
निवाड़ी
जिले
के
ओरछा
में
ऐतिहासिक
एवं
धार्मिक
महत्व
से
अभिभूत
होकर
रूस
से
आए
पर्यटक
आर्टेम
ने
अपने
परिवार
के
साथ
स्थानीय
नवीन
यज्ञ
शाला
में
विशेष
पूजा
अर्चना
कर
अपना
21वां
जन्मदिन
मनाया
है। विदेशी
पर्यटक
ने
हिंदू सनातन
नीति
के
अनुसार अन्न
दान
किया। आर्टेम
का
कहना
है
कि उन्हें
भारत
के
तीर्थ
एवं
धार्मिक
स्थलों
पर
बहुत
शांति
मिलती
है,
उनका
कहना
है
कि यहां
पर
विराजे
श्रीरामराजा
सरकार
के
विषय
में
उन्होंने
बहुत
पढ़ा
था। आज
दर्शन
हो
सके
हैं,
यहां
आकर
उन्हें
बहुत
अच्छा
लगा
है।
एक
ओर
हमारे
देश
के
युवा
जहां
पाश्चात्य
संस्कृति
की
ओर
अंधे
होकर
भाग
रहे
हैं तो
दूसरी
ओर
विदेशी
आत्मशांति
के
लिए
भारत
आकर
भगवान
की
शरण
ले
रहे
हैं। इसका
जीता
जागता
उदाहरण
विश्व
प्रसिद्ध
पर्यटन
नगरी
ओरछा
में
दिखाई
दिया। जहां
रूस
निवासी
आर्टेम
अपने
पूरे
परिवार
के
साथ
ओरछा
आए
थे। आर्टेम
का
कहना
है
कि वह
ओरछा
पहली
बार
आए
हैं,
उन्होंने
ओरछा
के
बारे
में
बहुत
सुना
था। इसलिए
इस
बार
उन्हें
पहले
से
ही
प्लान
कर
लिया
था
कि वह
ओरछा
में
आकर
श्रीरामराजा
के
दर्शन
करेंगे
और
यहीं
पर
अपना
जन्मदिन
मनाएंगे।
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प्रशासन
ने
तत्काल
लिया
एक्शन,
जानें
मामला
जन्मदिन
मनाने
के
साथ
उन्होंने
सत्यनारायण
कथा
का
आयोजन
किया
और
ओरछा
मंदिर
के
बाहर
बैठे
श्रद्धालुओं
और
भिखारी
को
प्रसाद
वितरण
किया। यह
प्रसाद
वितरण
उन्होंने
स्वयं
अपने
हाथों
से
किया।
आर्टेम
का
कहना
है
कि
इस
तरह
करने
से
उनकी
मन
को
शांति
और
सुकून
मिलता
है।
इसलिए
वह
भारतीय
संस्कृति
की
ओर
आकर्षित
हुए
हैं।
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रूप
से
संचालित
अस्पताल
सील,
हॉस्पिटल
में
पदस्थ
MD
डॉक्टर
का
भाई
कर
रहा
था
संचालित
उन्होंने
कहा
कि
ओरछा
आकर उनके
मन
को
शांति
मिली
है
और
इसके
लिए
उन्होंने
पहले
से
प्लान
तय
किया
हुआ
था।
वह
अपने
परिवार
के
साथ ओरछा
पहुंची
और
उन्होंने
सत्यनारायण
भगवान
की
कथा
करने
के
बाद
प्रसाद
का
वितरण
किया।
इस
कार्यक्रम
में
जहां
स्थानीय
लोग
शामिल
हुए।
वहीं,
रूस
से
आए
उसके
परिवार
के
सदस्य
भी
शामिल
हुए।