
म्यांमार
में
फंसे
यूपी
के
लड़के.
यूपी
के
तीन
युवकों
को
म्यांमार
में
बंधक
बनाए
जाने
का
मामला
सामने
आया
है.
तीनों
पेशे
से
इंजीनियर
हैं.
इसमें
से
दो
लखनऊ
और
एक
बाराबंकी
का
रहने
वाला
है.
इन्हें
मलेशिया
में
नौकरी
दिलाने
की
बात
कही
गई
थी.
मगर,
इनसे
साइबर
फ्रॉड
कराया
जा
रहा
है.
विरोध
कर
पर
यातनाएं
दी
जा
रही
हैं.
इस
मामले
में
विदेश
मंत्रालय
(Ministry
of
External
Affairs)
का
बयान
आया
है.
विदेश
मंत्रालय
ने
कहा,
जब-जब
देश
के
नागरिकों
को
दिक्कत
हुई
है,
हमने
तुरंत
प्रयास
किए
हैं.
इस
मामले
में
भी
हम
नजर
बनाए
हुए
हैं.
मामला
हमारे
संज्ञान
में
है.
तीनों
युवकों
को
जल्द
से
जल्द
वापस
लाने
के
प्रयास
किए
जा
रहे
हैं.
वो
जल्द
घर
लौटेंगे.
वहीं,
म्यांमार
में
सुरक्षा
हालात
पर
मंत्रालय
ने
कहा
कि
वहां
हालात
बेहद
खराब
है.
खासकर
रखीने
प्रांत
में.
सरकार
ने
म्यांमार
को
लेकर
एडवायजरी
भी
जारी
की
है.
बातचीत
और
कूटनीतिक
तरीके
से
समस्या
का
हल
निकले
इसके
साथ
ही
रुस-यूक्रेन
युद्ध
में
स्विट्जरलैंड
द्वारा
शांति
बैठक
के
मामले
पर
भी
विदेश
मंत्रालय
की
प्रतिक्रिया
आई
है.
इसको
लेकर
कहा
है
कि
अभी
भारत
को
आमंत्रित
किए
जाने
की
जानकारी
नहीं
है.
भारत
इस
बात
का
पक्षधर
है
कि
बातचीत
और
कूटनीतिक
तरीके
से
समस्या
का
हल
निकले.
उधर,
पाकिस्तान
के
साथ
बातचीत
की
संभावना
के
सवाल
पर
विदेश
मंत्रालय
ने
कहा
है
कि
पाकिस्तान
से
भारत
को
लेकर
विरोधाभासी
बयानबाजी
की
जा
रही
है.
कुछ
भी
बोला
जा
रहा
है.
हम
सभी
बयानों
पर
नजर
रख
रहे
हैं.
देखते
हैं
आगे
क्या
होता
है.
म्यांमार
में
फंसे
युवकों
की
पीएम
मोदी-सीएम
योगी
से
अपील
युवकों
ने
वीडियो
जारी
कर
पीएम
मोदी
और
सूबे
के
सीएम
योगी
से
मदद
की
गुहार
लगाई
है.
युवकों
ने
कहा
है
कि
चीन
की
एक
कंपनी
उनसे
साइबर
फ्रॉड
का
काम
करवा
रही
है.
विरोध
करने
पर
मारपीट
की
जाती
है.
इतना
ही
नहीं
इलेक्ट्रिक
शॉक
दिया
जाता
है.
इतना
ही
नहीं
इलेक्ट्रिक
शॉक
दिया
जाता
है.
सोने
पर
मुंह
पर
पानी
डाल
दिया
जाता
है.
भारत
सरकार
से
अपील
है
कि
हम
लोगों
की
जान
बचाएं.
यहां
पर
साइबर
फ्रॉड
का
काम
कराया
जा
रहा
है.
डाटा
इंट्री
कराकर
स्कीमिंग
का
खेल
चल
रहा
है.
यहां
पर
इंडिया
के
चार
और
अन्य
देशों
से
करीब
500
लड़के-लड़कियां
कैद
हैं.