
सीकर
जिले
के
दांतारामगढ़
कस्बे
में
बुधवार
को
नौ
साल
की
एक
छात्रा
की
हार्ट
अटैक
से
हुई
मौत
ने
सभी
को
स्तब्ध
कर
दिया
है।
चौथी
कक्षा
में
पढ़ने
वाली
इस
मासूम
की
मौत
ने
न
सिर्फ
उसके
परिजनों
बल्कि
पूरे
स्कूल
और
समाज
को
गहरे
शोक
में
डुबो
दिया
है।
डॉक्टरों
के
मुताबिक
यह
मामला
अत्यंत
दुर्लभ
है,
क्योंकि
इतनी
कम
उम्र
में
दिल
का
दौरा
पड़ना
चिकित्सा
विज्ञान
की
दृष्टि
से
असामान्य
है।
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स्वस्थ
दिख
रही
थी
बच्ची,
अचानक
अचेत
होकर
गिर
गई
जानकारी
के
मुताबिक,
मृत
बच्ची
की
पहचान
प्राची
कुमावत
के
रूप
में
हुई
है,
जो
दांतारामगढ़
कस्बे
के
आदर्श
विद्या
मंदिर
स्कूल
में
कक्षा
चौथी
की
छात्रा
थी।
प्राची
दो-तीन
दिनों
से
हल्की
सर्दी
और
जुकाम
से
पीड़ित
थी,
जिसके
चलते
वह
स्कूल
नहीं
आ
रही
थी।
बुधवार
को
जब
उसकी
तबीयत
थोड़ी
बेहतर
हुई
तो
वह
स्कूल
पहुंची।
फिर
प्रार्थना
सभा
में
भी
हिस्सा
लिया।
शिक्षक
और
सहपाठी
बताते
हैं
कि
वह
बिल्कुल
सामान्य
और
खुश
नजर
आ
रही
थी।
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चरण
में,
प्रतिष्ठा
25
सितंबर
को
मध्यावकाश
के
समय
जब
प्राची
टिफिन
बॉक्स
खोलकर
भोजन
करने
लगी,
तभी
वह
अचानक
बेहोश
होकर
जमीन
पर
गिर
पड़ी।
स्कूल
स्टाफ
ने
तत्काल
सीएचसी
दांता
में
उसे
भर्ती
कराया।
जहां
डॉ.
आर.
जांगीड़
और
डॉ.
सोभाग
सिंह
ने
उसे
बचाने
का
भरसक
प्रयास
किया।
डेढ़
घंटे
तक
चली
जिंदगी
बचाने
की
कोशिश
चिकित्सकों
के
अनुसार,
बच्ची
को
पहुंचते
ही
दिल
का
दौरा
पड़ा
था,
जिसके
संकेत
स्पष्ट
थे।
करीब
डेढ़
घंटे
तक
CPR
और
अन्य
प्रयासों
के
बावजूद,
प्राची
की
स्थिति
में
सुधार
नहीं
हुआ।
उसे
दो
बार
हार्ट
अटैक
आया
और
तबीयत
बिगड़ती
गई।
हालत
गंभीर
देखकर
बच्ची
को
तुरंत
सीकर
रेफर
किया
गया,
लेकिन
रास्ते
में
ही
उसने
दम
तोड़
दिया।
चिकित्सा
विशेषज्ञ
भी
हैरान,
मामले
की
जांच
शुरू
इस
हादसे
ने
चिकित्सा
विशेषज्ञों
को
भी
गंभीर
चिंतन
के
लिए
मजबूर
कर
दिया
है।
डॉक्टरों
का
कहना
है
कि
इस
उम्र
में
हार्ट
अटैक
बेहद
असामान्य
है
और
संभवतः
यह
किसी
अनदेखी
या
छिपी
हुई
हृदय
संबंधी
बीमारी
या
वायरस
से
जुड़ा
मामला
हो
सकता
है।
चिकित्सकीय
रिपोर्ट
और
पोस्टमार्टम
के
बाद
ही
मौत
के
कारणों
की
पुष्टि
संभव
होगी।
स्कूल
और
समाज
में
पसरा
मातम
विद्यालय
के
प्रधानाचार्य
नंदकिशोर
तिवाड़ी
ने
बताया
कि
प्राची
बेहद
मेधावी
और
विनम्र
स्वभाव
की
छात्रा
थी।
उसकी
अचानक
मौत
ने
पूरे
विद्यालय
परिसर
को
मौन
और
शोक
में
डुबो
दिया
है।
शिक्षक,
विद्यार्थी
और
अभिभावक
सदमे
में
हैं
और
सभी
ने
बच्ची
की
आत्मा
की
शांति
के
लिए
प्रार्थना
की।
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डूबने
से
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के
छात्र
की
हुई
मौत
मासूम
की
मौत
ने
उठाए
सवाल
घटना
के
बाद
स्वास्थ्य
विभाग
और
स्कूल
प्रशासन
पर
भी
सवाल
उठ
रहे
हैं।
विशेषज्ञ
इस
दिशा
में
जांच
कर
रहे
हैं
कि
कहीं
यह
कोई
वायरल
या
जेनेटिक
कारण
तो
नहीं,
जिससे
भविष्य
में
बच्चों
की
स्वास्थ्य
जांच
में
सतर्कता
बरती
जा
सके।
रील
बनाकर
सोई
16
साल
की
लावण्या,
फिर
कभी
नहीं
उठी
वहीं,
मध्य
प्रदेश
के
इंदौर
के
परदेशीपुरा
थाना
क्षेत्र
अंतर्गत
कुलकर्णी
का
भट्टा
निवासी
16
वर्षीय
लावण्या
जैन
की
रहस्यमय
हालात
में
मौत
हो
गई।
इस
मामले
ने
लोगों
को
चौंका
दिया
है,
क्योंकि
मृतका
की
उम्र
महज
16
वर्ष
थी।
जानकारी
के
अनुसार
लावण्या
ने
सोशल
मीडिया
के
लिए
एक
रील
बनाई
और
फिर
सो
गई।
जब
काफी
देर
तक
नहीं
उठी
तो
परिजनों
ने
उसे
जगाने
की
कोशिश
की,
लेकिन
वह
नहीं
उठी।
अस्पताल
ले
जाते
ही
डॉक्टरों
ने
किया
मृत
घोषित
परिजन
उसे
तत्काल
पास
के
एक
निजी
अस्पताल
लेकर
पहुंचे,
जहां
डॉक्टरों
ने
उसे
मृत
घोषित
कर
दिया।
मौत
की
जानकारी
मिलते
ही
परिवार
पर
दुखों
का
पहाड़
टूट
पड़ा।
युवती
की
अचानक
मौत
को
लेकर
परिवार
को
संदेह
है
कि
उसे
दिल
का
दौरा
(हार्ट
अटैक)
आया
था।
पुलिस
को
इस
संबंध
में
सूचना
दी
गई
और
मर्ग
कायम
कर
जांच
प्रक्रिया
प्रारंभ
कर
दी
गई
है।