
के
गुरुद्वारा
गुरुनानक
घाट
पर
पहली
बार
आयोजित
आठ
दिवसीय
इंटर
स्टेट
गुस्मत
शिक्षण
शिविर
2025
में
पांच
राज्यों
के
करीब
250
युवा
एकत्र
हुए
हैं।
यह
शिविर
युवाओं
को
सिख
धर्म
की
मर्यादाओं,
जीवनशैली
और
शस्त्र
विद्या
का
प्रशिक्षण
देने
हेतु
आयोजित
किया
गया
है।
शिविर
8
जून
तक
चलेगा
और
इसमें
राजस्थान,
महाराष्ट्र,
गुजरात,
छत्तीसगढ़
और
मध्यप्रदेश
के
13
से
21
वर्ष
की
आयु
के
युवाओं
ने
भाग
लिया
है।
अनुशासित
दिनचर्या
और
समर्पित
शिक्षण
समर
कैंप
की
पारंपरिक
अवधारणा
से
इतर
इस
शिविर
में
हर
गतिविधि
सिख
अनुशासन
के
अनुसार
तय
की
गई
है।
कब
जागना
है,
कब
सोना
है,
क्या
भोजन
करना
है—
सब
कुछ
मर्यादा
के
अनुरूप
है।
प्रतिभागियों
को
गुरबाणी,
सिख
इतिहास,
श्री
मुखवाणी
का
शुद्ध
उच्चारण,
सेवा
भावना,
गतका
(शस्त्र
विद्या),
और
सिख
जीवन
शैली
पर
आधारित
व्यावहारिक
प्रशिक्षण
दिया
जा
रहा
है।
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हब,
राजा
भभूत
सिंह
की
प्रतिमा
और
तहसीलदारों
के
कार्य
विभाजन
पर
हो
सकते
हैं
फैसले
दो
वर्गों
में
प्रशिक्षण
हो
रहा
आयोजित
शिविर
में
युवाओं
को
जूनियर
और
सीनियर
दो
वर्गों
में
विभाजित
किया
गया
है।
प्रत्येक
वर्ग
को
संबंधित
विषयों
के
विशेषज्ञों
द्वारा
प्रतिदिन
मार्गदर्शन
दिया
जा
रहा
है। इस
शिविर
का
संचालन
शिरोमणि
गुरुद्वारा
प्रबंध
कमेटी
(एसजीपीसी)
की
धर्म
प्रचार
कमेटी
द्वारा
किया
जा
रहा
है।
आयोजन
मध्यप्रदेश
एवं
छत्तीसगढ़
केंद्रीय
श्री
गुरु
सिंह
सभा
के
सहयोग
से
हो
रहा
है।
समाजसेवी
महेंद्र
सिंह
विग
ने
बताया
कि
यह
शिविर
युवाओं
को
सिख
धर्म
की
मूल
शिक्षाओं
से
जोड़ने
का
प्रयास
है।
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सोनम
के
हादसे
के
बाद
इंदौर
के
सभी
पर्यटन
स्थलों
पर
लगेंगे
कैमरे,
लगातार
होगी
निगरानी
वरिष्ठ
पदाधिकारियों
ने
किया
संबोधित
शिविर
में
मध्यप्रदेश
और
छत्तीसगढ़
से
आए
गुरु
सिंह
सभा
के
प्रमुख
पदाधिकारी
सुरजीत
सिंह
टुटेजा,
अमरजीत
सिंह
बग्गा,
रघुवीर
सिंह
खनूजा,
मनप्रीत
सिंह
होरा,
अवतार
सिंह
और
मनजीत
सिंह
खरगोन
ने
युवाओं
को
संबोधित
किया।
स्वर्ण
मंदिर,
अमृतसर
के
मैनेजर
सरदार
सतनाम
सिंह
रियाड़
विशेष
रूप
से
शिविर
में
पहुंचे
और
युवाओं
का
उत्साहवर्धन
किया।
शिविर
के
प्रधानाचार्य
डॉ.
हरभजन
सिंह
ने
नेतृत्व
करते
हुए
शिक्षण
व्यवस्था
की
कमान
संभाली।
शिविर
का
संयोजन
एवं
समन्वय
श्री
गुरु
सिंह
सभा
दूधतलाई
के
अध्यक्ष
सुरजीत
सिंह
(डंग),
संरक्षक
गांधी,
जसविंदर
सिंह
ठकराल
और
सिख
समाज
के
संभागीय
प्रवक्ता
एस.एस.
नारंग
द्वारा
किया
गया।
धर्म
की
बारीकियां
सीख
रहे
बच्चे