
पीड़िता
रेखा
पात्रा
के
नाम
की
घोषणा
की
है.
उनके
नाम
के
ऐलान
के
बाद
अटकलें
शुरू
हुई
गई
हैं.
यह
अटकलें
लगाई
जा
रही
हैं
कि
टीएमसी
अपना
उम्मीदवार
बदल
सकती
है.
तृणमूल
उम्मीदवार
हाजी
नुरुल
गंभीर
रूप
से
बीमार
पड़
गये.
इसके
बाद
से
ही
उम्मीदवार
बदलने
की
अटकलें
शुरू
हो
गई
हैं.
सुनने
में
आ
रहा
है
कि
बीमारी
ज्यादा
बिगड़ने
पर
उम्मीदवार
बदला
जा
सकता
है.
इस
बीच,
हाजी
नुरुल
ने
आज
सुबह
एक
फेसबुक
वीडियो
के
जरिए
सभी
को
बधाई
दी.
इस
वीडियो
को
दिखाकर
फॉलोअर्स
दावा
कर
रहे
हैं
कि
नुरुल
पूरी
तरह
से
स्वस्थ
हैं.
लेकिन
अगर
बीमारी
बढ़
गई
तो
क्या
होगा?
तब
उम्मीदवार
बदलने
की
संभावना
रहेगी.
गौरतलब
है
कि
हाजी
नुरुल
बीमार
थे
और
कुछ
दिन
पहले
उन्हें
अस्पताल
में
भर्ती
कराया
गया
था.
उन्हें
बुखार
के
लक्षणों
के
साथ
भर्ती
कराया
गया
था.
बाद
में
पता
चला
कि
उन्हें
फेफड़ों
में
संक्रमण
है.
उनका
इलाज
आईसीयू
में
किया
गया.
बाद
में
उन्हें
छोड़
दिया
गया
था.