लोकसभा चुनाव: साउथ में पीएम मोदी VS राहुल गांधी? जानिए किसकी क्या रणनीति

लोकसभा चुनाव: साउथ में पीएम मोदी VS राहुल गांधी? जानिए किसकी क्या रणनीति
लोकसभा चुनाव: साउथ में पीएम मोदी VS राहुल गांधी? जानिए किसकी क्या रणनीति


प्रधानमंत्री
मोदी
और
राहुल
गांधी.

कर्नाटक
में
कांग्रेस
और
बीजेपी
के
बीच
वोटों
की
जंग
जारी
है,
इस
बीच
कर्नाटक
में
चुनाव
प्रचार
करने

रहे
पीएम
मोदी
पर
ग्रामीण
विकास
मंत्री
प्रियांक
खरगे
ने
जमकर
निशाना
साधा.
प्रियांक
खरगे
ने
कहा
कि
मोदी
प्रधानमंत्री
नहीं
बल्कि
प्रचार
मंत्री
है.
खरगे
के
अपमान
पर
मोदी
कैबिनेट
के
मंत्री
प्रह्लाद
जोशी
भड़क
गए
हैं.
जोशी
इस
बात
से
नाराज
हैं
कि
प्रियांक
खरगे
पब्लिसिटी
के
लिए
मोदी
के
खिलाफ
बातें
कर
रहे
हैं.

साउथ
में
बीजेपी
और
कांग्रेस
के
बीच
सियासी
जंग
जारी
है,
जिसके
चलते
जहां
14
अप्रैल
को
महा
रैली
करेंगे
तो
राहुल
गांधी
17
अप्रैल
को
मेगा
रोड
शो
करेंगे.
इसी
के
चलते
दोनों
खेमों
में
वार
पलटवार
जारी
है.
पूर्व
प्रधानमंत्री
देवगौड़ा
ने
मुख्यमंत्री
सिद्धारमैया
से
पूछा
है
कि
मोदी
को
दोबारा
प्रधानमंत्री
क्यों
बनना
चाहिए
और
मोदी
के
चेहरे
पर
वोट
क्यों
देना
चाहिए.
पूर्व
प्रधानमंत्री
और
मौजूदा
मुख्यमंत्री
के
बीच
इस
जुबानी
जंग
के
बीच
कर्नाटक
में
प्रधानमंत्री
मोदी
और
राहुल
गांधी
के
बीच
शक्ति
प्रदर्शन
के
लिए
मंच
तैयार
हो
रहा
है.

पीएम
मोदी
VS
राहुल
गांधी

प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
14
अप्रैल
को
ओल्ड
मैसूर
में
महा
रैली
करेंगे.
14
अप्रैल
की
शाम
को
मोदी
मैसूर
के
महाराजा
कॉलेज
मैदान
में
जनसभा
को
संबोधित
करेंगे.
जिसके
बाद
वो
मैसूर
से
मैंगलोर
के
लिए
रवाना
होंगे
और
तट
पर
एक
मेगा
रोड
शो
करेंगे.
पीएम
मोदी
के
कर्नाटक
पहुंचने
के
3
दिन
के
अंदर
ही
कांग्रेस
नेता
राहुल
गांधी
भी
कर्नाटक
के
कोलार
में
17
अप्रैल
को
मेगा
शो
करेंगे.
17
अप्रैल
को
राहुल
गांधी
कोलार
और
चीनी
बीडू
मांड्या
में
चुनाव
प्रचार
करेंगे.
बता
दें,
दक्षिण
भारत
में
130
सीटें
जीतने
और
दक्षिण
का
मुखिया
बनने
के
लिए
कांग्रेस
के
नेतृत्व
वाले
भारत
गठबंधन
और
बीजेपी
के
नेतृत्व
वाले
एनडीए
गठबंधन
के
बीच
महासंग्राम
शुरू
हो
गया
है.

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पढ़ें

5
राज्यों
की
बीजेपी
की
कैसी
है
तैयारी?

बुधवार
को
तमिलनाडु
के
वेल्लोर
में
मोदी
ने
कहा
वेल्लोर
एक
बार
फिर
इतिहास
रचने
का
गवाह
बन
रहा
है.
तमिलनाडु
में
बीजेपी
और
एनडीए
को
भारी
समर्थन
मिल
रहा
है.
पूरे
तमिलनाडु
में
गूंज
रहा
है
एक
बार
फिर
मोदी
सरकार.
बता
दें,
इस
बार
पीएम
मोदी
बार-बार
तमिलनाडु
का
दौरा
कर
रहे
हैं.
तमिलनाडु
की
सभी
39
सीटों
पर
19
अप्रैल
को
मतदान
होगा.
ऐसे
में
मोदी
का
रथ
बार-बार
तमिलनाडु
में
उतर
रहा
है.

तमिलनाडु
में
कैसा
है
बीजेपी
का
प्रदर्शन?

साल
2009
को
देखें
तो
18
निर्वाचन
क्षेत्रों
में
बीजेपी
ने
एक
भी
सीट
नहीं
जीती
साथ
ही
वोट
प्रतिशत
5.3
फीसदी
रहा.
साल
2014
में
9
क्षेत्रों
में
बीजेपी
मैदान
में
उतरी,
जिसमें
उसने
एक
सीट
पर
जीत
हासिल
की
और
5.5
वोट
प्रतिशत
रहा.
साल
2019
में
5
क्षेत्रों
में
मुकाबला
रहा
जिसमें
एक
भी
सीट
बीजेपी
के
हाथ
नहीं
आई
और
वोट
प्रतिशत
3.7
फीसदी
रहा.

के
अन्नामलाई
की
जीत
की
तैयारी

इस
बार
मोदी
तमिलनाडु
में
बीजेपी
की
किस्मत
बदलने
के
लिए
पूरी
तरह
तैयार
हैं.
इसके
लिए
के.अन्नामलाई
ताकत
झोंकते
नजर

रहे
हैं.
आईपीएस
पद
से
इस्तीफा
दे
चुके
अन्नामलाई
अब
तमिलनाडु
बीजेपी
के
अध्यक्ष
हैं.
साथ
ही
बीजेपी
ने
अन्नामलाई
को
तमिलनाडु
के
औद्योगिक
क्षेत्र
कोयंबटूर
से
उम्मीदवार
बनाया
है.

कोयंबटूर
में
आखिरी
बार
बीजेपी
ने
1998
और
199
में
जीत
का
झंडा
फहराया
था.
बीजेपी
के
अन्नामलाई
इस
बार
कोयंबटूर
सीट
जीतने
के
लिए
पूरी
तरह
तैयार
हैं.
वो
दावा
कर
रहे
हैं
कि
मुझे
कोयंबटूर
निर्वाचन
क्षेत्र
में
पूरे
60
प्रतिशत
वोट
मिलेंगे.
उधर,
पूरे
तमिलनाडु
में
हुंकार
भर
रहे
अन्नामलाई
को
कोयंबटूर
में
हराने
के
लिए
स्टालिन
की
सेना
भी
तैयार
है.

तिरुवनंतपुरम
में
बीजेपी
की
रणनीति

बीजेपी
इस
बार
सीटों
की
संख्या
बढ़ाने
की
कोशिश
में
है.
बीजेपी
की
सहयोगी
टीडीपी
ने
कहा
है
कि
वो
तेलंगाना
में
चुनाव
नहीं
लड़ेगी.
केरल
में
भी
बीजेपी
20
सीटों
पर
खाता
खोलने
का
सपना
देख
रही
है.
केंद्रीय
मंत्री
राजीव
चंद्रशेखर
तिरुवनंतपुरम
में
मौजूदा
कांग्रेस
सांसद
शशि
थरूर
के
खिलाफ
चुनाव
लड़
रहे
हैं.

कर्नाटक
में
क्या
है
कांग्रेस
का
लक्ष्य?

स्टालिन
ने
कहा
कि
भारत
गठबंधन
तमिलनाडु
की
39
सीटों
और
पुडुचेरी
की
1
सीट
सहित
सभी
40
सीटें
जीतेगा.
2019
में,
DMK
और
कांग्रेस
गठबंधन
ने
तमिलनाडु
में
38
सीटें
जीतीं,
इस
बार
स्टालिन
का
कहना
है
कि
रहे
हैं
कि
पुडुचेरी
समेत
सभी
40
इलाके
हमारे
हैं.
तमिलनाडु
में
39
निर्वाचन
क्षेत्रों
में
से,
डीएमके
21
निर्वाचन
क्षेत्रों
में
चुनाव
लड़
रही
है.
कांग्रेस
9
निर्वाचन
क्षेत्रों
में
चुनाव
लड़
रही
है,
वीके,
सीपीआईएम
और
सीपीआई
प्रत्येक
2
निर्वाचन
क्षेत्रों
में
चुनाव
लड़
रहे
हैं.
एमडीएमके,
आईयूएमएल
और
केएमडीके
प्रत्येक
1
निर्वाचन
क्षेत्रों
में
चुनाव
लड़
रहे
हैं.

राहुल
गांधी
वायनाड
से
लडे़ंगे
चुनाव

तेलंगाना
विधानसभा
चुनाव
जीतने
वाले
रेवंत
रेड्डी
की
पार्टी
लोकसभा
चुनाव
भी
जीतने
के
लिए
तैयारी
कर
रही
है.
2019
में,
कांग्रेस
ने
तेलंगाना
में
17
निर्वाचन
क्षेत्रों
में
से
सिर्फ
3
सीटें
जीतीं.
केरल
की
तरह,
कांग्रेस
गठबंधन
का
लक्ष्य
20
में
से
20
निर्वाचन
क्षेत्र
जीतने
का
है.
2019
में
राहुल
गांधी
ने
वायनाड
से
चुनाव
लड़ा
और
केरल
कांग्रेस
को
बड़ी
ताकत
दी.
इस
बार
भी
राहुल
गांधी
वायनाड
से
चुनाव
लड़
रहे
हैं.