पुलिस का दोहरा चरित्र उजागर: भोपाल में आम आदमी और VIP से जुड़े मामले में अलग-अलग कार्रवाई, ये रहा पूरा मामला

पुलिस का दोहरा चरित्र उजागर: भोपाल में आम आदमी और VIP से जुड़े मामले में अलग-अलग कार्रवाई, ये रहा पूरा मामला
पुलिस का दोहरा चरित्र उजागर: भोपाल में आम आदमी और VIP से जुड़े मामले में अलग-अलग कार्रवाई, ये रहा पूरा मामला

सांकेतिक
तस्वीर


फोटो
:
अमर
उजाला

विस्तार

भोपाल
में
पुलिस
का
दोहरा
चरित्र
उजागर
हुआ
है।
आम
व्यक्तियों
और
वीआईपी
के
लिए
पुलिस
के
दो
अलग-अलग
रूप
और
नियम
कायदे
दो
दिन
में
देखने
को
मिले
हैं।
शाहपुरा
थाने
में
मंत्री
पुत्र
के
साथ
अभद्रता
करने
के
आरोप
में
एसआई
सहित
चार
पुलिसकर्मियों
को
निलंबित
कर
उनके
खिलाफ
जांच
कराई
जा
रही
है।

वहीं,
कोलार
थाने
में
घरेलू
विवाद
में
पुलिसकर्मी
पिता-पुत्र
को
थाने
ले
गए
और
बेटे
के
साथ
जमकर
मारपीट
कर
दी।
बेटे
का
आरोप
है
कि
उसके
कान
में
एक
हवलदार
ने
पैर
से
मारा,
जिससे
उसके
एक
कान
में
सुनाई
देना
बंद
हो
गया।
युवक
ने
कहा
कि
मैंने
181
में
थाने
के
अंदर
मारपीट
की
शिकायत
की
तो
पुलिसकर्मियों
ने
दबाव
बनाकर
शिकायत
भी
वापस
करा
दी।
हालांकि,
युवक
ने
दोबारा
से
सीएम
हेल्पलाइन
में
शिकायत
कर
दी
है।


पहला
मामला

शनिवार
रात
शाहपुरा
थाने
के
त्रिलंगा
में
ट्रैफिक
सिग्रल
पर
प्रदेश
के
स्वास्थ्य
राज्यमंत्री
के
बेटे
अभिज्ञान
पटेल
ने
सामने
खड़े
बाइक
सवार
को
हॉर्न
देकर
आगे
जाने
को
कहा
तो
बाइक
सवार
मीडियाकर्मी
ने
रेड
लाइट
का
हवाला
दे
दिया।
इस
बात
से
गुस्साए
मंत्री
के
बेटे
और
उसके
साथ
इनोवा
में
सवार
पांच-लड़के
और
इतनी
ही
लड़कियों
ने
हंगामा
करना
शुरू
कर
दिया।

सभी
लड़के
मीडियाकर्मी
को
पीटने
लगे
तो
पास
में
रेस्टॉरेंट
संचालित
करने
वाली
महिला
अलीसा
सक्सेना
और
उसके
पति
डेनिस
मार्टिन
उर्फ
सोनू
बीच-बचाव
करने
आए
तो
मंत्री
के
बेटे
ने
दंपती
को
भी
जमकर
पीटा
और
उसके
कुक
को
भी
मारा।
मामला
थाने
पहुंचा
तो
थाने
के
अंदर
मंत्री
के
बेटे
के
साथ
अभद्रता
के
आरोप
में
एसआई
जय
कुमार
सिंह,
एएसआई
कन्हैयालाल,
आरक्षक
आशीष
त्यागी
और
नरेश
गुर्जर
को
निलंबित
कर
दिया
गया।
हालांकि,
पुलिस
ने
मंत्री
पुत्र

दंपती
दोनों
के
खिलाफ
केस
दर्ज
किया
है। 


दूसरा
मामला
कोलार
थाने
का

शनिवार
रात
को
जब
शाहपुरा
थाने
में
मंत्री
के
बेटे
को
लेकर
हंगामा
मचा
हुआ
था
और
चार
पुलिसकर्मियों
को
निलंबित
किए
जाने
की
घोषणा
की
गई
थी,
ठीक
उसी
समय
कोलार
थाने
में
अनिल
शाह
और
उनके
बेटे
प्रणय
शाह
के
साथ
मारपीट
की
गई।
प्रणय
शाह
ने
बताया
कि
मैं
और
मेरे
पिताजी
का
घरेलू
मामले
को
लेकर
विवाद
हो
गया
था।

महिलाओं
की
शिकायत
पर
कोलार
थाने
की
पुलिस
मुझे
और
मेरे
पिता
को
पकड़कर
थाने
ले
लाई।
हम
दोनों
थाने
में
बैठे
थे
और
पुराने
विवाद
पर
बात
करने
लगे
तो
एक
हवलदार
मुझे
एक
कमरे
में
ले
गया
और
मेरे
साथ
मारपीट
कर
दी।
मेरी
पत्नी
वीडियो
बनाने
लगी
तो
उसे
थाने
से
बाहर
भगा
दिया।
इसके
बाद
पिता
के
साथ
भी
पुलिसकर्मियों
ने
गाली
गलौज
की।
मेरे
कान
में
पुलिसकर्मी
ने
ऐसा
पैर
मारा
कि
एक
कान
में
सुनाई
ही
नहीं
दे
रहा
है।


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प्रणय
शाह
का
आरोप
है
कि
धारा
151
की
कार्रवाई
कर
पिता-पुत्र
को
थाने
से
छोड़
दिया
गया,
लेकिन
मैंने
मारपीट
की
शिकायत
सीएम
हेल्पलाइन
181
पर
कर
दी
और
घर

गया।
फिर
मैं
कुछ
देर
बाद
अपने
बाइक
की
चाभी,
बेल्ट
और
पर्स
लेने
के
लिए
थाने
पहुंचा
तो
पुलिसकर्मियों
ने
दबाव
बनाकर
181
पर
की
गई
शिकायत
वापस
कराई।
हालांकि,
मैंने
फिर
से
शिकायत
कर
दी
है,
लेकिन
अभी
कोई
कार्रवाई
नहीं
हुई
है।


पुलिस
पर
आरोप
निराधार

पिता-पुत्र
का
घरेलू
विवाद
था।
दोनों
घर
से
ही
विवाद
और
मारपीट
कर
थाने
आए
थे।
पिता-पुत्र
का
घरेलू
विवाद
होने
के
कारण
समझाइश
देकर
धारा-151
की
कार्रवाई
कर
दोनों
को
छोड़
दिया
गया
है।
थाने
में
किसी
के
साथ
कोई
मारपीट
नहीं
हुई।
पुलिस
पर
लगाए
जा
रहे
आरोप
निराधार
हैं।


सुंदर
सिंह
कनेस,
डीसीपी
जोन-4,
भोपाल


जिसने
गलत
किया
कानून
उसके
खिलाफ
कार्रवाई
करेगा
:
वीडी
शर्मा

स्वास्थ्य
राज्यमंत्री
नरेंद्र
शिवाजी
पटेल
के
बेटे
के
मारपीट
मामले
को
लेकर
प्रदेश
भाजपा
अध्यक्ष
वीडी
शर्मा
ने
कहा
कि
गुंडागर्दी
करने
का
किसी
को
अधिकार
नहीं
है।

इस
पक्ष
को
अधिकार
है

उस
पक्ष
को।
उन्होंने
कहा
कि
जिसने
गलत
किया
होगा
कानून
उसके
खिलाफ
कार्रवाई
करेगा।