
दमोह
कोतवाली
थाना
क्षेत्र
के
सिविल
वार्ड
सात
में
हुई
लाखों
रुपए
के
जेवरात
चोरी
करने
वाले
आरोपियों
को
पुलिस
ने
24
घंटे
में
ही
गिरफ्तार
कर
लिया।
इस
घटना
में
पीड़ित
का
रिश्तेदार
ही
चोरी
का
मुख्य
आरोपी
निकला।
इसके
पास
से
चोरी
किया
गया
माल
बरामद
किया
गया।
शुक्रवार
दोपहर
सीएसपी
अभिषेक
तिवारी
ने
पूरे
मामले
का
खुलासा
कर
दिया।
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IAS
से
25
लाख
रुपए
की
ठगी,
प्लायवुड
के
धंधे
में
मोटी
कमाई
का
लालच
देकर
पार्टनर
बनाकर
ठगा
सीएसपी
ने
बताया
सिविल
वार्ड
सात
में
रहने
वाले
अभिलाष
यादव
ने
29
मई
को
कोतवाली
में
शिकायत
दर्ज
कराई
थी
कि 28
मई
की
रात
उनके
घर
से
अज्ञात
चोरों
द्वारा
करीब
12
तोला
सोना
और
डेढ़
किलो
चांदी
सहित
करीब
14
लाख
रुपए
की
चोरी
की
घटना
को
अंजाम
दिया
है।
पुलिस
ने
रिपोर्ट
दर्ज
करने
के
बाद
आरोपियों
की
तलाश
शुरू
कर
दी
और
गिरफ्तारी
के
लिए
एसपी
के
निर्देशन
ने
स्पेशल
टीम
का
गठन
किया
गया।
पुलिस
ने
जांच
शुरू
की
तो
पाया
चोर
ने
इस
तरह
इतनी
बड़ी
घटना
को
अंजाम
दिया
है।
जैसे
उसे
यह
पता
हो
कि
जेवरात
कहां-
कहां
रखे
हैं।
क्योंकि
आरोपियों
द्वारा
घर
में
ज्यादा
तोड़-फोड़
नहीं
की
गई
थी।
पुलिस
टीम
द्वारा
संदेहियों
को
पकड़कर
चोरी
के
संबंध
में
पूछताछ
की।
जिनके
द्वारा
चोरी
करना
स्वीकार
किया
एवं
उनके
पास
से
चोरी
किया
माल
बरामद
हुआ।
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से
छेड़छाड़
मामले
में
एनएसयूआई
ने टीआईटी
कॉलेज
में
किया
प्रदर्शन, डायरेक्टर
को
पद
से
हटाया
पकड़े
गए
आरोपियों
में
नैतिक
उर्फ
आयुष
पिता
उमेश
यादव
(19)
निवासी
आमचौपरा
देहात
थाना
दमोह
और
राहुल
पिता
हरिशंकर
सोनी
(20)
निवासी
वैशाली
नगर
ने
चोरी
करना
कबूल
कर
लिया।
आरोपियों
ने
चोरी
किए
जेवर
को
आमचोपरा
के
पास
छिपा
दिया
था।
आरोपियों
के
पास
से
सोने,
चांदी
के
आभूषण,
एक
लंहगा
एवं
13700
रुपये
नगद
कुल
मशरुका
14
लाख
रुपये
बरामद
की
गई।
आरोपियों
को
न्यायालय
में
पेश
करने
के
बाद
जेल
भेज
दिया
है।