
मुस्कान
अग्रवाल,
जिसकी
17
वीं
मंजिल
से
कूदने
से
मौत
हो
गई।
–
फोटो
:
indore
विस्तार
छात्रा
मुस्कान
अग्रवाल
की
मौत
के
मामले
में
अभी
तक
पुलिस
किसी
निष्कर्ष
पर
नहीं
पहुंची।
उसका
मोबाइल
अनलाॅक
कर
पुलिस
ने
काॅल
डिटेल
व
चैट
की
जानकारी
ली
है।
उधर
परिजन
शुक्रवार
को
मुस्कान
का
शव
ले
गए,
लेकिन
वे
उसकी
मौत
को
आत्महत्या
नहीं
मान
रहे
है।
दो
दिन
बाद
परिजन
पुलिस
कमिश्नर
से
मुलाकात
करेंगे।
उधर
पुलिस
ने
उसकी
होस्टल
की
रूम
मैट
से
पूछताछ
की,क्योकि
वह
उसे
बार
बार
काॅल
कर
रही
थी,
लेकिन
मुस्कान
काॅल
नहीं
उठा
रही
थी।
इसके
बाद
रुम
मेट
ने
मुस्कान
के
भाई
को
काॅल
कर
यह
बात
बताई
थी।
भाई
ने
मुस्कान
की
लोकेशन
ट्रेस
कर
अपने
एक
साथी
को
पिनेकल
बिल्डिंग
में
भेजा
था,
लेकिन
तब
तक
उसकी
मौत
हो
चुकी
थी।
परिजनों
का
कहना
है
कि
मुस्कान
ने
गुरुवार
को
उसकी
मां
से
बात
की
थी,
तब
वह
सामान्य
थी,
फिर
अचानक
वह
सुसाइड
करने
कैसे
जा
सकती
है।
उसकी
बीबीए
की
पढ़ाई
पूरी
होने
वाली
थी
और उसे
एमबीए
के
लिए
बेंगलुरु
का
काॅलेज
मिला
था।
रुम
मैट
ने
पुलिस
को
बताया
कि
वह
दोपहर
में
अचानक
कुछ
बताए
बगैर
रूम
से
निकल
गई।
मुझे
उसके
साथ
लंच
लेना
था,
इसलिए
बार-बार
काॅल
लगा
रही
थी,लेकिन
उससे
बात
नहीं
हो
पा
रही
थी।
इसके
बाद
दोपहर
दो
बजे
मैने
मुस्कान
के
भाई
को
यह
बात
बताई।
मुस्कान
ने
उसके
काॅल
भी
रिसीव
नहीं
किए
थे।
पुलिस
को
उसका
इंस्टा
अकाउंट
भी
डिलीट
मिला
है।
आपको
बता
दें
कि
इंदौर
की
पाॅश
टाउनशिप
पिनेकल
ड्रीम
में
काॅलेज
छात्रा
मुस्कान
अग्रवाल
ने
आत्महत्या
कर
ली
थी।
वह
फ्लैट
की
सत्रहवी
मंजिल
से
कूद
गई।छात्रा
की
मौके
पर
ही
मौत
हो
गई।
पुलिस
को
उसके
पास
से
कोई
सुसाइड
नोट
नहीं
मिला।
सत्रहवी
मंजिल
पर
मुस्कान
का
चश्मा
और मोबाइल
पुलिस
को
मिला
था।
मुस्कान
स्कीम
78
के
एक
होस्टल
में
रहती
थी।
मुस्कान
के
पिता
बड़वानी
के
किराना
व्यापारी
है।