
ब्यौहारी
के
वन
परिक्षेत्र
गोदावल
में
बीती
रात
एक
जंगली
हाथी
ने
तांडव
मचाया।
आधा
दर्जन
से
अधिक
घरों
को
नुकसान
भी
पहुंचाया,
जिससे
ग्रामीणों
में
काफी
गुस्सा
है।
ग्रामीणों
का
कहना
है
कि
वन
विभाग
की
टीमें
लगातार
हाथी
की
निगरानी
तो
कर
रही
हैं,
लेकिन
हुए
नुकसान
का
मुआवजा
बनाने
में
राजस्व
लेट
लतीफी
कर
रहा
है।
लोगों
की
मांग
है
कि
इस
जंगली
हाथी
को
रेस्क्यू
कर
बांधवगढ़
जंगल
में
छोड़ा
जाए।
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ब्यौहारी
के
गोदावल
रेंज
बांधवगढ़
जंगल
से
सटा
हुआ
है,
जिसकी
वजह
से
आए
दिन
यहां
जंगली
जानवरों
का
आना-जाना
आम
है।
रेंजर
ने
बताया
कि
बांधवगढ़
जंगल
में
जंगली
हाथियों
का
झुंड
है,
जिससे
भटककर
एक
हाथी
इस
क्षेत्र
में
आ
गया
है।
और
उसने
6
से
अधिक
घरों
को
नुकसान
पहुंचा
है।
स्थानीय
लोगों
की
जानकारी
के
बाद
हमने
वन
विभाग
की
टीमें
मौके
पर
भेजी
हैं,
जो
जंगली
हाथी
की
निगरानी
कर
रही
हैं।
आसपास
के
गांव
में
मुनादी
भी
की
गई
है
कि
लोग
सतर्क
हो
जाएं।
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कर
बाहर
निकाला
रेंजर
गोदावल
रजनीश
त्रिपाठी
ने
स्पष्ट
किया
है
कि
जिन
घरों
को
हाथी
ने
नुकसान
पहुंचा
है,
हम
मौके
पर
पहुंच
नुकसान
हुए
चीजों
का
पंचनामा
तैयार
कर
राजस्व
विभाग
को
इसकी
जानकारी
दे
चुके
हैं।
अब
राजस्व
विभाग
नुकसान
का
मुआवजा
देने
की
प्रक्रिया
करेगी।
जिनके
घरों
में
हाथी
ने
नुकसान
किया
है
उनमें
नाम
दीनदयाल
सिंह,
सुबह
लाल
सिंह,
राधेलाल
सिंह,
कौशल
सिंह
एवम
सुरेंद्र
चौधरी
शामिल
हैं।
इनके
अलावा
कुछ
अन्य
लोगों
ने
मुआवजे
की
राशि
कम
और
लेट
लतीफी
से
देने
का
राजस्व
विभाग
पर
आरोप
भी
लगाया
है।
ग्रामीणों
का
कहना
है
कि
हमारे
क्षेत्र
में
लगातार
जंगली
हाथियों
का
मूवमेंट
रहता
है।
इसके
पहले
भी
कई
बार
जंगली
हाथी
ने
हमारे
क्षेत्र
में
कई
घरों
को
नुकसान
पहुंचाया
था।
वन
विभाग
ने
अपना
कार्य
किया,
लेकिन
राजस्व
विभाग
लेट
लतीफी
कर
नुकसान
हुई
राशि
में
कटौती
करता
है।
जिससे
हुए
नुकसान
की
भरपाई
नहीं
हो
पाती।
दूसरी
ओर
शहडोल
वन
परिक्षेत्र
की
सीमा
पर
चार
जंगली
हाथी
पिछले
पांच
दिनों
से
मौजूद
हैं।
इधर
भी
कई
घरों
को
हाथियों
ने
नुकसान
पहुंचा
है।
यह
हाथी
अभी
घुनघुटी
वन
परिक्षेत्र
में
हैं।