
छिंदवाड़ा
जिले
के
चौरई
के
प्रसिद्ध
श्रीराम-जानकी
मंदिर
से
जुड़े
90
लाख
रुपये
के
गबन
मामले
में
हाईकोर्ट
ने
बड़ा
फैसला
सुनाया
है।
मंदिर
की
पूर्व
साध्वी
लक्ष्मी
दास
(रीना
रघुवंशी)
को
करारा
झटका
देते
हुए
कोर्ट
ने
उनकी
वह
अर्जी
खारिज
कर
दी
है,
जिसमें
उनकी
ओर
से
जमानत
की
पूर्व
शर्त
हटाने
की
मांग
की
थी।
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दरअसल,
दिसंबर
2024
में
मध्यप्रदेश
हाईकोर्ट
ने
साध्वी
लक्ष्मी
दास
को
90
लाख
रुपये
जमा
करने
की
शर्त
पर
अग्रिम
जमानत
दी
थी।
लेकिन,
अब
आरोपी
ने
कोर्ट
में
नई
अर्जी
लगाकर
कहा
कि
उसके
पास
इतनी
रकम
नहीं
है,
इसलिए
इस
शर्त
को
हटाया
जाए।
सुनवाई
के
बाद
न्यायमूर्ति
पीके
अग्रवाल
की
एकलपीठ
ने
अर्जी
खारिज
करते
हुए
कहा
कि
आरोपी
ने
अदालत
को
गुमराह
कर
जमानत
आदेश
हासिल
किया
था।
कोर्ट
ने
आरोपी
के
भाई
हर्ष
रघुवंशी
को
पहले
से
दी
गई
जमानत
भी
रद्द
कर
दी
है।
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महंत
के
खाते
से
जुड़वाया
मोबाइल,
उड़ाए
पैसे
मामला
17
अप्रैल
2023
का
है,
जब
मंदिर
के
महंत
कनक
बिहारी
दास
महाराज
की
नरसिंहपुर
में
सड़क
हादसे
में
मौत
हो
गई
थी।
इसके
बाद
आरोपी
साध्वी
ने
फर्जीवाड़ा
कर
महंत
के
बैंक
अकाउंट
में
अपना
मोबाइल
नंबर
जुड़वाया
और
नेट
बैंकिंग
से
मंदिर
के
नाम
जमा
90
लाख
रुपये
हड़प
लिए।
मंदिर
के
पुजारी
श्याम
सिंह
ने
मामले
में
एफआईआर
दर्ज
कराई।
जांच
में
फर्जीवाड़े
की
पुष्टि
हुई।
इसके
बाद
दोनों
आरोपी
साध्वी
और
उनके
भाई
कोर्ट
पहुंचे
थे।
लेकिन,
अब
कोर्ट
के
सख्त
रुख
के
बाद
अब
दोनों
आरोपियों
की
गिरफ्तारी
की
संभावना
बढ़
गई
है।