
भोपाल
क्राइम
ब्रांच
ने
राजस्थान
के
एक
ऐसे
शातिर
ठग
गिरोह
के
दो
आरोपियों
को
गिरफ्तार
किया
है,
जो
पुलिस
और
प्रशासन
के
वरिष्ठ
अधिकारियों
के
फोटो
लगाकर
फर्जी
फेसबुक
आईडी
बनाते
हैं
और
उनके
कांट्रेक्ट
लिस्ट
में
जुड़े
लोगों
को
मैसेज
भेजकर
संपर्क
करते
हैं।
इसके
बाद
कभी
मजबूरी
बताकर
पैसों
की
मांग
तो
कभी
ट्रांसफर,
पोस्टिंग
कराने
का
झांसा
देकर
पैसे
की
वसूली
करते
हैं।
इस
गिरोह
के
कुछ
सदस्य
फरार
हैं।
पुलिस
उनकी
गिरफ्तारी
के
प्रयास
रही
है।
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एडीसीपी
क्राइम
ब्रांच
शैलेंद्र
सिंह
चौहान
ने
बताया
कि
राजस्थान
के
अलवर
से
12
वीं
पास
बीरबल
प्रजापत
को
गिरफ्तार
किया
गया
है।
यह
पीओएस
एजेंट
और
मोबाइल
मरम्मत
की
दुकान
चलाता
है।
एक
नाबालिग
भी
पकड़ा
गया
है।
नाबालिग
खेती
करता
है
और
कक्षा
पांचवीं
तक
पढ़ा
है।
यह
गिरोह
सिम
कार्ड
के
जरिए
फर्जीवाड़ा
करता
था।
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निकली
सोनम…
चेहरा
तक
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देख
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कोई;
गाड़ी
से
उतरते
ही
लगी
सवालों
की
झड़ी
एडीसीपी
चौहान
ने
बताया
कि
भोपाल
के
हबीबगंज
थाना
क्षेत्र
में
रहने
वाले
एक
वरिष्ठ
व्यक्ति
ने
शिकायत
की
थी
कि
उनके
फेसबुक
पर
फर्जी
प्रोफाइल
तैयार
की
गई
है।
मामला
गंभीर
होने
के
कारण
तत्कार
प्रकरण
दर्ज
कर
जांच
शुरू
की
गई।
साइबर
टीम
ने
जांच
में
पाया
कि
यह
गिरोह
राजस्थान
में
सक्रिय
है।
इसके
बाद
टीम
अलवर
भेजी
गई
थी।
यह
गिरोह
पकड़े
गए
नाबालिग
के
नाम
से
सिम
को
एक्टिवेट
कराया
और
पीओएस
एजेंट
बीरबल
प्रजापत
के
जरिए
सिम
को
एक्टिवेट
कराया
गया।
इसके
बाद
उक्त
सिम
को
300
रुपये
में
साइबर
ठग
गिरोह
को
बेची
गई।
इसी
सिम
के
जरिए
फर्जी
फेसबुक
प्रोफाइल
बनाकर
चलाई
जा
रही
थी।
चौहान
ने
बताया
कि
अभी
नाबालिग
सहित
दो
आरोपी
पकड़े
गए
हैं,
लेकिन
मुख्य
आरोपी
अभी
भी
पुलिस
की
पहुंच
से
दूर
हैं।
मुख्य
आरोपियों
की
धरपकड़
के
लिए
स्थानीय
पुलिस
के
साथ
भी
संपर्क
बना
हुआ
है।
गिरफ्तार
आरोपियों
से
पूछताछ
के
बाद
पता
चलेगा
कि
साइबर
ठगी
करने
वाले
गिरोह
में
कितने
लोग
शामिल
हैं
और
कहां-कहां
से
यह
अपना
गिरोह
संचालित
कर
रहे
थे।