
इंदौर
हाईकोर्ट
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
मध्य
प्रदेश
के
नेता
प्रतिपक्ष
और
गंधवानी
सीट
से
विधायक
उमंग
सिंगार
के
खिलाफ
हाईकोर्ट
में
लगी
याचिका
पर
शुक्रवार
को
सुनवाई
हुई।
याचिका
में
उनके
निर्वाचन
को
चुनौती
दी
गई
है।
शुक्रवार
को
याचिका
पर
सुनवाई
के
बाद
नेता
प्रतिपक्ष
उमंग सिंगार
से
चार
सप्ताह
में
जवाब
मांगा
गया
है।
याचिकाकर्ता
सरदार
सिंह
मेढ़ा
ने
उनके
खिलाफ
विधानसभा
चुनाव
लड़ा
था
लेकिन
वे
19
हजार
वोटों
से
चुनाव
हार
गए
थे।
याचिका
में
चुनाव
में
जानकारी
छुपाने
और
चुनाव
के
दौरान
शराब
बांटे
जाने
के
मामले
को
आधार
बनाकर
सिंगार
के
निर्वाचन
को
गलत
बताया
है।
गंधवानी
विधानसभा
क्षेत्र
में
निर्वाचन
के
दौरान
एक
वाहन
से
शराब
पकड़ी
गई
थी।
गाड़ी
की
अनुमति
उमंग
सिंगार
के
नाम
पर
थी
और
उनका
चुनाव
अभिकर्ता
भी
गाड़ी
में
मौजूद
था।
पुलिस
ने
शराब
पकड़े
जाने
का
केस
भी
दर्ज
किया
था।
सिंगार
के
निर्वाचन
को
चुनौती
देने
वाली
याचिका
में
करप्ट
प्रैक्टिस
को
भी
आधार
बनाया
गया
है।
हाईकोर्ट
ने
नेता
प्रतिपक्ष
से
इस
मामले
में
नोटिस
देकर
जवाब
मांगा
है।
सिंगार
गंधवानी
विधानसभा
सीट
से
तीन
बार
चुनाव
जीत
चुके
हैं।
इस
मर्तबा
कांग्रेस
पार्टी
ने
उन्हें
विधानसभा
में
नेता
प्रतिपक्ष
भी
बनाया
है।
उधर
हाई
कोर्ट
ने
शाजापुर
से
चुनाव
जीतने
वाले
अरुण
भीमावत
को
भी
नोटिस
देकर
चार
सप्ताह
में
जवाब
मांगा
है।
भीमावत
प्रदेश
में
सबसे
कम
वोटो
से
चुनाव
जीते
हैं।
उनके
निर्वाचन
को
भी
चुनौती
देने
वाली
याचिका
हाई
कोर्ट
में
लगाई
गई
है।
भीमावत
ने
सात
वोटों
से
कांग्रेस
उम्मीदवार
हुकम
सिंह
कराड़ा
को
हराया
था।
दोबार
काउंटिंग
की
मांग
पर
रिकाउंटिंग
हुई
तो
भाजपा
प्रत्याशी
ने
28
वोटों
से
जीत
हासिल
की।
कराड़ा
ने
डाकमत
पत्रों
को
आधार
बनाकर
हाईकोर्ट
में
याचिका
लगाई
है।