
गुना
पुलिस
ने
आखिरकार
कुख्यात
अपराधी
मोहर
सिंह
पारदी
को
गिरफ्तार
कर
लिया
है।
मोहर
के
साथ
ही
उसके
एक
साथी
को
भी
पुलिस
ने
पकड़ा
है।
खास
बात
ये
है
कि
पुलिस
जब
आरोपी
मोहर
सिंह
को
पकड़ने
पहुंची
तो
उसने
पुलिसकर्मियों
पर
फायरिंग
कर
दी।
जवाब
में
पुलिस
ने
भी
फायर
किया।
आरोपियों
ने
भागने
की
कोशिश
की।
पुलिस
ने
पीछा
कर
उन्हें
पकड़
लिया।
भागने
के
दौरान
मोहर
सिंह
साथी
की
गाड़ी
से
गिरकर
घायल
हो
गया।
उसके
पैर
में
फ्रैक्चर
है।
पुलिस
ने
उसे
जिला
अस्पताल
में
भर्ती
कराया
है।
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पुलिस
ने
बताया
कि
मुख्य
आरोपी
मोहर
सिंह
पारदी
पर
50
एफआईआर
दर्ज
हैं।
वह
एक
युवक
से
मारपीट
और
प्रताड़ना
के
मामले
में
फरार
चल
रहा
था।
वहीं
उसके
साथी
पर
भी
हत्या,
लूट
और
डकैती
के
मामले
दर्ज
हैं।
19
जनवरी
को
वीरेंद्र
उर्फ
वीरन
पारदी
का
धरनावदा
थाने
के
बीलाखेड़ी
गांव
में
विवाद
हो
गया
था।
इस
दौरान
चली
गोली
से
वह
घायल
हो
गया
था।
इसके
बाद
शहर
के
ही
एक
निजी
अस्पताल
में
भर्ती
कराया
गया
था।
अस्पताल
में
वीरेंद्र
की
देखरेख
के
लिए
उसका
एक
रिश्तेदार
रुका
हुआ
था।
खाना
लेने
के
लिए
रिश्तेदार
युवक
अस्पताल
से
बाहर
आया
था।
उसने
बस
स्टैंड
के
सामने
एक
होटल
से
खाना
पैक
करवाया
और
अस्पताल
लौट
रहा
था।
रास्ते
में
उसे
मोहर
सिंह
पारदी,
मिथुन
और
नरेंद्र
पारदी
निवासी
हड्डीमील
गुना
मिले।
उन्होंने
उसका
अपहरण
किया
और
गढ़ला
गांव
ले
गए।
यहां
एक
सुनसान
जगह
निर्वस्त्र
कर
उसे
जमकर
पीटा।
मारपीट
के
बाद
उल्टा
लटकाया
और
ठंडा
पानी
डाला।
उसने
छोड़ने
की
गुहार
लगाई
तो
जूते
से
फिर
से
पीटा।
आरोपियों
की
प्रताड़ना
यहीं
नहीं
रुकी,
उन्होंने
युवक
के
प्राइवेट
पार्ट
को
प्लास
से
खींचकर
काटने
की
कोशिश
की।
पूरे
घटनाक्रम
का
वीडियो
बनाया
और
सोशल
मीडिया
पर
अपलोड
भी
कर
दिया।
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पर
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की
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लड़की
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पकड़ा,
लोगों
ने
बचाया
मारपीट
करने
के
बाद
आरोपी
कुछ
देर
के
लिए
इधर
उधर
हुए
तो
पीड़ित
वहां
से
भागकर
घर
पहुंचा
और
मां
को
पूरी
कहानी
बताई।
8
फरवरी
को
मां
उसे
लेकर
कोतवाली
थाने
पहुंची
और
शिकायत
दर्ज
करवाई।
पुलिस
ने
मोहर
सिंह,
कालू
पारदी,
मिथुन
पारदी,
नरेंद्र
पारदी
और
एक
अन्य
को
आरोपी
बनाया।
सरगना
मोहर
सिंह
को
छोड़कर
पुलिस
ने
अन्य
को
पहले
ही
गिरफ्तार
कर
लिया
था।
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कर
रहे
वनकर्मी
को
माफियाओं
ने
पीटा
और
दी
जान
से
मारने
की
धमकी,
जैसे
तैसे
भागकर
बचाई
जान
एसपी
अंकित
सोनी
ने
बताया
कि
मंगलवार
को
मुखबिर
से
सूचना
मिली
थी
कि
मोहर
सिंह
पारदी
और
उसका
एक
अन्य
साथी
गढ़ला
गिर्द
के
जंगलों
में
छिपा
है।
राघौगढ़
एसडीओपी
दीपा
डोडवे
के
नेतृत्व
में
कैंट
और
धरनावदा
थाने
के
10
पुलिसकर्मियों
की
एक
टीम
बनाई
गई।
टीम
मौके
पर
पहुंची
और
घेराबंदी
की।
टीम
उसे
पकड़ने
आगे
बढ़ी
ही
थी
कि
जंगल
से
आवाज
आई,
मोहर
दादा
फायर
कर
दो।
इसके
बाद
मोहर
सिंह
ने
पुलिस
टीम
पर
फायर
किया।
उसने
दो
राउंड
फायर
किए।
जवाब
में
एसआई
प्रभात
कटारे
ने
भी
एक
राउंड
फायर
किया।
पुलिस
की
ओर
से
फायर
होते
ही
दोनों
बदमाशों
भागने
की
कोशिश
की।
टीम
ने
घेराबंदी
कर
सरगना
मोहर
सिंह
और
महेंद्र
पारदी
को
पकड़
लिया।