Seoni News: 24 घंटे में लूट का पर्दाफाश, कुरई पुलिस ने 24 लाख के गहनों की लूट सुलझाई

सिवनी
में थाना
कुरई
पुलिस
ने
शानदार
कार्रवाई
करते
हुए
24
घंटे
के
भीतर
24
लाख
रुपये
की
लूट
का
खुलासा
कर
दिया।
आभूषण
व्यापारी
से
लूटे
गए
सोने-चांदी
के
गहने
बरामद
कर
लिए
गए
हैं,
और
दो
आरोपियों
को
गिरफ्तार
कर
लिया
गया
है।
पुलिस
की
त्वरित
कार्रवाई
ने
अपराधियों
के
मंसूबों
पर
पानी
फेर
दिया।

ग्राम
खवासा
निवासी
नारायण
सोनी
(23)
की
कुरई
बाजार
चौक
में
सौरभ
ज्वेलर्स
नाम
से
सोने-चांदी
की
दुकान
है।
30
मार्च
2025
की
शाम वे
अपनी
दुकान
बंद
कर
आभूषणों
से
भरा
बैग
लेकर
घर
लौट
रहे
थे।
जैसे
ही
वे
रिड्डी
टेक
तिराहा
(एनएच-44)
पहुंचे,
पीछे
से
आई
एक
सफेद
कार
ने
उनकी
मोटर
साइकिल
को
टक्कर
मार
दी।
टक्कर
लगते
ही
वे
सड़क
पर
गिर
गए,
तभी
एक
बाइक
पर
सवार
दो
बदमाश
आए
और
बैग
छीनने
लगे।
जब
नारायण
ने
विरोध
किया तो
एक
आरोपी
ने
उनके
कंधे
पर
डंडे
से
हमला
कर
दिया
और
बैग
लेकर
फरार
हो
गए।


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धमकी


पुलिस
की
तेज
कार्रवाई
और
तकनीकी
जांच

घटना
की
सूचना
मिलते
ही
पुलिस
अधीक्षक
सिवनी सुनील
मेहता
के
मार्गदर्शन
में
थाना
प्रभारी
कृपाल
शाह
तेकाम
और
साइबर
सेल
की
विशेष
टीम
को
जांच
का
जिम्मा
सौंपा
गया।
पुलिस
ने
तकनीकी
विश्लेषण
और
सघन
जांच
के
बाद
संदीप
सोनी
और
संजीत
सोनी
को
हिरासत
में
लिया।
पूछताछ
में
दोनों
ने
अपराध
कबूल
कर
लिया
और
पूरी
साजिश
का
खुलासा
किया।
गिरफ्तार
आरोपियों
ने
बताया
कि
उन्होंने
अपने
मामा
विकास
सोनी
के
साथ
मिलकर
लूट
की
साजिश
रची
थी।
योजना
के
अनुसार,
संदीप
सोनी
सफेद
कार
(MP-01
AH-8040)
लेकर
चला,
जबकि
संजीत
सोनी
और
विकास
सोनी
मोटर
साइकिल
(MH-36
AD-3650)
से
पीछा
कर
रहे
थे।
सुनसान
जगह
देखते
ही
कार
से
नारायण
की
मोटर
साइकिल
को
टक्कर
मारी
गई,
जिससे
वे
गिर
पड़े।
इसके
बाद
संजीत
और
विकास
ने
हमला
कर
बैग
छीन
लिया
और
फरार
हो
गए।
लूटे
गए
गहनों
को
महाराष्ट्र
के
भंडारा
जिले
में
स्थित
संजीत
की
दुकान
में
छिपा
दिया
गया
था।


मास्टरमाइंड
गिरफ्तार,
एक
अब
भी
फरार

पुलिस
की
त्वरित
कार्रवाई
में
दो
आरोपियों
को
गिरफ्तार
कर
लिया
गया। जबकि
मुख्य
साजिशकर्ता
विकास
सोनी
की
तलाश
जारी
है।


गिरफ्तार
आरोपी:

संदीप
सोनी
(25)
निवासी
अंधड़गांव,
जिला
भंडारा,
महाराष्ट्र
संजीत
सोनी
(25)
निवासी
अंधड़गांव,
जिला
भंडारा,
महाराष्ट्र


फरार
आरोपी:

विकास
सोनी


बरामद
सामान:

सोने-चांदी
के
गहने:
₹24,00,000
सफेद
फोर्ड
फिएस्टा
कार:
₹4,00,000


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वालों
में
अधिकांश
MP
के,
आठ
हरदा
तो
छह
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के
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सीएम
यादव
ने
जताया
शोक


पुलिस
टीम
की
शानदार
भूमिका

एसडीओपी बरघाट
ललित
गठरे
के
निर्देशन
में
थाना
प्रभारी
कृपाल
शाह
तेकाम,
थाना
प्रभारी
अरी
आशीष
खोब्रागडे,
साइबर
सेल
के
सउनि
देवेन्द्र
जायसवाल,
आरक्षक
बालचंद
नगरधने,
अविनाश
पाण्डेय,
यशपाल
उइके,
दिनेश
मसखरे,
जयंत
भलावी,
चेतन
शर्मा,
अजय
बघेल
एवं
सैनिक
प्रकाश
जंगेला
ने
इस
सफल
ऑपरेशन
को
अंजाम
दिया।


उड़ीसा
का
फरार
गांजा
तस्कर
आदम
सुना
गिरफ्तार,
छिंदवाड़ा
पुलिस
की
साहसिक
कार्रवाई

छिंदवाड़ा जिले
की
कोतवाली
पुलिस
ने
44
किलो
गांजा
तस्करी
के
मामले
में
फरार
चल
रहे
मुख्य
आरोपी
आदम
सुना
को
उड़ीसा
के
नक्सल
प्रभावित
क्षेत्र
से
गिरफ्तार
करने
में
सफलता
हासिल
की
है।
यह
गिरफ्तारी
पुलिस
के
लिए
एक
बड़ी
उपलब्धि
मानी
जा
रही
है,
क्योंकि
आरोपी
दुर्गम
और
संवेदनशील
इलाके
में
छिपा
हुआ
था।


गांजा
तस्करी
का
बड़ा
मामला

थाना
कोतवाली
छिंदवाड़ा
में
अपराध
क्रमांक
752/2024
के
तहत
एनडीपीएस एक्ट
की
धाराओं
में
मामला
दर्ज
किया
गया
था।
इस
मामले
में
14
नवंबर
2024
को
44
किलो
गांजा
जब्त
किया
गया
था,
जिसमें
छह आरोपियों
की
गिरफ्तारी
हुई
थी।
पूछताछ
में
आरोपी
किशन
सिंह
सिद्धू
ने
खुलासा
किया
कि
यह
गांजा
उड़ीसा
के
जिला
कालाहांडी
के
निवासी
आदम
सुना
से
खरीदा
गया
था।
इसके
बाद
से
आदम
सुना
फरार
चल
रहा
था।


नक्सल
प्रभावित
इलाके
में
छापेमारी,
पांच दिन
तक
चला
ऑपरेशन

कालाहांडी
जिला
अत्यधिक
नक्सल
प्रभावित
क्षेत्र
है,
जिससे
वहां
पुलिस
कार्रवाई
करना
जोखिम
भरा
था।
बावजूद
इसके,
पुलिस
अधीक्षक
अजय
पांडे
के
मार्गदर्शन
में अतिरिक्त
पुलिस
अधीक्षक
आयुष
गुप्ता
और
नगर
पुलिस
अधीक्षक
अजय
राणा
के
निर्देश
पर
कोतवाली
थाना
प्रभारी
उमेश
कुमार
गोल्हानी
के
नेतृत्व
में
एक
विशेष
टीम
बनाई
गई।
टीम
को
उड़ीसा
जाने
की
अनुमति
मिलने
के
बाद,
उन्होंने
वहां
लगातार
4-5
दिन
तक
अलग-अलग
इलाकों
में
दबिश
दी।
अंततः
तलनुआ
गांव,
मणीकेरा
थाना
एम.
रामपुर,
जिला
कालाहांडी
में
आरोपी
को
गिरफ्तार
कर
लिया
गया।


गांजा
तस्करी
में
आदम
सुना
की
भूमिका

गिरफ्तारी
के
बाद
आदम
सुना
से
पूछताछ
की
गई,
जिसमें
उसने
स्वीकार
किया
कि
उसने
जंगलों
से
गांजा
एकत्र
कर
अन्य
राज्यों
में
सप्लाई
किया।
उसने
बताया
कि
यह
इलाका
नक्सल
प्रभावित
होने
के
कारण
प्रशासन
की
सख्त
निगरानी
से
बचा
रहता
है,
जिससे
गांजा
तस्करी
करना
आसान
हो
जाता
है।
उसने
यह
भी
कबूला
कि
इस
तस्करी
में
उसका
साथी
किशन
सिंह
सिद्धू
उर्फ
पाजी
भी
शामिल
था,
जो
फिलहाल
छिंदवाड़ा
जिला
जेल
में
बंद
है।


साहसिक
कार्रवाई
में
पुलिस
की
अहम
भूमिका

इस
चुनौतीपूर्ण
मिशन
को
अंजाम
देने
में
थाना
प्रभारी
उमेश
गोल्हानी,
उपनिरीक्षक
नरेश
कुमार
झारिया,
प्रधान
आरक्षक
रविंद्र
सिंह
ठाकुर,
और
आरक्षक
शैलेन्द्र
राजपूत
की
अहम
भूमिका
रही।
इस
टीम
ने
अपनी
हिम्मत
और
सूझबूझ
से

केवल
आरोपी
को
गिरफ्तार
किया,
बल्कि
नक्सल
प्रभावित
इलाके
में
जाकर
साहसिक
कार्रवाई
कर
पुलिस
की
कार्यकुशलता
को
साबित
किया।


गिरफ्तार
आरोपी
का
विवरण

आदम
सुना
पिता
का
नाम:
जयराम
सुना
उम्र:
32
वर्ष
निवासी:
लतनुआ
गांव,
मणीकेरा,
जिला
कालाहांडी,
थाना
एम.
रामपुर,
उड़ीसा