Morena News: PHE विभाग में 27 करोड़ रुपए का घोटाला, प्रभारी कार्यपालन यंत्री को किया निलंबित

मध्य
प्रदेश
लोक
स्वास्थ्य
यांत्रिकी
यानि
पीएचई
विभाग
में
ई-टेंडर
घोटाला
सामने
आया
है,
जिसमें
मुरैना
के
प्रभारी
कार्यपालन
यंत्री
पर
आरोप
है
कि
उन्होंने
अपने
चहेते
ठेकेदार
को
टेंडर
देने
के
लिए
निविदा
दरों
में
हेराफेरी
की
गई।
इससे
शासन
को
आर्थिक
हानि
हुई
है।
मामला
संज्ञान
में
आने
के
बाद
उच्च
अधिकारियों
ने
संबंधित
प्रभारी
कार्यपालन
यंत्री
को
तत्काल
प्रभाव
से
निलंबित
कर
दिया
है।
निलंबन
की
अवधि
में
इनका
मुख्यालय,
मुख्य
अभियंता
लोक
स्वास्थ्य
यांत्रिकी
विभाग
ग्वालियर
रहेगा।

ये
भी
पढ़ें- प्रदर्शन
और
पथराव
के
मामले
में
85
नामजद
प्रदर्शनकारियों
के
खिलाफ
मामला
दर्ज,
पूर्व
MLA
भी
शामिल

लोक
स्वास्थ्य
यांत्रिकी
विभाग
के
मुरैना
खंड
में
पदस्थ
रहे
प्रभारी
कार्यपालन
यंत्री
एसएल
बाथम
पर
आरोप
है
कि
ठेकेदार
को
फायदा
पहुंचाने
के
लिए
निविदा
दरों
में
हेरफेर
की
गई
थी।
इसकी
शिकायत
होने
पर
शासन
ने
पूरे
मामले
की
जांच
कराई।
जांच
में
सामने
आया
है
कि
न्यूनतम
दर
डालने
वाले
निविदाकार
को
दरकिनार
कर
प्रभारी
कार्यपालन
यंत्री
एसएल
बाथम
ने
ठेकेदार
के
साथ
मिलीभगत
कर
निविदा
दरों
में
हेरफेर
की
थी।इस
मामले
में
मध्य
प्रदेश
सिविलि
सेवा
नियम
1966
के
अंतर्गत
एसएस
बाथम
को
सस्पेंड
कर
दिया
गया
है।

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पढ़ें- पिता
को
बेटी
से
छेड़छाड़
का
विरोध
करना
पड़ा
भारी,
बीच
सड़क
पर
बदमाशों
ने
पीट
पीटकर
किया
अधमरा

लोक
स्वास्थ्य
यांत्रिकी
विभाग
ने
मुरैना
जिले
में
पहाड़गंज
के
टिकटोली
टूमदार
गांव
में
रेट्रोफिटिंग
योजना
में
जल
जीवन
मिशन
के
अंतर्गत
346
लाख
रुपए
का
टेंडर
जारी
किया
गया
था।
इसकी
निविदा
11
अप्रैल
को
खंड
स्तर
पर
प्रभारी
कार्यपालन
यंत्री
संतोषी
लाल
बाथम
द्वारा
खोली
गई
थी।
इसमें
तीन
लोगों
ने
निविदा
भरी
थी।
इसमें
डंडोदिया
कंस्ट्रक्शन
कंपनी
ने
16.11
प्रतिशत,
मंगलदास
बोरवेल
ने
18.11
प्रतिशत
और
दीनदयान
तिवारी
ने
17.50
प्रतिशत
एसओआर
भरी
थी।
इसमें
सबसे
कम
एसओआर
मंगलदास
बोरवेल
की
थी,
लेकिन
प्रभारी
कार्यपालन
यंत्री
ने
दीनदयाल
की
निविदा
को
बढ़ाकर
19.49
प्रतिशत
कर
दिया।
इसके
साथ
ही
दीनदयाल
से
अनुबंध
करते
हुए
कार्य
आदेश
भी
जारी
कर
दिया।