
अखिल
भारतीय
किसान
सभा
के
संयुक्त
सचिव
बादल
सरोज
शनिवार
को
एक
दिवसीय
प्रवास
पर
रीवा
पहुंचे।
उन्होंने
पत्रकार
वार्ता
के
दौरान
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
और
अमेरिकी
राष्ट्रपति
डोनाल्ड
ट्रंप
की
दोस्ती
पर
सवाल
उठाए।
साथ
ही,
एमपी
सरकार
द्वारा
आयोजित
ग्लोबल
इन्वेस्टर
समिट
को
फ्रॉड
बताया
और
उत्तर
प्रदेश
के
मुख्यमंत्री
योगी
आदित्यनाथ
पर
भी
जमकर
हमला
बोला।
बादल
सरोज
ने
कहा
कि
महाकुंभ
में
कितने
श्रद्धालुओं
की
मौत
हुई,
इसका
आंकड़ा
सरकार
के
पास
नहीं
है।
लेकिन,
66
करोड़
21
लाख
श्रद्धालु
महाकुंभ
में
डुबकी
लगाने
पहुंचे,
इसका
आंकड़ा
उनके
पास
मौजूद
है।
बादल
सरोज
ने
कहा
कि
हाल
ही
में
भोपाल
में
आयोजित
इन्वेस्टर
समिट
का
समापन
हुआ
है।
उन्होंने
आरोप
लगाया
कि
अब
तक
आयोजित
सात
समिटों
में
सैकड़ों
करोड़
रुपये
खर्च
किए
गए,
लेकिन
इनमें
न
तो
कोई
कारखाना
खुला
और
न
ही
कोई
संस्थान
स्थापित
हुआ।
इस
बार
की
आठवीं
समिट
में
तो
स्थिति
और
भी
खतरनाक
हो
गई
है।
उन्होंने
कहा
कि
कमलनाथ
सरकार
के
समय
एक
और
शिवराज
सरकार
में
छह
समिट
आयोजित
हुई
थीं,
जिनका
कम
से
कम
कोई
विवरण
तो
सामने
आया
था
कि
किस
कंपनी
ने
कितने
करोड़
रुपये
के
निवेश
की
घोषणा
की।
लेकिन,
इस
बार
आयोजित
हुई
समिट
में
कोई
विवरण
नहीं
दिया
गया।
सिर्फ
एरिया
के
हिसाब
से
आंकड़े
दिए
गए।
बादल
सरोज
ने
कहा
कि
यह
एक
बहुत
बड़ा
फ्रॉड
किसानों
के
साथ
होने
वाला
है,
क्योंकि
MOU
के
नाम
पर
जमीन
ले
ली
जाएगी
और
किसानों
को
बेदखल
कर
दिया
जाएगा।
बादल
सरोज
ने
सरकार
से
मांग
की
कि
एक
व्हाइट
पेपर
जारी
किया
जाए,
जिसमें
यह
बताया
जाए
कि
पिछली
इन्वेस्टर
समिट
में
हुए
हजारों
करोड़
के
करारों
में
से
कितने
कारखाने
स्थापित
हुए।
खनिज
संपदा
और
अडानी
पर
निशाना
बादल
सरोज
ने
कहा
कि
विंध्य
क्षेत्र
में
खनिज
संपदा
प्रचुर
मात्रा
में
है
और
अब
यह
आशंका
है
कि
अडानी
समूह
यहां
पैर
जमाने
वाला
है।
उन्होंने
आरोप
लगाया
कि
जहां-जहां
अडानी
समूह
गया,
वहां
स्थानीय
लोगों
को
रोजगार
नहीं
मिला,
बल्कि
विनाश
हुआ।
उन्होंने
मांग
की
कि
इस
क्षेत्र
में
ऐसे
किसी
भी
निवेश
की
अनुमति
न
दी
जाए,
जो
आगे
चलकर
घोटाला
साबित
हो।
उन्होंने
वीडियोकॉन
घोटाले
का
उदाहरण
देते
हुए
कहा
कि
कई
साल
पहले
रीवा
के
डभौरा
में
वीडियोकॉन
ने
हजारों
एकड़
जमीन
ली
थी,
बैंकों
से
सैकड़ों
करोड़
का
लोन
लिया,
लेकिन
आज
तक
वहां
एक
भी
फैक्ट्री
नहीं
बनी।
कुंभ
मेले
की
मार्केटिंग
पर
हमला
बादल
सरोज
ने
कहा
कि
कुंभ
का
आयोजन
धर्म,
श्रद्धा
और
आस्था
का
प्रतीक
रहा
है,
लेकिन
अब
इसे
एक
इवेंट
बनाकर
मार्केटिंग
की
जा
रही
है।
उन्होंने
कहा
कि
अमेरिकी
उद्योगपति
एलन
मस्क
की
पत्नी
कुंभ
में
आईं,
तो
उनके
लिए
एक
किलोमीटर
का
कैंपस
खाली
करवा
दिया
गया।
कुंभ
मेले
को
इस
तरह
प्रचारित
किया
गया,
मानो
बिना
अमीर
लोगों
की
उपस्थिति
के
वहां
कभी
आयोजन
हुआ
ही
न
हो।
उन्होंने
उत्तर
प्रदेश
सरकार
के
दावों
पर
सवाल
उठाते
हुए
कहा
कि
66
करोड़
21
लाख
श्रद्धालु
कुंभ
में
शामिल
हुए,
यह
आंकड़ा
सरकार
के
पास
है,
लेकिन
हादसों
में
मारे
गए
श्रद्धालुओं
का
आंकड़ा
नहीं
है।
उन्होंने
आरोप
लगाया
कि
सरकार
धर्म
और
श्रद्धा
के
नाम
पर
भी
व्यापार
करने
की
कोशिश
कर
रही
है।
मोहन
सरकार
और
नाम
बदलने
की
राजनीति
बादल
सरोज
ने
मध्य
प्रदेश
के
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
पर
भी
निशाना
साधते
हुए
कहा
कि
किसान
बदहाल
हैं,
लेकिन
सरकार
गांवों
के
नाम
बदलने
में
लगी
हुई
है।
उन्होंने
कटाक्ष
करते
हुए
कहा
कि
कहीं
मऊगंज
का
नाम
भी
न
बदल
दिया
जाए।
मोदी-ट्रंप
की
दोस्ती
पर
सवाल
बादल
सरोज
ने
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
और
अमेरिका
के
पूर्व
राष्ट्रपति
डोनाल्ड
ट्रंप
की
दोस्ती
पर
सवाल
उठाते
हुए
कहा
कि
अमेरिका
ने
भारतीय
नागरिकों
के
साथ
जो
किया,
वह
अस्वीकार्य
है।
उन्होंने
कहा
कि
जो
भारतीय
नागरिक
अमेरिका
गए,
उन्हें
40-40
घंटे
तक
हथकड़ियों
और
बेड़ियों
में
बांधकर
सेना
के
हवाई
जहाज
से
अमृतसर
एयरपोर्ट
पर
उतारा
गया।
उन्होंने
कहा
कि
पहले
की
सरकारें
अमेरिका
के
साथ
कूटनीतिक
रिश्ते
रखती
थीं,
लेकिन
अब
भारत
को
महाशक्ति
कहने
वाले
लोग
अमेरिका
के
सामने
झुक
रहे
हैं।