जनता को मिला चमचमाता हाईवे और सरकार की झोली में आए 40 हजार करोड़

जनता को मिला चमचमाता हाईवे और सरकार की झोली में आए 40 हजार करोड़

हाइलाइट्स

सरकार
ने
भी
मौद्रीकरण
योजना
के
तहत
40,314
करोड़
रुपये
जुटा
लिए
हैं.
यह
पैसा
सरकार
की
ओर
से
निर्धारित
लक्ष्‍य
के
मुकाबले
काफी
ज्‍यादा
है.
टोल
वसूली
के
जरिये
समाप्त
वित्त
वर्ष
में
15,968
करोड़
रुपये
जुटाए
हैं.


नई
दिल्‍ली.

केंद्र
की
नरेंद्र
मोदी
सरकार
ने
ऐसा
जुगाड़
भिड़ाया
है
कि
देश
में
लंबे-चौड़े
चमचमाते
हाईवे
और
एक्‍सप्रेसवे
के
निर्माण
के
साथ
अपना
खजाना
भी
भरती
जा
रही
है.
एक
तरफ
तो
जनता
को
चमचमाती
सड़कें
और
शानदार
हाईवे
का
तोहफा
मिल
रहा
है
तो
दूसरी
ओर
सरकार
को
मोनेटाइजेशन
स्‍कीम
के
तहत
हजारों
करोड़
की
कमाई
हो
रही
है.
वित्‍तवर्ष
2023-24
में
जहां
देश
को
कई
राजमार्ग
और
एक्‍सप्रेसवे
का
तोहफा
मिला
तो
वहीं
सरकार
ने
भी
मौद्रीकरण
योजना
के
तहत
40,314
करोड़
रुपये
जुटा
लिए
हैं.
यह
पैसा
सरकार
की
ओर
से
निर्धारित
लक्ष्‍य
के
मुकाबले
काफी
ज्‍यादा
है.

सड़क
एवं
परिवहन
मंत्रालय
के
एक
वरिष्‍ठ
अधिकारी
ने
मंगलवार
को
बताया
कि
मंत्रालय
ने
टोल
वसूली-परिचालन-
हस्तांतरण
(टीओटी)
समूहों
के
मौद्रीकरण
के
जरिये
समाप्त
वित्त
वर्ष
में
15,968
करोड़
रुपये
जुटाए,
जबकि
अवसंरचना
निवेश
न्यास
(इनविट)
के
माध्यम
से
15,700
करोड़
रुपये
और
प्रतिभूतियों
की
बिक्री
के
जरिये
8,646
करोड़
रुपये
जुटाए
हैं.
कुल
मिलाकर
बीते
वित्‍तवर्ष
में
राजमार्गों
के
मौद्रीकरण
के
जरिये
40
हजार
करोड़
से
ज्‍यादा
की
संपत्ति
जुटाई
गई
है.



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पर
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सीधा
असर,
कहा-
1
अप्रैल
से…


सड़कों
के
मोनेटाइजेशन
से
भरा
खजाना

सरकार
ने
2022-23
के
वित्‍तवर्ष
में
सड़कों
के
मोनेटाइजेशन
के
जरिये
अपने
खजाने
में
ज्‍यादा
पैसे
जुटाए
थे.
तब
सरकार
को
इससे
32,855
करोड़
रुपये
मिले
थे,
जो
इस
बार
28,968
करोड़
रुपये
रहा.
हालांकि,
यह
रकम
भी
सरकार
के
अनुमान
से
कहीं
ज्‍यादा
थे.
इसके
अलावा
शेयर
बाजार
में
सूचीबद्ध
इनविट
और
रीट
जैसे
विकल्‍पों
के
जरिये
भी
परिवहन
मंत्रालय
ने
बड़ी
संपत्ति
जुटाई
है.


3
तरीकों
से
सरकार
वसूलती
है
पैसा

सड़क
परिवहन
एवं
राजमार्ग
मंत्रालय
फिलहाल
अपनी
परिसंपत्तियों
का
मौद्रीकरण
तीन
तरीकों
से
करता
है.
इसमें
टीओटी
मॉडल,
इनविट
और
परियोजना-आधारित
वित्तपोषण
शामिल
है.
इस
तरह
सभी
श्रेणियों
के
निवेशकों
को
संबंधित
परिसंपत्तियों
में
निवेश
करने
का
अवसर
दिया
जाता
है.
इनविट
म्यूचुअल
फंड
की
तर्ज
पर
एक
निवेश
साधन
है,
जिसे
निवेशकों
से
पैसा
इकट्ठा
करने
और
परिसंपत्तियों
में
निवेश
करने
के
लिए
बनाया
गया
है.


सुरक्षा
के
लिए
वसूलती
है
मोटी
रकम

राष्‍ट्रीय
राजमार्ग
अथॉरिटी
ऑफ
इंडिया
ने
सड़कों
के
निर्माण
के
अलावा
इसकी
सुरक्षा
और
रखरखाव
के
लिए
भी
एजेंसियों
से
मोटे
पैसे
वसूलती
है.
इसके
तहत
सड़कों
की
सुरक्षा,
उसकी
मेंटेन
और
हाईवे
सर्विस
को
लेकर
एजेंसियों
को
ठेके
दिए
जाते
हैं.
इन
सेवाओं
के
एवज
में
एजेंसियों
को
टोल
वसूलने
का
लाइसेंस
मिलता
है.



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ही
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भारत
को
4
बार
चुनौतियों
से
निकाला


दिल्‍ली-मुंबई
एक्‍सप्रेसवे
के
लिए
मिलेंगे
50
हजार
करोड़

NHAI
के
एक
वरिष्‍ठ
अधिकारी
का
कहना
है
कि
सरकार
को
एक्‍सप्रेसवे
से
किस
कदर
कमाई
हो
रही
है,
इसकी
बानगी
दिल्‍ली-मुंबई
एक्‍सप्रेसवे
के
जरिये
देख
सकते
हैं.
इस
एक्‍सप्रेसवे
पर
सुरक्षा
और
रखरखाव
को
लेकर
पहले
37
हजार
करोड़
का
ठेका
दिया
जा
चुका
है.
इसका
मतलब
है
कि
NHAI
ने
यह
ठेका
किसी
अन्य
एजेंसी
को
देकर
37
हजार
करोड़
रुपये
कमा
लिए
हैं.
इसके
अलावा
करीब
8
से
9
हजार
करोड़
रुपये
आगे
भी
इस
एक्‍सप्रेसवे
की
ओर
से
दिए
ठेके
पर
वसूले
जाएंगे.

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