Satta Ka Sangram: सतना में बेरोजगारी बड़ा मुद्दा, युवा बोले- मेडिकल कॉलेज की सुविधा मिली, पर विकास की गति धीमी

Satta Ka Sangram: सतना में बेरोजगारी बड़ा मुद्दा, युवा बोले- मेडिकल कॉलेज की सुविधा मिली, पर विकास की गति धीमी
Satta Ka Sangram: Unemployment big issue in Satna youth says development slow in district

सतना
में
युवाओं
से
चर्चा।


फोटो
:
अमर
उजाला

विस्तार


Satta
Ka
Sangram:

अमर
उजाला
का
चुनावी
रथ
‘सत्ता
का
संग्राम’
भोपाल
से
चलकर
सतना
पहुंच
गया
है।
आज
सतना
लोकसभा
क्षेत्र
में
सत्ता
का
संग्राम
जारी।
भाजपा
ने
यहां
सांसद
गणेश
सिंह
को
चुनावी
मैदान
में
उतारा
है।
इससे
पहले
2023
के
विधानसभा
चुनाव
में
गणेश
को
हार
का
सामना
करना
पड़ा
था।
हालांकि,
वे
इस
सीट
से
लगातार
चार
बार
से
सांसद
हैं।
वहीं,
कांग्रेस
के
टिकट
पर
विधायक
सिद्धार्थ
कुशवाहा
चुनाव
लड़
रहे
हैं,
इन्होंने
विस
चुनाव
गणेश
सिंह
शिकस्त
दी
थी।
ऐसे
में
इस
सीट
पर
मुकाबला
कांटे
का
हो
गया
है।
अब
पढ़िए,
कांग्रेस
भाजपा
प्रत्याशियों
और
चुनावी
मुद्दे
पर
क्या
बोले
युवा…?

युवा
मतदाता
केपी
ने
कहा
कि
देश
भर
में
महंगाई
और
बेरोजगारी
बड़ा
मुद्दा
है।
चुनाव
जीतने
के
लिए
पार्टियां
मंदिर,
मस्जिद
और
धर्म
की
बातें
करती
हैं,
लेकिन
जिन
जरूरी
मुद्दों
पर
काम
होना
चाहिए,
उन
पर
ध्यान
नहीं
दिया
जा
रहा
है।
सतना
में
स्मार्ट
सिटी
को
लेकर
हो
रहे
काम
पर
केपी
यादव
ने
कहा
कि
सड़क
खोदी
जा
रही
है
और
बनाई
जा
रही
है।
पूरे
शहर
में
धूल
ही
धूल
हो
गई
है,
काम
कुछ
नहीं
हुआ।
यहां
रोजगार
के
साधन
नहीं
है,
युवा
दर
दर
भटक
रहे
हैं। 

शुभम
ने
कहा
कि
यहां
रोजगार
सबसे
बड़ी
समस्या
है।
युवा
पार्ट
टाइम
काम
कर
अपना
जीवन
यापन
कर
रहे
हैं।
नौकरी
के
लिए
लोगों
को
घर
से
बाहर
जाना
पड़ता
है।
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

निहाल
ने
कहा
कि
अन्य
शहरों
की
अपेक्षा
सतना
में
विकास
नहीं
हुआ
है।
पढ़ाई
के
लिए
बेहतर
ऑप्शन
नहीं
हैं।
इसके
लिए
हमें
पढ़ाई
के
लिए
भी
बाहर
जाना
पड़ता
है। 

अनूप
गुप्ता
ने
कहा
कि
सतना
में
काम
हो
रहे
हैं,
लेकिन
रफ्तार
काफी
कम
है।
यहां
पहले
मेडिकल
कॉलेज
नहीं
था,
लेकिन
पीएम
मोदी
ने
इसकी
सुविधा
दी
है।
सबसे
ज्यादा
जरूरी
है
कि
यहां
हमारे
लिए
रोजगार
की
व्यवस्था
नहीं
है।